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एरिक्सन मामला: मुकेश अंबानी ने नहीं की थी अनिल अंबानी की वित्तीय सहायता!
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Thu, 08 Oct 2020 11:42 AM IST
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मुकेश अंबानी, अनिल अंबानी (फाइल फोटो)
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2019 के एरिक्सन बकाया मामले में अरबपति मुकेश अंबानी ने अपने छोटे भाई अनिल अंबानी को जेल जाने से बचाने के लिए कोई वित्तीय सहायता प्रदान नहीं की थी। इसके बजाय, अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) ने एरिक्सन की बकाया राशि का भुगतान मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज को कॉर्पोरेट संपत्ति लीज पर रखकर किया था। चीनी बैंकों के साथ वित्तीय विवाद मामले में यूके कोर्ट में अनिल अंबानी द्वारा प्रस्तुत कानूनी दस्तावेजों के अनुसार, इससे उन्हें 460 करोड़ रुपये मिले थे।
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बिजनेस टुडे के अनुसार, अनिल अंबानी के एक प्रवक्ता ने कहा कि, 'एरिक्सन मामला एक कॉर्पोरेट लायबिलिटी से संबंधित है, और इसको पूरा करने के लिए राशि कॉर्पोरेट परिसंपत्तियों को पट्टे पर देकर एक कॉर्पोरेट लेनदेन के माध्यम से उठाई गई थी। मुकेश अंबानी ने अनिल अंबानी को इसके भुगतान के लिए कोई उपहार नहीं दिया था।' हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि किस परिसंपत्ति को पट्टे पर दिया गया था।
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18 मार्च 2019 को रिलायंस कम्युनिकेशंस ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि स्वीडन की दूरसंचार उपकरण बनाने वाली कंपनी एरिक्सन को 458.77 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। अनिल अंबानी ने संकट की इस घड़ी में मदद के लिए अपने बड़े भाई मुकेश अंबानी, भाभी नीता अंबानी को धन्यवाद दिया था। अनिल अंबानी ने कहा था कि, 'संकट की इस घड़ी में मेरे साथ खड़े रहने के लिए मैं अपने बड़े भाई मुकेश और भाभी नीता को धन्यवाद कहता हूं। ऐसे मौके पर मदद करके उन्होंने यह दिखाया कि अपने पारिवारिक मूल्यों के प्रति और अपने पारिवारिक मूल्यों के प्रति सच्चाई के साथ खड़े रहना कितना जरूरी है। मैं और मेरा परिवार खुश हैं कि हम पुरानी बातों से आगे निकल आए हैं और बड़े भाई के इस कदम के आभारी हैं।'
अनिल अंबानी की दो कंपनियां आरकॉम और रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड अब दिवालिया प्रक्रिया से जूझ रही हैं। मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो आरकॉम की संपत्ति के लिए बोली लगाने वालों में से एक है। अनिल अंबानी की अन्य प्रमुख कंपनियां रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस पावर और रिलायंस कैपिटल कर्ज में डूबी हुई हैं और सेयर बाजार में इनकी कीमत सिर्फ 1,600 करोड़ रुपये है।
यस बैंक ने हाल ही में अपने बकाया के लिए दक्षिण मुंबई में अंबानी के दो कार्यालय और सांताक्रूज के मुख्यालय पर कब्जे का नोटिस जारी किया थी। अनिल अंबानी के रिलायंस समूह का कॉर्पोरेट मुख्यालय और अध्यक्ष का कार्यालय दक्षिण मुंबई में बॉलार्ड एस्टेट में रिलायंस सेंटर में वापस स्थानांतरित करने की संभावना है। इस बीच अनिल अंबानी के लिए राहत यह है कि अगस्त में एक अंतरिम आदेश में दिल्ली उच्च न्यायालय ने उनके खिलाफ दिवालिया कार्यवाही पर रोक लगा दी और उन्हें अगले आदेश तक अपनी संपत्ति का निपटान नहीं करने का निर्देश दिया।
एक समय में अनिल अंबानी दुनिया के छठे सबसे अमीर शख्स थे। तब उनके पास 42 अरब डॉलर की संपत्ति थी। अनिल अंबानी को मई में यूके की एक अदालत ने चीनी बैंकों को 7160 लाख डॉलर (5,276 करोड़ रुपये) का भुगतान करने का आदेश दिया था, जिसमें ब्याज और कानूनी लागत शामिल है। सितंबर में अनिल अंबानी ने लंदन की अदालत को बताया था कि उसे भुगतान करने के लिए अपने सारे आभूषण बेचने पड़े है। साथ ही यह भी कहा कि उन्हेंने अपने बेटे से ऋण लिया है।
