अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ीं, रिलायंस कैपिटल की रेटिंग में हुई कटौती
अनिल अंबानी की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार को केयर रेटिंग्स ने अंबानी की कंपनी रिलायंस कैपिटल की रेटिंग घटा दी है। रिलायंस कैपिटल की रेटिंग अब डबल बी से घटाकर डी कर दी गई है।
इसलिए घटाई गई रेटिंग
रेटिंग घटाने से कंपनी पर काफी फर्क पड़ेगा। इससे रिलायंस कैपिटल के ऊपर करीब 38 हजार करोड़ रुपये का कर्ज जोखिम की श्रेणी में आ गया है। केयर रेटिंग्स ने रेटिंग कम करने का कारण कई कर्जदाताओं को कंपनी द्वारा कूपन पेमेंट में देरी बताया है।
रिलायंस कैपिटल ने बताई वजह
इस संदर्भ में रिलायंस कैपिटल ने कहा है कि बैंक के सर्वर में कुछ तकनीकी समस्या थी, जिसके वजह से कूपन पेमेंट में देरी हुई और तकनीकी समस्या के दूर होते ही अगले कार्यकारी दिन पेमेंट हो गया था। इसके साथ ही एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने यह भी बताया कि रेटिंग एजेंसी ने इस डाउनग्रेड पर अपना पक्ष रखने की अनुमति नहीं दी।
लाखों निवेशकों को हो सकता है नुकसान
इसके साथ ही रेटिंग के कम होने से लाखों रिटेल और संस्थागत निवेशकों को गंभीर नुकसान हो सकता है। बता दें कि डी रेटिंग को डिफॉल्ट रेटिंग भी कहा जाता है। पिछले एक साल में रिलायंस कैपिटल के शेयरों के भाव 90 फीसदी तक गिर गया है।
एक और कंपनी की घटी थी रेटिंग
हाल ही में अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस की सहयोगी कंपनी ग्लोबल क्लाउड एक्सचेंज ( GCX ) लिमिटेड ने अमेरिका के एक कोर्ट में बैंकरप्सी प्रोटेक्शन की याचिका दाखिल की थी। यानी अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली एक और कंपनी जल्द दिवालिया हो सकती है। कंपनी को 35 करोड़ डॉलर का एक भुगतान करना था, जिसमें असफल रहने के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया। इसकी वजह से क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने कंपनी की रेटिंग में भी कटौती कर दी थी। इस बात की जानकारी ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में दी गई।