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West Asia Crisis: पश्चिम एशिया में जारी तनाव से आभूषण सेक्टर पर पड़ रहा असर, क्या कहते हैं विशेषज्ञ? जानें

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Riya Dubey Updated Sat, 07 Mar 2026 06:23 PM IST
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सार

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और उड़ानों के रद्द होने से भारत के जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात में अस्थिरता आ गई है। एयर कार्गो रूट प्रभावित होने, डॉलर में उतार-चढ़ाव और शिपमेंट बीमा लागत बढ़ने से कारोबारियों की चिंता बढ़ी है। आइए विस्तार से जानते हैं। 

The ongoing tensions in West Asia are affecting the jewellery sector. What do experts say
आभूषण सेक्टर पर कैसे संकट? - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितता की वजह से भारतीय जेम्स एंड ज्वेलरी के निर्यात में अस्थिरता का दौर चल रहा है। इसका मुख्य कारण हवाई उड़ाने बंद होना है, जिससे पश्चिम एशिया में एयर कार्गो के रूट में परेशानी आर रही है।

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कामा ज्वेलरी के एमडी कॉलिन शाह बताते हैं, अमेरिका-इस्राइल-ईरान के बीच जारी संघर्ष से भारत के जेम्स एंड ज्वेलरी क्षेत्र पर असर पड़ा है। विशेष रूप से इस्राइल और दुबई को निर्यात और आयात होने वाले कारोबार पर असर पड़ेगा। साथ ही डॉलर के मूल्य में उतार-चढ़ाव की वजह से भी निर्यातकों में अनिश्चितता बनी हुई है। इसी वजह से विदेशी खरीदार कारोबार करने में सावधानी बरत रहे हैं।

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फ्री-फ्लो ट्रेड को लेकर क्या बोले विशेषज्ञ?

उन्होंने कहा कि फ्री-फ्लो ट्रेड तभी मुमकिन है, जब लॉजिस्टिक की रुकावटें समाप्त हो जाए। इसके अलावा शिपमेंट पर इंश्योंरेस में तीन गुना से चार गुना की बढ़ोतरी एक और चिंता की बात है। इससे टेडर्स के पहले से ही प्रभावित मार्जिन और कम हो रहे हैं।  


शाह कहते हैं, बावजूद इसके जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट के मामले में मांग और आपूर्ति का तालमेल अभी ठीक से चल रहा है, क्योंकि पहले से प्रभावित मांग को पूरा करने के लिए काफी इंवेट्री मौजूद है। हमें उम्मीद है कि युद्ध में शामिल देश जल्द ही आपसी सहमति से समझौता कर लेंगे और कारोबार की रुकावटे समाप्त हो जाएंगी।

इस्राइल है कच्चे माल और महंगे हीरों का प्रमुख बाजार

हीरा कारोबारी महेश कोठारी बताते हैं, इस्राइल कच्चे माल और महंगे हीरों का प्रमुख बाजार है। युद्ध की वजह से उद्योग में तनाव बढ़ेगा और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी और रुकावट के साथ कई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे बंद होने की वजह से परेशानी बढ़ रही है।

दुबई क्यों है जरूरी?

कोठारी कहते हैं, दुबई वैश्विक व्यापार का मुख्य केंद्र है और हमारे लिए महत्वपूर्ण बाजार है, क्योंकि दुबई कच्चे माल का विश्व का सबसे बड़ा व्यापारिक बाजार है। हम वहां से कच्चा माल आयात करते हैं। युद्ध की वजह से निर्यात और आयात दोनों पर असर पड़ेगा। अगर यह युद्ध लंबे समय तक जारी रहा, तो जेम्स एंड ज्वेलरी क्षेत्र में इसके गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं।
 

उड़ाने रद्द होने और एयरपोर्ट बंद होने की वजह से कारोबार पर असर

हीरा व्यापारी व रिटेलर महेश जैन कहते हैं, मुंबई और सूरत मिलकर रोजना लगभग 400 से 500 पार्सल निर्यात करते हैं और दुबई के रास्ते 250-300 पार्सल आयात करते हैं। लेकिन इस्राइल और पश्चिम एशिया की उड़ाने रद्द होने और एयरपोर्ट बंद होने की वजह से कारोबार पर इसका असर पड़ रहा है। उद्योग का कहना है कि जेम्स एंड ज्वेलरी का कारोबार पूरी तरह से अन्य देशों पर निर्भर करता है, जिसमें भू-राजनीतिक उथल-पुथल और अस्थिरता इसे प्रभावित करती है। अगर पश्चिम एशिया में लंबे समय तक युद्ध की स्थिति रही तो आपूर्ति शृंखला बाधित होगी और कच्चे माल की उपलब्धता और निर्यात प्रतिबद्धताओं पर असर पड़ेगा।

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