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गीत सिरा विवाद में गुरु रंधावा को राहत: हाईकोर्ट ने कार्रवाई पर लगाई रोक, निचली अदालत की प्रक्रिया पर सवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Tue, 24 Mar 2026 07:53 AM IST
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सार
मामला वर्ष 2025 के गीत सिरा के एक विवादित बोल से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जम्मेया नूं गुड़ती च मिलदी अफीम आ जट्ट पंक्ति जट्ट-सिख समुदाय की छवि को ठेस पहुंचाती है और सिख धार्मिक परंपरा गुड़ती का अपमान करती है।
गुरु रंधावा को हाईकोर्ट से राहत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाबी गायक व संगीतकार गुरु रंधावा को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक ट्रायल कोर्ट में कोई कार्रवाई नहीं होगी।
मामला वर्ष 2025 के गीत सिरा के एक विवादित बोल से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जम्मेया नूं गुड़ती च मिलदी अफीम आ जट्ट पंक्ति जट्ट-सिख समुदाय की छवि को ठेस पहुंचाती है और सिख धार्मिक परंपरा गुड़ती का अपमान करती है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इससे समुदाय को जन्म से नशे का आदी दिखाया गया है।
याचिका में रंधावा ने दलील दी कि ट्रायल कोर्ट ने बिना प्रारंभिक साक्ष्य दर्ज किए ही नोटिस जारी किया, जो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि ‘गुड़ती’ शब्द का इस्तेमाल सामान्य पंजाबी बोलचाल में हुआ है, न कि धार्मिक संदर्भ में। साथ ही, गीत में किसी धर्म या विशेष समुदाय को निशाना नहीं बनाया गया है।
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मामला वर्ष 2025 के गीत सिरा के एक विवादित बोल से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जम्मेया नूं गुड़ती च मिलदी अफीम आ जट्ट पंक्ति जट्ट-सिख समुदाय की छवि को ठेस पहुंचाती है और सिख धार्मिक परंपरा गुड़ती का अपमान करती है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इससे समुदाय को जन्म से नशे का आदी दिखाया गया है।
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याचिका में रंधावा ने दलील दी कि ट्रायल कोर्ट ने बिना प्रारंभिक साक्ष्य दर्ज किए ही नोटिस जारी किया, जो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि ‘गुड़ती’ शब्द का इस्तेमाल सामान्य पंजाबी बोलचाल में हुआ है, न कि धार्मिक संदर्भ में। साथ ही, गीत में किसी धर्म या विशेष समुदाय को निशाना नहीं बनाया गया है।