म्यूचुअल फंड कारोबार से बाहर हो रही है अनिल अंबानी की ये कंपनी, बदलेगा ब्रांड का नाम
अनिल अंबानी के स्वामित्व वाले रिलायंस कैपिटल के शेयरों की बिक्री की प्रक्रिया इस महीने के अंत तक पूरी हो जाएगी। रिलायंस कैपिटल अपने शेयर जापानी कंपनी निप्पॉन लाइफ को बेच रही है। इसके साथ वह म्यूचुअल फंड कारोबार से बाहर हो जाएगी।
कंपनी की कमाई 10 फीसदी बढ़ने की उम्मीद
रिलायंस निप्पॉन लाइफ एसेट मैनेजमेंट के मुख्य कार्यकारी संदीप सिक्का ने कंपनी की सालाना आम बैठक में कहा कि इस बिक्री के बाद कंपनी में निप्पॉन लाइफ की हिस्सेदारी 75 फीसदी तक पहुंच जाएगी। भारत में कॉर्पोरेट कर में पिछले सप्ताह घोषित कटौती के बाद कंपनी की कमाई 10 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है।
ब्रांड नाम में होगा बदलाव
सिक्का ने कहा कि शेयर बिक्री की प्रक्रिया इस महीने के अंत तक पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सौदा पूरा होने के बाद कंपनी के ब्रांड नाम में बदलाव होगा। हालांकि, नए ब्रांड का नाम क्या होगा, इसके बारे में उन्होंने कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहा कि सौदे के बाद प्रबंधन टीम में कोई बदलाव नहीं होगा। कर्ज संकट से जूझ रहे अनिल धीरूभाई अंबानी समूह ने म्यूचुअल फंड कारोबार से बाहर आने का फैसला किया है ताकि वह अपना कर्ज कम कर सके। कंपनी के म्यूचुअल फंड कारोबार में प्रबंधन के अधीन संपत्ति 2018-19 में 2.34 लाख करोड़ रुपये रही।
रिलायंस कैपिटल की रेटिंग में हुई कटौती
इससे पहले शुक्रवार को केयर रेटिंग्स ने अंबानी की कंपनी रिलायंस कैपिटल की रेटिंग घटा दी थी। रिलायंस कैपिटल की रेटिंग अब डबल बी से घटाकर डी कर दी गई है।
इसलिए घटाई गई रेटिंग
रेटिंग घटाने से कंपनी पर काफी फर्क पड़ेगा। इससे रिलायंस कैपिटल के ऊपर करीब 38 हजार करोड़ रुपये का कर्ज जोखिम की श्रेणी में आ गया है। केयर रेटिंग्स ने रेटिंग कम करने का कारण कई कर्जदाताओं को कंपनी द्वारा कूपन पेमेंट में देरी बताया है।
रिलायंस कैपिटल ने बताई वजह
इस संदर्भ में रिलायंस कैपिटल ने कहा है कि बैंक के सर्वर में कुछ तकनीकी समस्या थी, जिसके वजह से कूपन पेमेंट में देरी हुई और तकनीकी समस्या के दूर होते ही अगले कार्यकारी दिन पेमेंट हो गया था। इसके साथ ही एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने यह भी बताया कि रेटिंग एजेंसी ने इस डाउनग्रेड पर अपना पक्ष रखने की अनुमति नहीं दी।