वोडाफोन आइडिया के लिए बड़ी राहत: एजीआर बकाया भुगतान का शेड्यूल बदला, अब मार्च 2036 से शुरू होंगी मुख्य किश्तें
Vodafone Idea: दूरसंचार विभाग के ताजा निर्देशों के अनुसार वोडाफोन-आइडिया अब मार्च 2036 से अपने पुनर्मूल्यांकित एजीआर बकाये का मुख्य भुगतान शुरू करेगी। जानें अगले छह वर्षों के लिए 124 करोड़ रुपये की वार्षिक किश्त और नई पुनर्भुगतान योजना का पूरा विवरण।
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कर्ज के बोझ तले दबी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vi) के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। कंपनी ने गुरुवार को स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई एक नियामक फाइलिंग में जानकारी दी कि उसे दूरसंचार विभाग (DoT) से समायोजित सकल राजस्व (AGR) बकाये बकाये के बारे में एक महत्वपूर्ण अपडेट मिला है। इस नए निर्देश के अनुसार, कंपनी को अपने पुनर्मूल्यांकित एजीआर बकाये का बड़ा हिस्सा अब मार्च 2036 से चुकाना शुरू करना होगा। यह कदम नकदी संकट से जूझ रही इस टेलीकॉम कंपनी के लिए वित्तीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
दूरसंचार विभाग द्वारा दी गई राहत के तहत, वोडाफोन आइडिया के भुगतान शेड्यूल को पुनर्गठित किया गया है। फाइलिंग के अनुसार, कंपनी को अगले एक दशक तक बहुत ही सीमित राशि का भुगतान करना होगा, जबकि मुख्य बकाये का भुगतान 2036 से शुरू होगा।
भुगतान की यह योजना निम्नलिखित प्रकार से तय की गई है-
- मार्च 2026 से मार्च 2031 तक: अगले छह वर्षों के लिए, कंपनी को सालाना अधिकतम 124 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।
- मार्च 2032 से मार्च 2035 तक: इसके बाद के चार वर्षों की अवधि में, कंपनी को सालाना 100 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।
- मार्च 2036 से मार्च 2041 तक: शेष बची हुई संपूर्ण AGR राशि का भुगतान मार्च 2036 से शुरू होकर मार्च 2041 तक समान वार्षिक किस्तों (equal annual installments) में किया जाएगा।
सरकार ने 87695 करोड़ रुपये के एजीआर बकाये को किया फ्रीज
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, सरकार ने वोडाफोन आइडिया के एजीआर बकाये को 87,695 करोड़ रुपये पर फ्रीज कर दिया है। पहले की योजना के अनुसार, कंपनी को वित्त वर्ष 2031-32 से भुगतान शुरू करना था और 2040-41 तक इसे पूरा करना था, लेकिन नई व्यवस्था ने इस समयसीमा को और आगे बढ़ा दिया है। फाइलिंग में साफ किया गया है कि एजीआर बकाये में 2006-07 से 2018-19 तक की अवधि के लिए मूलधन, ब्याज, जुर्माना और जुर्माने पर ब्याज शामिल है। इन सभी को 31 दिसंबर, 2025 तक की स्थिति के अनुसार फ्रीज किया जाएगा।
एजीआर बकाया टलने से वोडा-आइडिया को मिलेगी यह मदद
इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए, दूरसंचार विभाग (DoT) एक विशेष समिति का गठन करेगा। यह समिति एजीआर बकाये का पुनर्मूल्यांकन करेगी। वोडाफोन आइडिया ने अपनी फाइलिंग में साफ तौर पर कहा है कि इस समिति का निर्णय ही अंतिम तौर पर मान्य होगा। पुनर्मूल्यांकन के बाद तय की गई राशि का भुगतान ही ऊपर बताए गए तीसरे चरण (2036-2041) के दौरान किया जाएगा।
नया भुगतान शेड्यूल वोडाफोन आइडिया के लिए नकदी प्रवाह को प्रबंधित करने में मददगार साबित होगा। मार्च 2036 तक बड़े भुगतान को टालने से कंपनी को अपने परिचालन को सुधारने और नेटवर्क विस्तार पर ध्यान देने का मौका मिलेगा। हालांकि, कंपनी पर कुल देनदारी का बोझ बना हुआ है, लेकिन भुगतान की शर्तों में ढील से उसे तत्काल राहत जरूर मिली है।