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पश्चिम एशिया संकट : भूटान पर भी पड़ा असर, भारत से पीओएल- एलपीजी आपूर्ति के लिए जताया आभार
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: Asmita Tripathi
Updated Thu, 02 Apr 2026 03:10 PM IST
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सार
पश्चिम एशिया में संकट जारी है। इसका असर अब भूटान पर भी पड़ने लगा है। इसके साथ ही भूटान ने पीओएल-एलपीजी आपूर्ति के लिए आभार जताया है।
पीएम मोदी और भूटान के पीएम शेरिंग तोबगे
- फोटो : ANI
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विस्तार
पश्चिम एशिया संघर्ष का असर हिमालयी देश भूटान पर भी पड़ा है। सरकार का मानना है कि अब हालात नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं। यही कारण है कि उन्हें ईंधन की कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं। वहीं, सरकार ने पीओएल- एलपीजी आपूर्ति के लिए पड़ोसी देश भारत का आभार जताया है। प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे के कार्यालय से 1 अप्रैल को एक बयान जारी कर जनता को बढ़ी कीमतों की वजह बताई। इस बयान के जरिए कार्बन-नेगेटिव भूटान ने जनता से गुजारिश की है कि दूर की यात्रा पर आने-जाने से बचें। सरकारी सब्सिडी के बावजूद 28 फरवरी को पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के बाद से पेट्रोल की कीमत 60 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई है। फरवरी से यह लगभग 65 न्गुलट्रम (एनयू) (0.70 अमेरिकी डॉलर) से बढ़कर 1 अप्रैल को नई सरकारी सब्सिडी वाली तय कीमत तक 95 न्गुलट्रम हो गई है।
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नए सरकारी आदेश के मुताबिक 1 अप्रैल 2026 की आधी रात से, थिंपू में पेट्रोल के लिए खुदरा कीमतें बढ़कर 114.31 एनयू प्रति लीटर और डीजल के लिए 174.13 एनयू प्रति लीटर हो गई हैं। हालांकि, फ्यूल सब्सिडी के साथ, पेट्रोल के लिए कीमतें 98.00 एनयू प्रति लीटर और डीजल के लिए 98.31 एनयू प्रति लीटर तय की गई हैं।
हमारे कंट्रोल से बाहर-प्रधानमंत्री ऑफिस
प्रधानमंत्री ऑफिस ने बयान में कहा, “हाल के हफ्तों में दुनिया भर में फ्यूल की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है और ये हमारे कंट्रोल से बाहर है।" भारत और चीन जैसे बड़े देशों के बीच मौजूद भूटान ने 21 मार्च को घरों और इकॉनमी पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए सरकारी फ्यूल सब्सिडी शुरू की थी। सरकार ने कहा, "घरों और इकॉनमी पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए 21 मार्च 2026 को नेशनल फ्यूल प्राइस स्मूथनिंग फ्रेमवर्क (एनएफपीएसएफ) के जरिए फ्यूल सब्सिडी शुरू की गई थी।"
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फ्यूल की कीमतें बढ़ने पर सरकार ने जनता से मदद की अपील की है। सरकार ने आगे कहा, “देश के खजाने पर पड़ रहे भारी बोझ को देखते हुए, सभी पब्लिक सर्विस एजेंसियों को फ्यूल की खपत कम करने के उपाय करने का निर्देश दिया गया है, जैसे काम पर पैदल जाना, गैर-जरूरी यात्रा से बचना और वर्क फ्रॉम होम को तवज्जो देना।” इसके साथ ही सरकार ने भारत का अंत आभार जताते हुए कहा, "भूटान सरकार, ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटों के बावजूद पीओएल और एलपीजी की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार को धन्यवाद कहना चाहती है।" बता दें, कि लगभग 800,000 की आबादी वाला देश भारत के जरिए अपना फ्यूल आयात करता है। (इनपुट- आईएएनएस)
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हमारे कंट्रोल से बाहर-प्रधानमंत्री ऑफिस
प्रधानमंत्री ऑफिस ने बयान में कहा, “हाल के हफ्तों में दुनिया भर में फ्यूल की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है और ये हमारे कंट्रोल से बाहर है।" भारत और चीन जैसे बड़े देशों के बीच मौजूद भूटान ने 21 मार्च को घरों और इकॉनमी पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए सरकारी फ्यूल सब्सिडी शुरू की थी। सरकार ने कहा, "घरों और इकॉनमी पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए 21 मार्च 2026 को नेशनल फ्यूल प्राइस स्मूथनिंग फ्रेमवर्क (एनएफपीएसएफ) के जरिए फ्यूल सब्सिडी शुरू की गई थी।"
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फ्यूल की कीमतें बढ़ने पर सरकार ने जनता से मदद की अपील की है। सरकार ने आगे कहा, “देश के खजाने पर पड़ रहे भारी बोझ को देखते हुए, सभी पब्लिक सर्विस एजेंसियों को फ्यूल की खपत कम करने के उपाय करने का निर्देश दिया गया है, जैसे काम पर पैदल जाना, गैर-जरूरी यात्रा से बचना और वर्क फ्रॉम होम को तवज्जो देना।” इसके साथ ही सरकार ने भारत का अंत आभार जताते हुए कहा, "भूटान सरकार, ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटों के बावजूद पीओएल और एलपीजी की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार को धन्यवाद कहना चाहती है।" बता दें, कि लगभग 800,000 की आबादी वाला देश भारत के जरिए अपना फ्यूल आयात करता है। (इनपुट- आईएएनएस)
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