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Chandigarh News: बलटाना रेलवे अंडर ब्रिज का निर्माण जल्द शुरू होगा
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चंडीगढ़। चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली की सीमा पर स्थित बलटाना और के-एरिया के लोगों को लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक समस्या से जल्द राहत मिलने वाली है। बलटाना रेलवे फाटक पर प्रस्तावित रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी) परियोजना को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है। उत्तरी रेलवे ने इसके निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं और टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
बलटाना रेलवे क्रॉसिंग ट्राइसिटी के सबसे व्यस्त रेलवे फाटकों में गिनी जाती है। यहां से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, जिनमें निजी वाहन, औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े ट्रक, स्कूल बसें और एंबुलेंस भी शामिल हैं। ट्रेन के गुजरने के दौरान फाटक बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं। कई बार लोगों को 30 से 45 मिनट तक इंतजार करना पड़ता था जिससे समय की बर्बादी के साथ-साथ आपात सेवाओं को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी।
जाम से मिलेगी राहत, बढ़ेंगी रिहायशी-व्यावसायिक गतिविधियां
रेलवे अंडर ब्रिज बनने के बाद न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी बल्कि क्षेत्र में विकास की रफ्तार भी तेज होगी। अब तक आरयूबी न होने के कारण ट्रैफिक जाम की आशंका से लोग यहां रिहायशी और व्यावसायिक संपत्तियों में निवेश से बचते थे। परियोजना पूरी होने के बाद प्रॉपर्टी के दामों में बढ़ोतरी के साथ-साथ बाजार और व्यावसायिक गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद है।
यह होगा अंडरब्रिज का स्वरूप
आरयूबी परियोजना के तहत करीब 20 मीटर लंबा, लगभग 3.6 मीटर चौड़ा और 7 मीटर ऊंचा अंडर ब्रिज बनाया जाएगा। इससे छोटे और मध्यम श्रेणी के वाहन आसानी से आवाजाही कर सकेंगे। इसके साथ ही सड़क के दोनों ओर बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था और सुरक्षा उपाय किए जाएंगे, ताकि बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या न हो।
सात महीने में पूरा करने का लक्ष्य
रेलवे ने इस परियोजना को करीब सात माह में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। आरयूबी के बन जाने से मोहाली और पंचकूला के बीच संपर्क और अधिक सुगम होगा जिससे व्यापार, उद्योग और आम लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा। बलटाना रेलवे अंडर ब्रिज परियोजना को ट्राइसिटी में ट्रैफिक प्रबंधन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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बलटाना रेलवे क्रॉसिंग ट्राइसिटी के सबसे व्यस्त रेलवे फाटकों में गिनी जाती है। यहां से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, जिनमें निजी वाहन, औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े ट्रक, स्कूल बसें और एंबुलेंस भी शामिल हैं। ट्रेन के गुजरने के दौरान फाटक बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं। कई बार लोगों को 30 से 45 मिनट तक इंतजार करना पड़ता था जिससे समय की बर्बादी के साथ-साथ आपात सेवाओं को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी।
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जाम से मिलेगी राहत, बढ़ेंगी रिहायशी-व्यावसायिक गतिविधियां
रेलवे अंडर ब्रिज बनने के बाद न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी बल्कि क्षेत्र में विकास की रफ्तार भी तेज होगी। अब तक आरयूबी न होने के कारण ट्रैफिक जाम की आशंका से लोग यहां रिहायशी और व्यावसायिक संपत्तियों में निवेश से बचते थे। परियोजना पूरी होने के बाद प्रॉपर्टी के दामों में बढ़ोतरी के साथ-साथ बाजार और व्यावसायिक गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद है।
यह होगा अंडरब्रिज का स्वरूप
आरयूबी परियोजना के तहत करीब 20 मीटर लंबा, लगभग 3.6 मीटर चौड़ा और 7 मीटर ऊंचा अंडर ब्रिज बनाया जाएगा। इससे छोटे और मध्यम श्रेणी के वाहन आसानी से आवाजाही कर सकेंगे। इसके साथ ही सड़क के दोनों ओर बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था और सुरक्षा उपाय किए जाएंगे, ताकि बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या न हो।
सात महीने में पूरा करने का लक्ष्य
रेलवे ने इस परियोजना को करीब सात माह में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। आरयूबी के बन जाने से मोहाली और पंचकूला के बीच संपर्क और अधिक सुगम होगा जिससे व्यापार, उद्योग और आम लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा। बलटाना रेलवे अंडर ब्रिज परियोजना को ट्राइसिटी में ट्रैफिक प्रबंधन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
