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चंडीगढ़ हत्याकांड में खुलासा: बब्बू मान का अखाड़ा बना रंजिश की जड़, इस कारण खतरे को नहीं भांप पाया था चिन्नी
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 24 Mar 2026 02:51 AM IST
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सार
प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह नागरा उर्फ चिन्नी की चंडीगढ़ सेक्टर नाै में ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
चंडीगढ़ में युवक की हत्या
- फोटो : संवाद
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विस्तार
चंडीगढ़ सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह नागरा उर्फ चिन्नी की हत्या में बड़ा खुलासा हुआ है। करीब पांच साल पहले गांव कुब्बाहेड़ी में करवाए गए टूर्नामेंट और उसमें पंजाबी गायक बब्बू मान का अखाड़ा लगवाना इस रंजिश की जड़ बना।
चिन्नी के करीबी दोस्त के अनुसार, उस समय गैंगस्टरों ने बब्बू मान और सिद्धू मूसेवाला के बीच विरोध का हवाला देते हुए कार्यक्रम रद्द करने का दबाव बनाया था। इसके बावजूद अखाड़ा आयोजित किया गया जिसके बाद से चिन्नी गैंगस्टरों के निशाने पर आ गया। लगातार मिल रही धमकियों के चलते उसने पिछले दो वर्षों से टूर्नामेंट करवाना भी बंद कर दिया था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि शूटर लगातार तीन दिन तक सेक्टर-9 स्थित जिम के बाहर बैठकर चिन्नी की दिनचर्या और आने-जाने का समय नोट कर रहे थे। हत्या से एक दिन पहले वे मुल्लांपुर के कार वॉश सेंटर तक भी पहुंचे थे जहां चिन्नी अपनी गाड़ी लेकर आया था।
परिवार के अनुसार, चिन्नी सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय था। वह गरीब लड़कियों की शादी में मदद करवाता था, जरूरतमंदों को आर्थिक सहयोग देता था और कई लोगों के घर बनवाने में भी योगदान देता था।
दोस्त ने यह भी खुलासा किया कि करीब डेढ़ साल पहले चिन्नी के जन्मदिन के मौके पर सेक्टर-26 में भी उन्हें धमकी मिली थी। हालांकि पिछले कुछ समय से धमकियां बंद हो गई थीं, जिससे चिन्नी ने खतरे को गंभीरता से लेना छोड़ दिया था। पुलिस मामले की हर कड़ी को जोड़ते हुए जांच में जुटी है।
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चिन्नी के करीबी दोस्त के अनुसार, उस समय गैंगस्टरों ने बब्बू मान और सिद्धू मूसेवाला के बीच विरोध का हवाला देते हुए कार्यक्रम रद्द करने का दबाव बनाया था। इसके बावजूद अखाड़ा आयोजित किया गया जिसके बाद से चिन्नी गैंगस्टरों के निशाने पर आ गया। लगातार मिल रही धमकियों के चलते उसने पिछले दो वर्षों से टूर्नामेंट करवाना भी बंद कर दिया था।
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चिन्नी के आफिस में पहुंच गए थे आरोपी
दोस्त ने बताया कि हत्या से दो दिन पहले 16 मार्च को दो युवक मुंह ढककर चिन्नी के ऑफिस पहुंचे थे और उसके बारे में पूछताछ की थी। उस समय चिन्नी मौजूद नहीं था। दोस्तों ने उसे इस बारे में बताया लेकिन उसने इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया। अब पता चला कि यही शूटर कई दिनों से उसकी रेकी कर रहे थे।पुलिस जांच में सामने आया है कि शूटर लगातार तीन दिन तक सेक्टर-9 स्थित जिम के बाहर बैठकर चिन्नी की दिनचर्या और आने-जाने का समय नोट कर रहे थे। हत्या से एक दिन पहले वे मुल्लांपुर के कार वॉश सेंटर तक भी पहुंचे थे जहां चिन्नी अपनी गाड़ी लेकर आया था।
लक्की पटियाल के नाम से मिल चुकी थीं धमकियां
दोस्तों के अनुसार, चिन्नी को पहले भी गैंगस्टर लक्की पटियाल के नाम से धमकियां मिलती रही थीं। हालांकि वह खुद कॉल नहीं करता था लेकिन उसके साथी फोन कर दबाव बनाते थे। आशंका है कि बिजनेस रंजिश के चलते विरोधियों ने ही गैंगस्टरों तक चिन्नी की जानकारी पहुंचाई। करीबी लोगों का कहना है कि चिन्नी चंडीगढ़ को सुरक्षित शहर मानता था और देर रात तक भी निडर होकर आता-जाता था। कई बार उसे सावधान रहने को कहा गया लेकिन वह भरोसा जताता था कि उसने किसी का नुकसान नहीं किया, इसलिए उसे कोई खतरा नहीं है।परिवार के अनुसार, चिन्नी सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय था। वह गरीब लड़कियों की शादी में मदद करवाता था, जरूरतमंदों को आर्थिक सहयोग देता था और कई लोगों के घर बनवाने में भी योगदान देता था।
दोस्त ने यह भी खुलासा किया कि करीब डेढ़ साल पहले चिन्नी के जन्मदिन के मौके पर सेक्टर-26 में भी उन्हें धमकी मिली थी। हालांकि पिछले कुछ समय से धमकियां बंद हो गई थीं, जिससे चिन्नी ने खतरे को गंभीरता से लेना छोड़ दिया था। पुलिस मामले की हर कड़ी को जोड़ते हुए जांच में जुटी है।