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रिलायंस कैपिटल की अनुषंगी इकाइयों के लिए बोली जमा करने की तारीख बढ़ी
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Tue, 08 Dec 2020 12:29 PM IST
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उद्योगपति अनिल अंबानी
- फोटो : social media
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कर्ज संकट में डूबे उद्योगपति अनिल अंबानी प्रवर्तित रिलायंस समूह की इकाई रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (अरसीएल) ने कहा कि डिबेंचर धारकों की समिति ने कंपनी की अनुषंगी इकाइयों के लिए बोली जमा करने की तारीख बढ़ाकर 17 दिसंबर कर दी है।
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अन्य नियम एवं शर्तों में कोई बदलाव नहीं
आरसीएल ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, 'कमेटी ऑफ डेबेंचर होल्डर्स ने रिलायंस कैपिटल की कुछ अनुषंगी इकाइयों की संपत्ति बिक्री के लिए रुचि पत्र जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 17 दिसंबर 2020 करने का निर्णय किया है।' समयसीमा बढ़ाये जाने के अलावा अन्य नियम एवं शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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कंपनी पर 20,000 करोड़ रुपये का कर्ज
कमेटी ऑफ डिबेंचर होल्डर्स और डिबेंचर ट्रस्टी विस्ट्रा आईटीसीएल इंडिया लिमिटेड की अगुवाई में आरसीएल की अनुषंगी इकाइयों में हिस्सेदारी बेची जा रही है। कंपनी के ऊपर करीब 20,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। हिस्सेदरी बिक्री को लेकर रुचि पत्र जमा करने की अंतिम तिथि एक दिसंबर थी। कुल मिलाकर, कर्जदारों की सलाहकार कंपनियां एसबीआई कैपिटल मार्केट और जे एम फाइनेंशियल सर्विसेज ने 60 अलग-अलग बोलियां प्राप्त की हैं।
आरसीएल की अनुषंगी इकाइयों रिलायंस जनरल इंश्यारेंस, रिलायंस निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, रिलायंस सिक्योरिटीज, रिलायंस फाइनेंशियल लिमिटेड और रिलायंस एसेट रिकंस्ट्रक्शन लिमिटेड में पूरी या कुछ हिस्सेदारी बेचने के लिए बोलियां आमंत्रित की गई हैं।
कंपनी ने पूर्ण अनुषंगी रिलायंस जनरल इंश्यारेंस से पूरी तरह से बाहर होने का प्रस्ताव किया है। इसकी चुकता शेयर पूंजी 30 सितंबर 2020 की स्थिति के अनुसार 252 करोड़ थी। इसके अलावा रिलायंस निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में 51 फीसदी हिस्सेदरी बेचने का प्रस्ताव किया गया है। रिलायंस निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस संयुक्त उद्यम कंपनी है जिसमें जापान की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी निप्पॉन लाइफ की 49 फीसदी हिस्सेदारी है। 30 सितंबर 2020 की स्थिति के अनुसार इसकी चुकता शेयर पूंजी 1,196 करोड़ रुपये थी।
