सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Corporate ›   Reliance Communications lenders rejected Anil Ambani resignation

आरकॉम के कर्जदाताओं ने अनिल अंबानी के इस्तीफे को किया नामंजूर

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Sun, 24 Nov 2019 02:49 PM IST
विज्ञापन
Reliance Communications lenders rejected Anil Ambani resignation
विज्ञापन

हाली ही में अनिल अंबानी ने टेलीकॉम कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। अब रिलायंस कम्युनिकेशंस के कर्जदाताओं ने कंपनी से अनिल अंबानी तथा चार अन्य के इस्तीफे को नामंजूर कर दिया है। कर्जदाताओं ने अंबानी को दिवाला एवं ऋणशोधन प्रक्रिया में सहयोग करने को कहा है।

Trending Videos


बीएसई में दी गई फाइलिंग में आरकॉम ने कहा था कि उसके कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) की बैठक 20 नवंबर को हुई थी। इसमें कहा गया, ‘समिति ने सर्वसम्मति से कहा कि इस्तीफों को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।’

विज्ञापन
विज्ञापन

कंपनी ने की थी घोषणा

कंपनी द्वारा जारी तिमाही नतीजों के अनुसार कंपनी को 30 हजार करोड़ से अधिक का घाटा हुआ था, जो कॉर्पोरेट इतिहास में वोडाफोन-आइडिया के बाद दूसरा सबसे बड़ा घाटा है। इसके बाद ही कंपनी ने बयान जारी करते हुए कहा था कि अनिल अंबानी के अलावा छाया विरानी, रायना कारानी, मंजरी काकेर और सुरेश रंगाचर ने इस्तीफा दे दिया है। इनमें से अनिल अंबानी, छाया विरानी और मंजरी काकेर ने 15 नवंबर को इस्तीफा दिया। वहीं रायना कारानी ने 14 नवंबर और सुरेश रंगाचर ने 13 नवंबर को इस्तीफा दिया था। 

11 साल में इतनी घटी संपत्ति

मौजूदा समय में रिलायंस कम्युनिकेशंस दिवालिया कानून की प्रक्रिया से गुजर रही है। 2008 में अनिल अंबानी के पास 42 अरब डॉलर की संपत्ति थी, जो 11 साल बाद यानी 2019 में घटकर 5230 मिलियन डॉलर यानी करीब 3651 करोड़ रुपये हो गई है। बता दें कि इस संपत्ति में गिरवी वाले शेयर की कीमतें भी शामिल हैं। 

30,142 करोड़ का हुआ घाटा

प्राइवेट सेक्टर इन दिनों मंदी की जबरदस्त मार झेल रहा है। कई मल्टीनेशनल कंपनियों पर आर्थिक मंदी का असर साफ दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में देश की अग्रणी कंपनियों में शामिल रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) भी इससे अछूती नहीं है।

कर्ज के बोझ से दबी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) को जुलाई-सितंबर की तिमाही में करीब 30,142 करोड़ रुपये का एकीकृत घाटा हुआ है। उच्चतम न्यायालय द्वारा सांविधिक बकाये पर फैसले के मद्देनजर देनदारियों के लिए प्रावधान की वजह से कंपनी का घाटा इतना ज्यादा पहुंच गया है।

दिवाला प्रक्रिया में चल रही कंपनी

दिवाला प्रक्रिया में चल रही कंपनी ने इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,141 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। उच्चतम न्यायालय के दूरसंचार कंपनियों के सालाना समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) की गणना पर फैसले के मद्देनजर कंपनी ने 28,314 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

आरकॉम की कुल देनदारियों में 23,327 करोड़ रुपये का लाइसेंस शुल्क और 4,987 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम इस्तेमाल शुल्क शामिल है। आरकॉम और उसकी अनुषंगियों ने 1,210 करोड़ रुपये के ब्याज और 458 करोड़ रुपये के विदेशी विनिमय उतार-चढ़ाव के लिए प्रावधान नहीं किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed