चंडीगढ़ में गैस संकट: घरेलू सिलिंडर पर चल रहे ढाबे, सेक्टर-37 में पराठे बंद; कई ने बदला व्यवसाय
कॉमर्शियल गैस की सप्लाई में भारी कमी के कारण सिलिंडर ब्लैक में मिल रहे हैं और गैस स्टोव भी उपलब्ध नहीं हैं। मजबूरी में कुछ होटल और रेस्टोरेंट घरेलू गैस सिलिंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी गैस मिलने में दिक्कतें बढ़ रही हैं।
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चंडीगढ़ में कॉमर्शियल गैस की किल्लत ने छोटे कारोबारियों की हालत खराब कर दी है। ढाबा संचालकों और रेहड़ी-फड़ी वालों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
कई स्थानों पर ढाबे बंद हो गए हैं, जबकि कुछ संचालक घरेलू गैस सिलिंडर से किसी तरह काम चला रहे हैं। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सेक्टर-37 में कई ढाबों पर पराठे तक बंद हो गए हैं।
कई ने बदला कारोबार
सेक्टर-41 की राधे मार्केट में कई छोटे दुकानदारों ने अपना कारोबार बदल लिया है। स्थानीय दुकानदार चंचल माही के अनुसार, कुछ लोगों ने सिलिंडर न मिलने के कारण ठंडे पेय की दुकान शुरू कर दी है जबकि कुछ ने कपड़ों का कारोबार अपना लिया है।
रोज बीस हजार सिलिंडर की बुकिंग
गैस एजेंसियों पर भी दबाव लगातार बढ़ रहा है। सेक्टर-30 की एक गैस एजेंसी के मैनेजर राजेश ठाकुर ने बताया कि पहले जहां रोजाना करीब 12,300 बुकिंग होती थीं, वहीं अब यह आंकड़ा 20,000 से पार हो चुका है। इससे ऑनलाइन सिस्टम पर भी दबाव बढ़ा है और उपभोक्ताओं को बुकिंग में देरी का सामना करना पड़ रहा है। एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। कालाबाजारी या ज्यादा कीमत वसूलने की शिकायत सीधे खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को देने की अपील की गई है। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रामदरबार और मनीमाजरा स्थित गैस गोदामों पर पुलिस तैनात की गई है।
रियल-टाइम स्टॉक की निगरानी के लिए विशेष टीमें गठित
प्रशासन ने रियल-टाइम स्टॉक की निगरानी के लिए विशेष टीमें गठित की हैं, जो एजेंसियों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं ताकि सप्लाई सुचारु बनी रहे। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555, भारत गैस के लिए 1800-22-4344 और आपात स्थिति में 1906 नंबर जारी किए गए हैं।