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पीजीआई ने रचा इतिहास: दो साल के बच्चे के ब्रेन ट्यूमर को नाक के रास्ते निकाला,  नाै घंटे चली सर्जरी में सफलता

संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 15 Jan 2026 12:32 PM IST
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सार

हरियाणा के सोनीपत से आए दो वर्षीय बच्चे की बाईं आंख बाहर की ओर उभरना, आंख की मूवमेंट रुक जाना, नाक से सांस लेने में दिक्कत और खर्राटे, नाक में गांठ दिखाई देना और आंख से लगातार पानी आना जैसी समस्याएं थीं।

Chandigarh PGI Brain tumor removed from child through nose
सर्जरी न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रो. ढांडापानी ने की सर्जरी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चंडीगढ़ पीजीआई के डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यहां पहली बार दुनिया में सिर्फ 2 साल के बच्चे में एंडोस्कोपी तकनीक से 7 सेंटीमीटर का विशाल ब्रेन ट्यूमर (मेनिन्जियोमा) निकाला गया है। 

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यह सर्जरी न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रो. ढांडापानी और ईएनटी विभाग के प्रो. अनुराग के नेतृत्व में की गई। खास बात यह रही कि यह ट्यूमर खोपड़ी के आधार (स्कल बेस) से होते हुए नाक के रास्ते नीचे तक फैल चुका था, जिसे बिना सिर खोले केवल एंडोस्कोपी के जरिए निकाला गया। करीब 9 घंटे तक चली इस सर्जरी में डॉक्टरों ने पूरी सावधानी से ट्यूमर को निकाला और सिर खोलकर ऑपरेशन करने की जरूरत नहीं पड़ी। ट्यूमर से बने बड़े छेद को कई परतों में सुरक्षित तरीके से बंद किया गया।

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बच्चे में दिख रहे थे यह गंभीर लक्षण

हरियाणा के सोनीपत से आए इस 2 वर्षीय बच्चे की बाईं आंख बाहर की ओर उभरना, आंख की मूवमेंट रुक जाना, नाक से सांस लेने में दिक्कत और खर्राटे, नाक में गांठ दिखाई देना और आंख से लगातार पानी आना जैसी समस्याएं थीं। सीटी स्कैन और एमआरआई जांच में सामने आया कि बच्चे को नाक, साइनस, आंख और दिमाग तक फैला 7 सेमी का विशाल ट्यूमर है। जांच में यह ट्यूमर मेनिन्जियोमा पाया गया, जो बच्चों में बेहद दुर्लभ होता है। ट्यूमर नाक और आंख की ओर फैला होने के कारण डॉक्टरों ने नाक के रास्ते एंडोस्कोपी सर्जरी की योजना बनाई। इसके लिए आधुनिक नेविगेशन सिस्टम, 45 डिग्री एंडोस्कोप, विशेष उपकरण और उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया गया।

बेहद जोखिम भरा था ऑपरेशन, अब हालत में सुधार

डॉक्टरों के अनुसार स्कल बेस मेनिन्जियोमा का ऑपरेशन वयस्कों में भी बेहद कठिन होता है। 2 साल के बच्चे में यह सर्जरी जीवन के लिए खतरे से भरी थी, क्योंकि ठंड लगने ज्यादा खून बहने और शरीर के तरल संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है। इसी कारण ईएनटी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो एनेस्थीसिया और नर्सिंग स्टाफ की एक विशेष टीम बनाई गई। ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत में तेजी से सुधार हुआ है। एमआरआई जांच में ट्यूमर पूरी तरह हटने की पुष्टि हुई है।

मिसाल बनी पीजीआई की यह सर्जरी

यह उपलब्धि न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में पहली बार इतनी कम उम्र के बच्चे में एंडोस्कोपी से किए गए सबसे बड़े मेनिन्जियोमा ऑपरेशन के रूप में दर्ज की गई है। यह सफलता पीजीआई के डॉक्टरों की उच्च विशेषज्ञता, टीमवर्क और आधुनिक तकनीक का प्रमाण है, जिसने उन्हें विश्व के सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थानों की कतार में खड़ा कर दिया है।

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