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तिरुपति लड्डू विवाद: सीएम नायडू बोले 2022 की CFTRI रिपोर्ट दबाई गई, पवन कल्याण ने कहा- YSRCP को क्लीन चीट नहीं

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Thu, 05 Feb 2026 02:26 PM IST
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सार

तिरुपति लड्डू विवाद पर आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और मुख्यमंत्री नायडू ने YSRCP पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नायडू का कहना है कि SIT और 2022 की CFTRI रिपोर्ट में घी की जगह पामोलीन तेल व रसायनों से मिलावट की पुष्टि हुई थी, जिसे पिछली सरकार ने दबाया। 

Tirupati Laddu controversy: CM Naidu says 2022 CFTRI report was suppressed, Pawan Kalyan
तिरुपति लड्डू विवाद - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

तिरुपति लड्डू में कथित मिलावट को लेकर आंध्र प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने स्पष्ट किया कि सीबीआई ने YSRCP को किसी भी तरह की ‘क्लीन चिट’ नहीं दी है। उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट साफ बताती है कि लड्डू में इस्तेमाल सामग्री ‘घी’ नहीं थी, बल्कि वनस्पति आधारित पदार्थ था।

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पिछली सरकार पर लगाया रिपोर्ट दबाने का आरोप

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि SIT रिपोर्ट के अनुसार घी में पामोलीन तेल और रसायनों की मिलावट पाई गई। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2022 में CFTRI लैब की रिपोर्ट में भी घी में मिलावट की पुष्टि हुई थी, लेकिन तत्कालीन सरकार ने उस रिपोर्ट को ‘जानबूझकर दबा दिया’।

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जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग

उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने दोहराया कि जांच एजेंसियों की रिपोर्ट को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है, जबकि दस्तावेजी तथ्य मिलावट की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो और भक्तों की आस्था से जुड़े मामलों में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए।


प्रेस कॉन्फ्रेंस में नायडू ने कहा कि वर्ष 2022 में, जब तत्कालीन वाईएसआरसीपी सरकार सत्ता में थी, तब केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान की एक रिपोर्ट में भी घी में मिलावट की बात स्पष्ट रूप से सामने आई थी। उन्होंने बताया कि 2024 में मुख्यमंत्री बनने के बाद तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की शुद्धिकरण प्रक्रिया के तहत घी के नमूने एनडीडीबी-सीएएलएफ भेजे गए, जहां जांच में पशु वसा की मिलावट पाई गई।

पिछली सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

नायडू ने इस मिलावट को भगवान के खिलाफ सबसे बड़ा पाप बताते एक सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा की। यह कदम विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट सामने आने के बाद उठाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीडीबी ने साफ तौर पर बताया कि घी में पशु वसा की मिलावट है। मैंने वही बात कही थी। आज SIT ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। SIT रिपोर्ट में घी में पामोलीन तेल और रसायनों की मिलावट की पुष्टि हुई है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के कार्यकाल में यह कथित पाप हुआ और उस दौरान कई मंदिरों पर हमले भी किए गए।

भगवान वेंकटेश्वर को अपना कुलदेवता बताते हुए नायडू ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि 2003 में नक्सलियों के क्लेमोर माइंस हमले के दौरान भगवान ने ही उनकी जान बचाई थी।

गौरतलब है कि श्री वेंकटेश्वर मंदिर का प्रबंधन TTD के पास है और यहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हर साल दर्शन के लिए आते हैं। सितंबर 2024 में यह विवाद तब भड़का था, जब नायडू ने एक एनडीए बैठक में आरोप लगाया कि मंदिर के प्रसाद लड्डू बनाने में घटिया सामग्री और पशु वसा का इस्तेमाल हुआ। इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के विशेष जांच दल द्वारा की जा रही है।

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