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Chandigarh: फर्जी ट्रैफिक चालान से ठगी मामले में पाकिस्तान से जुड़े तार, एक मैसेज भेजने के मिलते थे 15 पैसे

संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Tue, 03 Feb 2026 02:31 AM IST
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सार

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को मैसेज का कंटेंट, लिंक और तकनीकी निर्देश पाकिस्तान से ही मिलते थे। फिलहाल साइबर क्राइम पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य भारतीय और विदेशी लिंक की जांच में जुटी है।

Fake traffic challan fraud case linked to Pakistan
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI
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विस्तार
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फर्जी ट्रैफिक चालान के नाम पर एसएमएस भेजकर लोगों से ठगी करने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। साइबर क्राइम थाना पुलिस की जांच में इस संगठित ठगी नेटवर्क का सीधा लिंक पाकिस्तान से जुड़ा पाया गया है।
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सूत्रों के अनुसार इस पूरे रैकेट का संचालन पाकिस्तान से किया जा रहा था जबकि भारत में बैठे युवक केवल मैसेज भेजने का काम कर रहे थे।

इस मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रथ निवासी शैलेंद्र कुमार (19) और बांदा निवासी महेंद्र सिंह (19) को यूपी के बांदा जिले से गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपी बेरोजगार थे और नौकरी की तलाश में थे। पूछताछ में सामने आया कि उन्हें व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से मैसेज मिला जिसमें आसान तरीके से पैसे कमाने का लालच दिया गया था। मैसेज में एक लिंक डाउनलोड करने को कहा गया था।
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लिंक डाउनलोड करते ही दोनों आरोपी ठगी के नेटवर्क से जुड़ गए। उन्हें निर्देश दिए गए कि वे लोगों के मोबाइल नंबरों पर फर्जी ट्रैफिक चालान से जुड़े एसएमएस भेजें। आरोपियों को हर एक मैसेज के बदले 15 पैसे देने का लालच दिया गया था। पिछले करीब चार महीनों से दोनों आरोपी यह काम कर रहे थे। वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और विभिन्न एप के जरिये लोगों के मोबाइल नंबर जुटाते थे और फिर उन्हें ट्रैफिक नियम उल्लंघन का फर्जी मैसेज भेजते थे। 

मैसेज में एक भुगतान लिंक होता था जिस पर क्लिक करते ही लोग ठगी का शिकार हो जाते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को मैसेज का कंटेंट, लिंक और तकनीकी निर्देश पाकिस्तान से ही मिलते थे। फिलहाल साइबर क्राइम पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य भारतीय और विदेशी लिंक की जांच में जुटी है।

डीएसपी ट्रैफिक की शिकायत से खुला मामला

इस पूरे मामले का खुलासा ट्रैफिक डीएसपी श्री प्रकाश की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने साइबर क्राइम थाना सेक्टर-17 में शिकायत दर्ज करवाई थी। डीएसपी ने बताया कि 13 जनवरी को उनके मोबाइल पर एक संदिग्ध एसएमएस आया जिसमें कैमरे से ट्रैफिक नियम उल्लंघन का दावा करते हुए तुरंत भुगतान के लिए लिंक भेजा गया था। संदेह होने पर जब ट्रैफिक लाइन सेक्टर-29 से जांच करवाई गई तो पता चला कि यह मैसेज चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक सिस्टम से नहीं भेजा गया है। इसी तरह के फर्जी मैसेज कई अन्य लोगों को भी मिले थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और यूपी से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। अब पूरे ठगी नेटवर्क और पाकिस्तान लिंक की गहन जांच की जा रही है।
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