जल्द कम होगा अनिल अंबानी का कर्ज, रिलायंस पावर ने इस जापानी कंपनी से मिलाया हाथ
रिलायंस पावर ने मंगलवार को कहा कि उसने बांग्लादेश के मेघनाघाट में 750 मेगावाट की गैस आधारित बिजली परियोजना (पहला चरण) की स्थापना के लिए जापान की दिग्गज कंपनी जेईआरए के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
रिलायंस पावर की 51 पीसदी हिस्सेदारी
रिलायंस पावर ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, 'संयुक्त उद्यम में रिलायंस पावर की 51 पीसदी हिस्सेदारी होगी जबकि शेष 49 फीसदी हिस्सेदारी जेईआरए के पास होगी।' परियोजना की स्थापना समझौते पर हस्ताक्षर होने के 36 महीने के भीतर होगी।
कम होगा रिलायंस पावर का कर्ज
इस संदर्भ में कंपनी ने कहा कि इस सौदे से रिलायंस पावर के कर्ज में 835 करोड़ रुपये (11.6 करोड़ डॉलर) की कमी आएगी। जिसका भुगतान उसे अमेरिका - एक्जिम को करना था।
मामले में रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी ने कहा, 'इस संयुक्त उद्यम से बांग्लादेश की औद्योगिक वृद्धि और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। स्वच्छ एवं विश्वसनीय एलएनजी आधारित बिजली से देश की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी।'
आरकॉम पर 49 हजार करोड़ रुपये का कर्ज
हाल ही में खबर आई थी कि अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस और उसकी दो यूनिट स्पेक्ट्रम और टावर्स की बिक्री से कर्जदाताओं को 9,000 करोड़ रुपये से 10,000 रुपये मिलने की उम्मीद है। आरकॉम पर करीब 49 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। आरकॉम की समाधान प्रक्रिया अक्टूबर के मध्य तक पूरी की जा सकती है। बता दें कि व्यापार जगत में एक दशक पहले तक अनिल अंबानी और रिलायंस की तूती बोलती थी। मार्च 2018 में रिलायंस ग्रुप का कुल कर्ज 1.7 लाख करोड़ रुपये था।
अनिल अंबानी की रिलायंस कैपटिल पर 38,900 करोड़ रुपये बकाया है। रिलायंस पावर पर तीन हजार करोड़ रुपये, रिलायंस इंफ्रा पर 17,800 करोड़ रुपये और रिलायंस इंजीनियरिंग पर सात हजार करोड़ रुपये बकाया है।