Economy: अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तभी दुनिया भारत को गंभीरता से लेगी, नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष ये बोले
नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि मजबूत अर्थव्यवस्था ही सशक्त विदेश नीति और वैश्विक सम्मान की आधारशिला है। भारत को तेज विकास करते हुए वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ानी होगी, तभी अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी आवाज प्रभावी होगी।
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अर्थशास्त्री और नीति आयोगके पूर्व उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा है कि किसी भी देश की विदेश नीति की असली ताकत उसकी अर्थव्यवस्था होती है। भारत को वैश्विक मंच पर सम्मान और प्रभाव हासिल करने के लिए तेज आर्थिक विकास और वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ानी होगी।
कमोजर अर्थव्यवस्था वाले देशों को गंभीरता से नहीं लिया जाता
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजीव कुमार ने कहा कि कमजोर अर्थव्यवस्था वाले देशों को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा कि अर्थशास्त्र ही भू-राजनीति की नींव है। हमारे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ठीक ही कहा है कि भारत की सबसे अच्छी विदेश नीति उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। अगर अर्थव्यवस्था नहीं बढ़ेगी, तो किसी मुद्दे पर बात करने का प्रभाव भी नहीं होगा।”
चीन अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था के चलते ही अमेरिका का सामना कर पाती है
चीन का उदाहरण देते हुए कुमार ने कहा कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के कारण चीन को वैश्विक स्तर पर प्रभाव और आत्मविश्वास मिला है। उन्होंने कहा कि आज चीन 53 में से 47 फ्रंटियर टेक्नोलॉजी में आगे है। यही ताकत उसे अमेरिका के सामने खड़ा होने का साहस देती है।
वैश्विक मर्चेंडाइज में भारत की हिस्सेदारी 2 प्रतिशत से भी कम
भारत की वैश्विक व्यापार हिस्सेदारी पर चिंता जताते हुए कुमार ने कहा कि पिछले 30 वर्षों से वैश्विक मर्चेंडाइज ट्रेड में भारत की हिस्सेदारी 2 प्रतिशत से भी कम रही है, जो वैश्विक प्रभाव के लिहाज से नाकाफी है। उन्होंने कहा कि अगर इसे 10 प्रतिशत तक ले जाया जाए, तभी भारत की आवाज वैश्विक मंच पर सुनी जाएगी। सेवाओं के क्षेत्र में भी भारत की हिस्सेदारी लगभग 4 प्रतिशत बताई गई।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर क्या बोले?
भारत-अमेरिका संबंधों पर बोलते हुए कुमार ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के दौर में नीतिगत बदलावों के बीच भारत को धैर्य और दृढ़ता से अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने 1998 के परमाणु परीक्षणों के बाद लगे प्रतिबंधों को याद करते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय दबावों का सामना किया और मजबूती से आगे बढ़ा।
भारत को किसी एक देश पर अत्यधिक निर्भर नहीं होना चाहिए
कुमार ने वास्तविक रणनीतिक स्वायत्तता पर जोर देते हुए कहा कि भारत को किसी एक देश पर अत्यधिक निर्भर नहीं होना चाहिए और चीन के साथ संबंधों की भी समीक्षा करने का समय आ गया है। साथ ही उन्होंने निजी क्षेत्र को आर्थिक विकास का इंजन बताते हुए कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में निजी क्षेत्र को पूरा समर्थन दिया जाना चाहिए।
