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अब बेअदबी पर उम्रकैद: राज्यपाल ने सख्त कानून को दी मंजूरी, गैर-जमानती अपराध, समझौते की गुंजाइश खत्म

अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: Sharukh Khan Updated Mon, 20 Apr 2026 01:02 PM IST
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सार

पंजाब में राज्यपाल ने बेअदबी पर सख्त कानून को मंजूरी दी है। अब उम्रकैद तक सजा होगी। सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होते ही संशोधित कानून लागू होगा। डीएसपी स्तर के अधिकारी समयबद्ध जांच करेंगे।

Chandigarh News Governor Approves Strict Anti-Sacrilege Law in Punjab Know Details in Hindi
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों पर सख्त कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने दि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026 को मंजूरी दे दी है। सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होते ही यह कानून लागू हो जाएगा।
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यह संशोधन दि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट-2008 में किया गया है इसलिए इसे राष्ट्रपति के पास भेजने की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह कानून पवित्र ग्रंथ की मर्यादा की रक्षा के लिए अहम कदम है।
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नए कानून में बेअदबी के मामलों में सजा को कड़ा किया गया है। दोषी को आखिरी सांस तक उम्रकैद और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साथ ही ऐसे मामलों की जांच डीएसपी या एसीपी स्तर के अधिकारी से समयबद्ध तरीके से करवाई जाएगी। 

विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि अब आरोपियों को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताकर बचाने की गुंजाइश कम होगी। ऐसे मामलों में अभिभावकों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

 

गैर-जमानती अपराध, समझौते की गुंजाइश खत्म
संशोधित कानून के तहत बेअदबी से जुड़े अपराध गैर-जमानती होंगे और इनमें किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकेगा। धारा 4बी के तहत सजा बढ़ाकर उम्रकैद और 20 लाख रुपये तक जुर्माना किया गया है।

धारा-5 के तहत अपराधों को पांच श्रेणियों में बांटा गया है। सामान्य उल्लंघन पर पांच साल तक की कैद और 10 लाख रुपये तक जुर्माना होगा। बेअदबी के मामलों में सात से 20 साल तक की सजा और दो से 10 लाख रुपये तक जुर्माना तय किया गया है। यदि धार्मिक या सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने के इरादे से अपराध किया जाता है तो सजा 10 साल से लेकर उम्रकैद तक और पांच से 25 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है।

बेअदबी में सहयोग करने वालों को भी समान सजा मिलेगी जबकि प्रयास करने पर तीन से पांच साल की कैद और एक से तीन लाख रुपये तक जुर्माना तय किया गया है।

एसजीपीसी को विशेष अधिकार, दायरा भी बढ़ा
कानून के तहत श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की छपाई, प्रकाशन, भंडारण और वितरण का अधिकार केवल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी या उसके अधिकृत निकाय को होगा। स्वरूपों को जलाना, फाड़ना, चोरी करना या किसी भी माध्यम से अपमान करना बेअदबी माना जाएगा।

 

सरकार सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथों और धार्मिक प्रतीकों को शामिल करने के लिए अलग विधेयक पर भी काम कर रही है। इसके लिए गठित सिलेक्ट कमेटी के कार्यकाल को बढ़ा दिया गया है।
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