{"_id":"695e5fd2737036d5dc00a7c3","slug":"a-major-plot-for-targeted-killings-in-ludhiana-foiled-two-operatives-of-the-khalistan-commando-force-arrested-chandigarh-news-c-74-1-spkl1022-113759-2026-01-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Punjab:लुधियाना में टारगेट किलिंग की बड़ी साजिश नाकाम, खालिस्तान कमांडो फोर्स के दो बदमाश गिरफ्तार, की थी रेकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Punjab:लुधियाना में टारगेट किलिंग की बड़ी साजिश नाकाम, खालिस्तान कमांडो फोर्स के दो बदमाश गिरफ्तार, की थी रेकी
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jan 2026 07:46 PM IST
विज्ञापन
सार
पंजाब के लुधियाना में पुलिस ने खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी लुधियाना के सरकारी दफ्तरों की रेकी कर रहे थे और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाले थे।
डीजीपी गौरव यादव
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
पंजाब पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए लुधियाना में टारगेट किलिंग की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) ने काउंटर इंटेलिजेंस लुधियाना के साथ संयुक्त अभियान में खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) से जुड़े दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक 9 एमएम पिस्तौल और पांच कारतूस बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हैबोवाल निवासी करणबीर सिंह और न्यू शिमलापुरी, मिल्लरगंज निवासी अवतार सिंह के रूप में हुई है। डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी दी।
Trending Videos
एआईजी एसएसओसी एसएएस नगर डी सुधरविजी ने बताया कि टारगेट किलिंग की साजिश की पुख्ता सूचना मिलने के बाद एसएसओसी एसएएस नगर और काउंटर इंटेलिजेंस लुधियाना की संयुक्त टीम गठित की गई। सुनियोजित ढंग से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को लुधियाना से गिरफ्तार किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकारी और प्रमुख कार्यालयों की कर चुके थे रेकी
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी खालिस्तान कमांडो फोर्स से जुड़े हुए हैं और यूके व जर्मनी में बैठे विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे। वे कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित थे और विदेशी आकाओं के निर्देशों पर लुधियाना में टारगेट किलिंग की साजिश रच रहे थे। आरोपियों ने साजिश के तहत शहर के सरकारी और अन्य प्रमुख कार्यालयों की रेकी भी कर ली थी। उन्होंने बताया कि आरोपियों को कुछ चिन्हित व्यक्तियों के संबंध में जानकारी जुटाने और जमीनी स्तर पर कार्रवाई की तैयारी करने का जिम्मा सौंपा गया था। समय रहते खुफिया सूचना मिलने से एक बड़ी वारदात टल गई।
सोशल मीडिया के जरिए फैलाते थे भड़काऊ सामग्री
एआईजी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी विदेशी हैंडलरों के इशारे पर सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म पर कट्टरपंथी और भड़काऊ सामग्री साझा करते थे। उनका उद्देश्य युवाओं को गुमराह कर आतंकी विचारधारा से जोड़ना था। मामले के आगे-पीछे के सभी संबंधों को जोड़ने और नेटवर्क का खुलासा करने के लिए गहन जांच जारी है।अवतार सिंह के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह जमानत पर जेल से बाहर आया था। जेल से बाहर आने के बाद वह विदेशी हैंडलरों के संपर्क में आया और दोबारा कट्टरपंथी गतिविधियों में सक्रिय हो गया। इस मामले में थाना एसएसओसी एसएएस नगर में एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 113(5) (आतंकवादी कृत्य करने वाले व्यक्ति को जानबूझकर पनाह देना) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारियां की जाएंगी।