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Chandigarh News: सेना में युवाओं का बढ़ता आकर्षण... चार साल में पंजाब-चंडीगढ़ से 500 युवा बने अफसर
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चंडीगढ़। केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों के साथ-साथ फौजियों द्वारा स्कूलों और कॉलेजों में दी जा रही जानकारी के चलते अब युवा सेना के माध्यम से देश सेवा के लिए उमड़ने लगे हैं। चंडीगढ़ में एनडीए की तैयारी करवाने वाले इंस्टीट्यूट के रिटायर्ड फौजी अधिकारियों के अनुसार विदेशों से भारतीयों के डिपोर्ट होने जैसे मामलों ने भी युवाओं को सेना की ओर आकर्षित किया है।
पिछले चार साल में चंडीगढ़ और पंजाब से करीब 500 युवा सेना में कमीशन ले चुके हैं। इसमें थल सेना, नेवी और एयरफोर्स शामिल हैं। इन युवाओं का चयन एनडीए, आईएमए और सेना की अन्य विंग्स में अधिकारियों के पदों के लिए हुआ है। महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेस प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट के 84 से अधिक कैडेट्स ने थल सेना, एयरफोर्स और नेवी में कमिशन हासिल किया।
बोर्डिंग इंस्टीट्यूटों का उदय
युवाओं के जोश को देखते हुए चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में एनडीए की तैयारी के लिए एक दर्जन से ज्यादा इंस्टीट्यूट खुल चुके हैं, जो बोर्डिंग सुविधा भी दे रहे हैं। इन इंस्टीट्यूटों के मालिकों के अनुसार, पिछले चार साल में सेना की ओर रुझान तेजी से बढ़ा है। इनमें पंजाब और चंडीगढ़ के युवा शामिल हैं, साथ ही ऐसे भी जो सरकारी अकादमियों की परीक्षा देते हैं लेकिन पहली बार में चयनित नहीं हो पाते।
इसलिए आया सेना में भर्ती का जोश
1-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बने हालात, देश वापसी (अमेरिका द्वारा डिपोर्ट करना, यूक्रेन से वापसी और कई देशों में युद्ध की स्थिति)।
2-दसवीं के बाद ही माता-पिता द्वारा अपने बच्चों को कॅरिअर की ओर ध्यान देने के लिए कहना, सैन्य स्कूलों में भेजना।
3-अग्निवीरों के लिए सरकारी संस्थानों, सीआरपीएफ और अन्य संगठनों द्वारा किए गए आरक्षण।
सेना के प्रति युवाओं का बढ़ा जोश
सेना के प्रति युवाओं का जोश बढ़ा है। सरकार के प्रयासों और सैन्य अफसरों द्वारा स्कूल और कॉलेज में दी जाने वाली कॅरिअर की जानकारी से यह जोश दोबारा से आ रहा है। इसमें शहरी और ग्रामीण दोनों जगह से युवा आ रहे हैं। -लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटा.) केजे सिंह
युवाओं का फौज में लौटना अच्छा संकेत
सेना को युवा सोशल सिक्योरिटी के साथ शान की नौकरी भी मानते हैं। इसी वजह से युवा फौज की ओर लौट रहे हैं। यह एक अच्छा संकेत है। अब एनडीए, सीडीएस, आईएमए, पैरामिलिट्री और कई अन्य माध्यमों से युवाओं को फौज में जॉइन करने के अवसर भी खुले हैं। -कर्नल अशोकन के, पूर्व सैन्य अधिकारी और एसएसबी के पूर्व सदस्य
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पिछले चार साल में चंडीगढ़ और पंजाब से करीब 500 युवा सेना में कमीशन ले चुके हैं। इसमें थल सेना, नेवी और एयरफोर्स शामिल हैं। इन युवाओं का चयन एनडीए, आईएमए और सेना की अन्य विंग्स में अधिकारियों के पदों के लिए हुआ है। महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेस प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट के 84 से अधिक कैडेट्स ने थल सेना, एयरफोर्स और नेवी में कमिशन हासिल किया।
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बोर्डिंग इंस्टीट्यूटों का उदय
युवाओं के जोश को देखते हुए चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में एनडीए की तैयारी के लिए एक दर्जन से ज्यादा इंस्टीट्यूट खुल चुके हैं, जो बोर्डिंग सुविधा भी दे रहे हैं। इन इंस्टीट्यूटों के मालिकों के अनुसार, पिछले चार साल में सेना की ओर रुझान तेजी से बढ़ा है। इनमें पंजाब और चंडीगढ़ के युवा शामिल हैं, साथ ही ऐसे भी जो सरकारी अकादमियों की परीक्षा देते हैं लेकिन पहली बार में चयनित नहीं हो पाते।
इसलिए आया सेना में भर्ती का जोश
1-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बने हालात, देश वापसी (अमेरिका द्वारा डिपोर्ट करना, यूक्रेन से वापसी और कई देशों में युद्ध की स्थिति)।
2-दसवीं के बाद ही माता-पिता द्वारा अपने बच्चों को कॅरिअर की ओर ध्यान देने के लिए कहना, सैन्य स्कूलों में भेजना।
3-अग्निवीरों के लिए सरकारी संस्थानों, सीआरपीएफ और अन्य संगठनों द्वारा किए गए आरक्षण।
सेना के प्रति युवाओं का बढ़ा जोश
सेना के प्रति युवाओं का जोश बढ़ा है। सरकार के प्रयासों और सैन्य अफसरों द्वारा स्कूल और कॉलेज में दी जाने वाली कॅरिअर की जानकारी से यह जोश दोबारा से आ रहा है। इसमें शहरी और ग्रामीण दोनों जगह से युवा आ रहे हैं। -लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटा.) केजे सिंह
युवाओं का फौज में लौटना अच्छा संकेत
सेना को युवा सोशल सिक्योरिटी के साथ शान की नौकरी भी मानते हैं। इसी वजह से युवा फौज की ओर लौट रहे हैं। यह एक अच्छा संकेत है। अब एनडीए, सीडीएस, आईएमए, पैरामिलिट्री और कई अन्य माध्यमों से युवाओं को फौज में जॉइन करने के अवसर भी खुले हैं। -कर्नल अशोकन के, पूर्व सैन्य अधिकारी और एसएसबी के पूर्व सदस्य