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क्रेडिट सुइस के PFL में हिस्सेदारी बेचने पर रिलायंस कैपिटल ने जताई आपत्ति

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Tue, 29 Dec 2020 02:08 PM IST
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Anil Ambani Reliance Capital objected to PFL stake sale by Credit Suisse
अनिल अंबानी
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कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल ने प्राइम फोकस लिमिटेड (पीएफएल) में क्रेडिट सुइस द्वारा 33.12 फीसदी हिस्सेदारी पीएफएल के प्रवर्तक समूह को 44.15 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचे जाने के प्रस्ताव को लेकर आपत्ति जताई। अनिल अंबानी के रिलांयस समूह की कंपनी रिलायंस कैपिटल ने एक बयान में आरकैप समूह के साथ कुछ ऋण समझौतों के तहत प्रस्तावित सौदे को क्रेडिट सुइस द्वारा कथित अधिकार का स्पष्ट रूप से उल्लंघन बताया। 

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हालांकि, रिलायंस कैपिटल ने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया कि यह कथित अधिकारों का दुरूपयोग किस प्रकार है। आरकैप समूह की कंपनी रिलायंस मीडियावर्क्स फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पीएफएल के निवेशकों में से एक है। नरेश मल्होत्रा और नमित मल्होत्रा द्वारा प्रवर्तित कंपनी पीएफएल में रिलायंस मीडियावर्क्स की 10.57 फीसदी हिस्सेदारी है। 
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सेबी से किया जांच का आग्रह
रिलायंस मीडियावर्क्स फाइनेंशियल सर्विसेज ने शेयर बाजार को अलग से दी सूचना में कहा कि कंपनी ने बाजार नियामक सेबी से इस मामले में जांच का आग्रह किया है और क्रेडिट सुइस को प्राइम फोकस के शेयर बेचने पर तत्काल पाबंदी लगाने का आग्रह किया है। कंपनी के अनुसार पीएफएल का इक्विटी शेयर उसके वास्तविक मूल्य से कम पर बेचना न केवल गलत होगा बल्कि दी गई जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करना भी है। 

साथ ही यह कंपनी के करीब आठ लाख शेयरधारकों तथा एलआईसी, जीआईसी, न्यू इंडिया एश्योरेंस, ईपीएफओ, आर्मी ग्रुप इंश्योरेंस फंड, एमएसईबी भविष्य निधि जैसे निवेशकों के हितों के खिलाफ होगा।

कर्जदाताओं ने रिलायंस होम फाइनेंस के आईसीए का विस्तार किया
संकटग्रस्त बंधक कंपनी रिलायंस होम फाइनेंस (आरएचएफ) के कर्जदाताओं ने अंतर-लेनदार समझौते (आईसीए) को और तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है। अनिल अंबानी द्वारा प्रवर्तित रिलायंस समूह की कंपनी आरएचएफ को ऋण समाधान प्रक्रिया के तहत छह बोलियां मिली हैं। कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि आईसीए का हिस्सा बनने वाले कंपनी के ऋणदाताओं ने तनावग्रस्त परिसंपत्तियों के समाधान के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सात जून 2019 के परिपत्र के अनुसार आईसीए अवधि को 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया है।

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