{"_id":"69bbe5566b5174b11605e85c","slug":"an-action-plan-worth-rs-1122-crore-has-been-approved-to-modernise-agriculture-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1089-974504-2026-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: खेती को आधुनिक बनाने के लिए 1122 करोड़ की कार्ययोजना मंजूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: खेती को आधुनिक बनाने के लिए 1122 करोड़ की कार्ययोजना मंजूर
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। किसानों की आय बढ़ाने व खेती को आधुनिक बनाने के लिए पीएम राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए 1122 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है। इसमें प्राकृतिक खेती को बढ़ाने के लिए 15 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। इसके अलावा तिलहन, दलहन और खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के लिए अलग-अलग योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है ताकि देश को आयात पर कम निर्भर रहना पड़े। यह फैसला मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई राज्यस्तरीय समिति की बैठक में लिया गया।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य खेती की पैदावार बढ़ाना, लागत कम करना और प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग करना है ताकि किसान नई तकनीक अपनाएं, पानी की बचत करें और पारंपरिक फसलों के साथ अन्य फसलों की ओर भी बढ़ें। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए बागवानी मिशन के तहत 110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे किसान फल, सब्जी और अन्य फसलों की खेती की ओर बढ़ सकेंगे। साथ ही ड्रॉप मोर क्रॉप योजना के तहत 160 करोड़ रुपये रखे गए हैं, ताकि कम पानी में ज्यादा उत्पादन हो सके।
सरकार ने मधुमक्खी पालन के लिए भी 6 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं जिससे किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ेगी। इसके साथ ही कृषि ढांचे को मजबूत करने, रिसर्च सुविधाएं बढ़ाने और सिंचाई व्यवस्था सुधारने पर भी काम होगा।
कृषि मशीनीकरण के लिए 200 व पराली प्रबंधन के लिए 250 करोड़ तय
योजना के तहत कृषि मशीनीकरण पर भी जोर दिया गया है। इसके लिए 200 करोड़ रुपये रखे गए हैं जिससे किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। पराली जलाने की समस्या को कम करने के लिए फसल अवशेष प्रबंधन पर 250 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके जरिए किसानों को मशीनें दी जाएंगी और जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।
Trending Videos
चंडीगढ़। किसानों की आय बढ़ाने व खेती को आधुनिक बनाने के लिए पीएम राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए 1122 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है। इसमें प्राकृतिक खेती को बढ़ाने के लिए 15 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। इसके अलावा तिलहन, दलहन और खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के लिए अलग-अलग योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है ताकि देश को आयात पर कम निर्भर रहना पड़े। यह फैसला मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई राज्यस्तरीय समिति की बैठक में लिया गया।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य खेती की पैदावार बढ़ाना, लागत कम करना और प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग करना है ताकि किसान नई तकनीक अपनाएं, पानी की बचत करें और पारंपरिक फसलों के साथ अन्य फसलों की ओर भी बढ़ें। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए बागवानी मिशन के तहत 110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे किसान फल, सब्जी और अन्य फसलों की खेती की ओर बढ़ सकेंगे। साथ ही ड्रॉप मोर क्रॉप योजना के तहत 160 करोड़ रुपये रखे गए हैं, ताकि कम पानी में ज्यादा उत्पादन हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार ने मधुमक्खी पालन के लिए भी 6 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं जिससे किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ेगी। इसके साथ ही कृषि ढांचे को मजबूत करने, रिसर्च सुविधाएं बढ़ाने और सिंचाई व्यवस्था सुधारने पर भी काम होगा।
कृषि मशीनीकरण के लिए 200 व पराली प्रबंधन के लिए 250 करोड़ तय
योजना के तहत कृषि मशीनीकरण पर भी जोर दिया गया है। इसके लिए 200 करोड़ रुपये रखे गए हैं जिससे किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। पराली जलाने की समस्या को कम करने के लिए फसल अवशेष प्रबंधन पर 250 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके जरिए किसानों को मशीनें दी जाएंगी और जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।