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चंडीगढ़ में ये क्या हो रहा है: नाले और बाड़े में मिले गाय-बछड़ों के शव, कंकाल भी मिले, मचा हड़कंप
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Sun, 08 Feb 2026 11:52 AM IST
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सार
जनवरी महीने में रायपुर कलां गोशाला एवं प्लांट में 60 गोवंश के शव मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया था। खुद डीसी निशांत कुमार यादव प्लांट पहुंचे। मृत गायों व बछड़ों को देख हैरान रह गए।
मृत बछड़े और गाय। मौके पर पुलिस और गो संगठन।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मौलीजागरां के विकासनगर लाइट पॉइंट के पास श्मशानघाट के पीछे नाले किनारे बने एक अवैध बाड़े में शनिवार को कई गायों और बछड़ों के शव मिले हैं। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। बाड़े के अंदर दो बछड़ों के शव मिले, जबकि पास के नाले से पांच गायों के शव बरामद किए गए। इनमें से एक गाय का शव काफी पुराना होकर कंकाल में बदल चुका था, वहीं एक गाय नाले के गहरे पानी में डूबी मिली जिसका शव ऊपर तैर रहा था।
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मामले की सूचना मिलने पर मौलीजागरां एसटीएफ नगर अध्यक्ष शेखर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और 112 नंबर पर पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद गो रक्षा संगठनों के सदस्य भी घटनास्थल पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही मौलीजागरां थाना के एसएचओ हरिओम शर्मा और इंडस्ट्रियल एरिया थाना के एसएचओ सतनाम सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान पुलिस ने अवैध गो-बाड़ा संचालित करने वाले बंटी और उसके भांजे साहिल को हिरासत में ले लिया। दोनों भट्ठा कॉलोनी के रहने वाले बताए जा रहे हैं। बाड़े से 32 जीवित गायों को रेस्क्यू कर मखन माजरा गौशाला भेजा गया। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
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गायों की हालत दर्दनाक, भाजपा संवेदनहीन: जरनैल सिंह
आम आदमी पार्टी के प्रभारी जरनैल सिंह ने भाजपा को असंवेदनशील बताया है। उन्होंने कहा कि गोमाता के नाम पर वोट मांगनेवाली भाजपा संवेदनहीन हो गई है। विकास नगर मौली जागरां में गायों की नाले में गिरकर मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि कुछ ही दिन पहले रायपुर कलां-मखन माजरा गौशाला में दर्जनों गायें-बछड़े तड़प-तड़पकर मरे। प्रशासन ने आंखें बंद कर लीं है। यह गो-सेवा के नाम पर विश्वासघात है।
आप ने चेतावनी दी है कि यह संगठित अपराध है। उनकी मांग है कि दोनों मामलों की तत्काल न्यायिक जांच हो। दोषी अधिकारियों-ठेकेदारों की गिरफ्तारी हो। गो-सेवा फंड का सार्वजनिक ऑडिट किया जाए। उन्होंने कहा कि गायें बोल नही सकती है लेकिन आप उनकी आवाज बनेगी।
बता दें कि इससे पहले बीते महीने रायपुर कलां गोशाला एवं प्लांट में 60 गोवंश के शव मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया था। खुद डीसी निशांत कुमार यादव प्लांट पहुंचे। मृत गायों व बछड़ों को देख हैरान रह गए। कई गायों की टांगें कटी हुई थीं तो कई की आंखें निकली हुई थीं। यहां तक कि जो जीवित गाय थीं कई के आंखों से खून बह रहा था।
यह सब देख डीसी ने निगम कमिश्नर अमित कुमार व निगम के अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की तो यह बात सामने आई कि पशुओं को जलाने के लिए यह जो प्लांट बनाया गया है वह दो महीने से बंद पड़ा है। इस प्लांट के कुछ पार्ट्स गुजरात और बंगलूरू से आने थे लेकिन वह पार्टस नहीं आने के कारण प्लांट बंद पड़ा है। पांच एकड़ में फैले रायपुर कलां गोशाला एवं पशु शव दाह प्लांट का 12 सितंबर 2025 को उद्घाटन हुआ था।