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Chandigarh News: चंडीगढ़ में कुत्तों के काटने पर मुआवजा अटका

Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 25 Feb 2026 02:29 AM IST
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Compensation for dog bites stuck in Chandigarh
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चंडीगढ़ में कुत्तों के काटने पर मुआवजा अटका
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डॉग बाइट के मामलों में राहत दो साल से फाइलों में कैद, हर महीने 100 नए आवेदन...हजारों पीड़ित इंतजार में
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। शहर में स्ट्रीट डॉग के हमलों से लोग घायल हो रहे हैं लेकिन मुआवजे की फाइलें नगर निगम के दफ्तरों में धूल फांक रही हैं। पिछले दो वर्षों से डॉग बाइट के मामलों में भुगतान लंबित है। हर महीने सौ से अधिक नए आवेदन आ रहे हैं जबकि अनुमान है कि चार हजार से ज्यादा पीड़ित मुआवजे की प्रतीक्षा में हैं।
पीड़ित नगर आयुक्त से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक गुहार लगा चुके हैं लेकिन फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल तक घूमकर रह जाती हैं। पूर्व डिप्टी मेयर तरुणा मेहता का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग उनके पास शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। उनका सवाल है कि जब उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देश हैं तो भुगतान में देरी क्यों की जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक शहर में हर साल 10 से 12 हजार लोग कुत्तों के काटने से घायल होते हैं। शहर में करीब 10 हजार स्ट्रीट डॉग होने का अनुमान है। लगातार बढ़ती घटनाओं से लोगों में डर का माहौल है लेकिन राहत की प्रक्रिया ठप पड़ी है।
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क्या कहते हैं नियम?
उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार प्रति दांत के निशान पर 10 हजार रुपये और जहां त्वचा अलग हुई हो वहां प्रति 0.2 सेंटीमीटर घाव पर 20 हजार रुपये मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसके बावजूद भुगतान लंबित है।

केस हिस्ट्री
केस-1
दो साल से भटक रहे एसडी गुप्ता
सेक्टर-37 निवासी एसडी गुप्ता दो बार कुत्तों के हमले का शिकार हुए। उन्होंने 35 हजार रुपये मुआवजे का दावा किया लेकिन दो साल बाद भी भुगतान नहीं हुआ। वे लगातार नगर निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। इसे लेकर वे कई बार प्रशासन से भी गुहार लगा चुके हैं। उनका कहना है कि हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है।
केस-2
दीपक की दो फाइलें, राहत शून्य
सेक्टर 9 के रहने वाले दीपक भी दो बार कुत्तों के हमले में घायल हो चुके हैं। पहली बार 2 अगस्त को और दूसरी बार 21 नवंबर को उन्हें कुत्ते ने काटा। उन्होंने दो अलग-अलग फाइलें मुआवजे के लिए जमा कराई हैं। इसके बावजूद आज तक उन्हें मुआवजा नहीं मिला और वह लगातार निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
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