हरियाली का कमाल: 10 साल में 35% बढ़ा चंडीगढ़ का ग्रीन कवर, प्रशासन के प्रयास और वृक्षारोपण अभियान लाए रंग
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2013 में चंडीगढ़ का कुल ग्रीन कवर 53.26 वर्ग किलोमीटर था जो वर्ष 2023 तक बढ़कर 72.16 वर्ग किलोमीटर हो गया। यानी एक दशक में हरियाली में करीब 35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
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चंडीगढ़ की हरियाली में अब चार चांद लग चुके हैं। प्रदूषण मुक्त वातावरण के संकल्प के साथ बढ़ती हरित संपदा ने सिटी को खास बना दिया है। वर्ष 2013 से 2023 तक के आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण में सामने आया है कि शहर के कुल ग्रीन कवर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
यह उपलब्धि प्रशासन के निरंतर प्रयासों और बड़े स्तर पर चलाए गए वृक्षारोपण अभियानों का परिणाम है। इसके चलते शहर का पारिस्थितिक संतुलन पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है। वन एवं वन्य जीव विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक फॉरेस्ट कवर में भी लगातार इजाफा हो रहा है। वर्ष 2013 में यह 17.26 वर्ग किलोमीटर था, जो 2023 में बढ़कर 25.00 वर्ग किलोमीटर तक पहुंच गया।
2019 रहा हरियाली का स्वर्ण काल
पर्यावरण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 चंडीगढ़ के पर्यावरण के लिए सबसे बेहतरीन साल रहा। इस दौरान कुल ग्रीन कवर 73.03 वर्ग किलोमीटर के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। 2021 में ट्री कवर में गिरावट आने के कारण इसमें थोड़ी कमी देखी गई थी लेकिन 2023 के आंकड़ों ने एक बार फिर सुधार के संकेत दिए हैं।
ट्री कवर में दिखा उतार-चढ़ाव
एक ओर फॉरेस्ट कवर लगातार बढ़ा, वहीं ट्री कवर में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 2017 तक यह 10 वर्ग किमी पर स्थिर था जो 2019 में बढ़कर 25 वर्ग किमी हुआ और फिर 2021 में घटकर 15 वर्ग किमी पर आ गया। वर्तमान में यह फिर से 21.18 वर्ग किमी हो गया है।
इतने लगाए गए पौधे
वर्ष पौधरोपण
2023-24 2,29,068
2024-25 3,35,075
2025-26 5,79,296
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में चंडीगढ़ आठवें स्थान पर
वर्ष 2024 की तुलना में 2025 के दौरान शहर की वायु गुणवत्ता में जबरदस्त सुधार दर्ज किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस साल चंडीगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स अधिकांश समय ''संतोषजनक'' श्रेणी में रहा और प्रदूषण के गंभीर स्तर में भारी गिरावट आई है। शहर ने अपनी रैंकिंग में अभूतपूर्व सुधार करते हुए देशभर में आठवां स्थान हासिल किया है जबकि पिछले साल चंडीगढ़ 27वें पायदान पर था।
धरती का संतुलन बनाए रखना सभी इकाइयों का मिश्रित प्रयास होता है। चंडीगढ़ के आम लोग भी हरियाली और साफ-सफाई काफी ज्यादा पसंद करते हैं। हमारा प्रयास रहता है पौधे ज्यादा लगाए जाएं जिससे वायु की गुणवत्ता में भी इजाफा हो सके। हरियाली को लेकर प्रशासन के प्रयास भी शानदार हैं। -सौरभ कुमार, निदेशक पर्यावरण विभाग

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