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चिन्नी हत्याकांड में बड़ा खुलासा: न्यू चंडीगढ़ तक हुई रेकी, कजहेड़ी से मिला हथियार-बाइक का नेटवर्क

संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Fri, 20 Mar 2026 11:00 AM IST
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सार

चंडीगढ़ सेक्टर नाै में प्राॅपर्टी डीलर की बुधवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में शामिल दो शूटरों को पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और हरियाणा एसटीएफ करनाल की संयुक्त टीम ने कैथल के गांव चौशाला से पकड़ा था। 

Revelation in Chinni Murder Reconnaissance to New Chandigarh Weapons Bikes Traced to Kajheri
प्रीतम और पीयूष - फोटो : फाइल
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विस्तार

चंडीगढ़ सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चिन्नी की हत्या में कैथल से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए हैं।
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शुरुआती जांच में सामने आया है कि शूटरों ने वारदात से पहले तीन से चार दिनों तक लगातार चिन्नी की रेकी की। वे न्यू चंडीगढ़ तक उसके पीछे पहुंचे जहां एक कार वॉशिंग सेंटर पर उसकी फॉर्च्यूनर खड़ी मिली लेकिन चिन्नी मौके पर नहीं था। मौका न मिलने पर आरोपी लौट गए और बाद में साजिश को अंजाम दिया। मुठभेड़ में घायल दोनों आरोपियों को कैथल से चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया है, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच उनसे पूछताछ जारी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गैंगस्टर लक्की पटियाल के निर्देश पर दोनों शूटर लगातार चिन्नी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। उन्हें पहले से इनपुट दिया गया था कि चिन्नी अक्सर जिम या अपने ऑफिस में मिलता है। इसी आधार पर वे उसकी मूवमेंट ट्रैक कर रहे थे। वारदात से पहले दोनों आरोपी तीन दिन तक कजहेड़ी के एक होटल में ठहरे रहे जहां पूरी प्लानिंग को अंतिम रूप दिया गया।
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जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या में इस्तेमाल हथियार और बाइक की व्यवस्था भी चंडीगढ़ में ही करवाई गई थी। आरोपियों के पास चिन्नी की फॉर्च्यूनर का नंबर पहले से मौजूद था जिससे वे आसानी से उसका पीछा कर सके। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी साजिश के बावजूद स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।

जंगी एप के जरिए होते थे निर्देश

सूत्रों के मुताबिक, दोनों शूटर लक्की पटियाल के संपर्क में जंगी एप के जरिए थे। वारदात की पूरी प्लानिंग इसी एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म पर की गई जिससे पुलिस की निगरानी से बचा जा सके। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि जनवरी में भी चिन्नी की रेकी की गई थी। उस समय पीयूष उर्फ राजन मलयेशिया से भारत आया था लेकिन किसी कारणवश वारदात को अंजाम नहीं दिया जा सका। इस बार दोबारा आकर उसने योजना पूरी की।

विदेशी कनेक्शन की भी जांच

पुलिस के अनुसार पीयूष का संपर्क मलयेशिया में उसके रूम पार्टनर के जरिये लक्की पटियाल से हुआ था। वहीं दूसरे आरोपी प्रीतम का संपर्क अमेरिका में रहने वाले एक व्यक्ति के जरिये गैंगस्टर से हुआ। अब पुलिस इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

प्रॉपर्टी विवाद बना हत्या का कारण?

जांच में एक और अहम एंगल सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, चिन्नी का किसी बड़ी पार्टी के साथ प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। आशंका है कि इसी विवाद के चलते लक्की पटियाल के जरिये सुपारी दी गई हो। पुलिस इस आर्थिक पहलू को भी गंभीरता से खंगाल रही है।

अन्य टारगेट्स की भी कर चुके थे रेकी

सूत्र बताते हैं कि आरोपियों ने पंजाब में अन्य व्यक्तियों की भी रेकी की थी, जिनमें रुपिंदर गांधी हत्याकांड से जुड़े एक शख्स का नाम भी सामने आया है। इससे संकेत मिलते हैं कि यह नेटवर्क सिर्फ एक वारदात तक सीमित नहीं बल्कि बड़े आपराधिक मॉड्यूल का हिस्सा है।
 
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