{"_id":"69b8c64509134afb450d784c","slug":"idfc-bank-scam-several-ias-officers-attended-vikram-wadhwa-s-birthday-party-in-chandigarh-2026-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईडीएफसी बैंक घोटाला: विक्रम वधावा की जन्मदिन पार्टी में शामिल हुए थे कई IAS, सोने में किया था इन्वेस्ट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
आईडीएफसी बैंक घोटाला: विक्रम वधावा की जन्मदिन पार्टी में शामिल हुए थे कई IAS, सोने में किया था इन्वेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Tue, 17 Mar 2026 08:41 AM IST
विज्ञापन
विक्रम वधावा
- फोटो : संवाद
विज्ञापन
आईडीएफसी बैंक से जुड़े करोड़ों के घोटाले में गिरफ्तार आरोपी विक्रम वधावा के संपर्कों, वित्तीय लेनदेन और नेटवर्क की परतें अब धीरे-धीरे खुलने लगी हैं।
चंडीगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) मामले की गहन जांच में जुटी है और आरोपी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के साथ-साथ उसके सभी बैंक खातों और वित्तीय ट्रांजेक्शन की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी के कुछ अधिकारियों के साथ करीबी संबंध थे और उनके पास उसका लगातार आना-जाना लगा रहता था। हालांकि पुलिस फिलहाल इन तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि से पहले सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है।
सोमवार को पुलिस ने आरोपी विक्रम वधावा का मेडिकल भी करवाया। वहीं हरियाणा की जेल में बंद सह-आरोपी रिभव को प्रोडक्शन वारंट पर चंडीगढ़ लाने की तैयारी की जा रही है। पुलिस दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की योजना बना रही है, ताकि पूरे नेटवर्क और पैसों के प्रवाह की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
Trending Videos
चंडीगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) मामले की गहन जांच में जुटी है और आरोपी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के साथ-साथ उसके सभी बैंक खातों और वित्तीय ट्रांजेक्शन की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों से भी संपर्क
सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि विक्रम वधावा के शहर के कुछ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ भी संपर्क रहे हैं। इन्हीं संपर्कों के सहारे उसने शहर में अपनी पहचान और पहुंच बनाई थी। करीब तीन महीने पहले इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक स्थान पर वधावा ने अपने जन्मदिन पर एक भव्य पार्टी आयोजित की थी। सूत्रों के मुताबिक इस पार्टी में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे जिनमें कुछ आईएएस अधिकारियों की मौजूदगी की भी चर्चा है। फिलहाल पुलिस इन संपर्कों और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी के कुछ अधिकारियों के साथ करीबी संबंध थे और उनके पास उसका लगातार आना-जाना लगा रहता था। हालांकि पुलिस फिलहाल इन तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि से पहले सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है।
घर से कई अहम दस्तावेज बरामद
इस बीच पुलिस ने आरोपी के घर पर दबिश देकर कई अहम दस्तावेज और रिकॉर्ड कब्जे में लिए हैं। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी मामले की अलग से जांच कर रहा है। सूत्रों के अनुसार ईडी को शक है कि आरोपी ने घोटाले के पैसों से बड़ी मात्रा में सोना खरीदा था और उसका कुछ हिस्सा अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखा गया है। इसी कड़ी में शहर के कुछ ज्वैलर्स भी जांच के दायरे में आ गए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ ज्वैलर्स के खातों में भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन के संकेत मिले हैं। ईओडब्ल्यू बैंकिंग रिकॉर्ड खंगालकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घोटाले की रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर हुई और यह पूरा नेटवर्क कब से सक्रिय था।सोमवार को पुलिस ने आरोपी विक्रम वधावा का मेडिकल भी करवाया। वहीं हरियाणा की जेल में बंद सह-आरोपी रिभव को प्रोडक्शन वारंट पर चंडीगढ़ लाने की तैयारी की जा रही है। पुलिस दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की योजना बना रही है, ताकि पूरे नेटवर्क और पैसों के प्रवाह की कड़ियां जोड़ी जा सकें।