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India-US Trade Deal: चीन-पाकिस्तान के मुकाबले कम हुआ टैरिफ; अमेरिका के साथ व्यापार समझौते से भारत को बड़ी बढ़त
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 03 Feb 2026 09:24 AM IST
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सार
India-US Trade Deal: अमेरिका के साथ व्यापार समझौता लागू होने के बाद भारत अब पड़ोसी देशों के मुकाबले कम टैरिफ देने वालों की सूची में आ गया है। 18 फीसदी टैरिफ के साथ भारत अब चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों से बेहतर स्थिति में आ गया है और अमेरिका के प्रमुख सहयोगियों के करीब पहुंच गया है।
पड़ोसी देशों के मुकाबले भारत पर घटा टैरिफ
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
भारत और अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार समझौते से भारत को बड़ी राहत मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि भारतीय सामानों पर अमेरिका में लगने वाला टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। इससे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक तनाव में कमी आएगी।
50% से 18% कैसे हुआ टैरिफ?
अमेरिका पहले भारत पर कुल 50 फीसदी शुल्क लगता था। इसमें 25% पारस्परिक टैरिफ और 25% अतिरिक्त टैरिफ शामिल था, जो भारत की तरफ रूसी तेल खरीदने पर लगाई गई थी। अब नए समझौते के तहत अमेरिका ने रूसी तेल से जुड़ी अतिरिक्त 25 फीसदी कर हटा दिया है। अब सिर्फ संशोधित पारस्परिक टैरिफ लागू रहेगा, जिससे कुल दर 18 फीसदी रह गई है।
यह भी पढ़ें - Congress on Trade Deal: भारत-US ट्रेड डील पर कांग्रेस हमलावर, कहा- सीजफायर की तरह इसका एलान भी ट्रंप ने किया
दूसरे देशों के मुकाबले भारत की स्थिति
नई टैरिफ दर के बाद भारत को क्षेत्रीय और वैश्विक प्रतिस्पर्धियों पर साफ बढ़त मिल गई है।
भारत के पड़ोसी देशों पर कितना टैरिफ?
ज्यादा टैरिफ वाले देश
भारत से कम टैरिफ वाले प्रमुख देश
ट्रंप का दावा और भारत का रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर कहा कि भारत के साथ बातचीत सम्मानजनक रही। उन्होंने दावा किया कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी तेल की खरीद कम करने और अमेरिका (और संभवतः वेनेजुएला) से तेल खरीद बढ़ाने पर सहमति जताई है। ट्रंप का कहना है कि इससे रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने में मदद मिलेगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने हाल के महीनों में रूस से तेल आयात घटाया है और जनवरी में यह करीब 12 लाख बैरल प्रतिदिन रहा।
यह भी पढ़ें - India-US Trade: ट्रेड डील से किसानों और उद्यमियों को कितना लाभ? सरकार का दावा- मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा
समझौते में अभी कई बातें साफ नहीं
हालांकि बड़े एलान के बावजूद समझौते की कई जानकारियां अभी सामने नहीं आई हैं। जैसे कि नया टैरिफ कब से लागू होगा? भारत किन अमेरिकी उत्पादों की खरीद बढ़ाएगा? और व्यापार बाधाएं कैसे कम होंगी? इन सवालों पर दोनों देशों की ओर से अभी विस्तृत जानकारी आना बाकी है।
यूरोपीय यूनियन के साथ भी बड़ी डील
यह समझौता ऐसे समय आया है, जब भारत ने हाल ही में यूरोपीय यूनियन के साथ भी एक बड़ा व्यापार एग्रीमेंट किया है, जिसमें 96 फीसदी से ज्यादा वस्तुओं पर टैरिफ कम या खत्म करने की बात कही गई है, हालांकि कुछ कृषि उत्पाद इसमें शामिल नहीं हैं। कुल मिलाकर, अमेरिका के साथ नई डील से भारत को निर्यात में बढ़त, उद्योगों को प्रोत्साहन और वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति मिलने की उम्मीद है।
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50% से 18% कैसे हुआ टैरिफ?
अमेरिका पहले भारत पर कुल 50 फीसदी शुल्क लगता था। इसमें 25% पारस्परिक टैरिफ और 25% अतिरिक्त टैरिफ शामिल था, जो भारत की तरफ रूसी तेल खरीदने पर लगाई गई थी। अब नए समझौते के तहत अमेरिका ने रूसी तेल से जुड़ी अतिरिक्त 25 फीसदी कर हटा दिया है। अब सिर्फ संशोधित पारस्परिक टैरिफ लागू रहेगा, जिससे कुल दर 18 फीसदी रह गई है।
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यह भी पढ़ें - Congress on Trade Deal: भारत-US ट्रेड डील पर कांग्रेस हमलावर, कहा- सीजफायर की तरह इसका एलान भी ट्रंप ने किया
दूसरे देशों के मुकाबले भारत की स्थिति
नई टैरिफ दर के बाद भारत को क्षेत्रीय और वैश्विक प्रतिस्पर्धियों पर साफ बढ़त मिल गई है।
भारत के पड़ोसी देशों पर कितना टैरिफ?
- बांग्लादेश: 20%
- वियतनाम: 20%
- मलयेशिया: 19%
- कंबोडिया: 19%
- थाईलैंड: 19%
- पाकिस्तान: 19%
ज्यादा टैरिफ वाले देश
- चीन: 34%
- ब्राजील: 50%
- दक्षिण अफ्रीका: 30%
- म्यांमार: 40%
- लाओस: 40%
भारत से कम टैरिफ वाले प्रमुख देश
- यूरोपीय यूनियन: 15%
- जापान: 15%
- दक्षिण कोरिया: 15%
- स्विट्जरलैंड: 15%
- यूनाइटेड किंगडम: 10%
ट्रंप का दावा और भारत का रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर कहा कि भारत के साथ बातचीत सम्मानजनक रही। उन्होंने दावा किया कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी तेल की खरीद कम करने और अमेरिका (और संभवतः वेनेजुएला) से तेल खरीद बढ़ाने पर सहमति जताई है। ट्रंप का कहना है कि इससे रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने में मदद मिलेगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने हाल के महीनों में रूस से तेल आयात घटाया है और जनवरी में यह करीब 12 लाख बैरल प्रतिदिन रहा।
यह भी पढ़ें - India-US Trade: ट्रेड डील से किसानों और उद्यमियों को कितना लाभ? सरकार का दावा- मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा
समझौते में अभी कई बातें साफ नहीं
हालांकि बड़े एलान के बावजूद समझौते की कई जानकारियां अभी सामने नहीं आई हैं। जैसे कि नया टैरिफ कब से लागू होगा? भारत किन अमेरिकी उत्पादों की खरीद बढ़ाएगा? और व्यापार बाधाएं कैसे कम होंगी? इन सवालों पर दोनों देशों की ओर से अभी विस्तृत जानकारी आना बाकी है।
यूरोपीय यूनियन के साथ भी बड़ी डील
यह समझौता ऐसे समय आया है, जब भारत ने हाल ही में यूरोपीय यूनियन के साथ भी एक बड़ा व्यापार एग्रीमेंट किया है, जिसमें 96 फीसदी से ज्यादा वस्तुओं पर टैरिफ कम या खत्म करने की बात कही गई है, हालांकि कुछ कृषि उत्पाद इसमें शामिल नहीं हैं। कुल मिलाकर, अमेरिका के साथ नई डील से भारत को निर्यात में बढ़त, उद्योगों को प्रोत्साहन और वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति मिलने की उम्मीद है।
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