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Rajya Sabha Election: वोट रद्द होने से देर रात तक सस्पेंस, बढ़ी रही कांग्रेस की धड़कनें; दिल्ली तक नेता सक्रिय
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: Sharukh Khan
Updated Tue, 17 Mar 2026 12:07 PM IST
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सार
वोट रद्द होने से देर रात तक सस्पेंस बना रहा। क्रॉस वोटिंग की भी चर्चा से कांग्रेस की धड़कनें बढ़ी रहीं। चंडीगढ़ से दिल्ली तक नेता सक्रिय रहे। कांग्रेस बहुमत के बावजूद पसोपेश में रही। 2016 और 2022 में बहुमत के बाद भी प्रत्याशी हार गए थे।
Haryana Rajya Sabha Polls
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
राज्यसभा चुनाव में रात एक बजे तक हरियाणा की राजनीति एक बार फिर उस मोड़ पर खड़ी दिखी जहां इतिहास खुद को दोहराने की आहट देता दिखाई दे रहा था। 2016 और 2022 के राज्यसभा चुनाव में बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस जीत से दूर रह गई थी।
कुछ वैसी ही परिस्थितियां इस बार भी बनती दिख रही थी। देर रात तक चले घटनाक्रम, एक वोट रद्द होने और क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं ने सियासी तापमान को बढ़ाए रखा। चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस नेताओं की भागदौड़ शुरू हो गई।
मतदान खत्म होने से पहले कांग्रेसी काफी उत्साहित नजर आ रहे थे मगर जैसे ही भाजपा ने कांग्रेस के दो वोट रद्द करने की शिकायत की पार्टी खेमे में हलचल मच गई। कुछ विधायकों की क्रॉस वोटिंग की चर्चा ने कांग्रेस की चिंता और बढ़ा दी।
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कुछ वैसी ही परिस्थितियां इस बार भी बनती दिख रही थी। देर रात तक चले घटनाक्रम, एक वोट रद्द होने और क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं ने सियासी तापमान को बढ़ाए रखा। चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस नेताओं की भागदौड़ शुरू हो गई।
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मतदान खत्म होने से पहले कांग्रेसी काफी उत्साहित नजर आ रहे थे मगर जैसे ही भाजपा ने कांग्रेस के दो वोट रद्द करने की शिकायत की पार्टी खेमे में हलचल मच गई। कुछ विधायकों की क्रॉस वोटिंग की चर्चा ने कांग्रेस की चिंता और बढ़ा दी।
चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक पार्टी नेताओं की बैठकों का दौर शुरू हो गया। कुछ कांग्रेसी नेता चुनाव आयोग तक पहुंच गए ताकि पूरे मामले को लेकर आपत्ति दर्ज कराई जा सके।
2016 में भी कुछ ऐसा ही राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला था। उस समय दो सीटों पर हुए चुनाव में एक सीट भाजपा के बीरेंद्र चौधरी ने जीती थी। दूसरी सीट पर भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा जीतने में सफल रहे थे।
उस चुनाव में कांग्रेस और इनेलो ने आरके आनंद को समर्थन दिया था और दोनों दलों के पास मिलाकर करीब 35 विधायक थे। इसके बावजूद नतीजा कांग्रेस के खिलाफ गया। उस समय कांग्रेस विधायकों के 14 वोट अवैध करार दिए गए थे, जबकि इनेलो के एक विधायक ने सुभाष चंद्रा के पक्ष में मतदान कर दिया था।
2022 के राज्यसभा चुनाव में भी कांग्रेस को बड़ा झटका लगा था। उस समय कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन को हार का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस के पास 31 विधायक होने के बावजूद भाजपा-जजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा ने उन्हें पराजित कर दिया था।
गंगवा बोले - कांग्रेस गुटों में बंटी, अरोड़ा ने भाजपा पर धनबल का आरोप लगाया
मंत्री रणबीर गंगवा और कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा में नोकझोंक हुई। गंगवा ने कहा कि पार्टी अंदरूनी गुटबाजी से जूझ रही है और एकजुट नहीं है। अरोड़ा ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव में धनबल का इस्तेमाल कर रही है। भाजपा एससी वर्ग के उम्मीदवार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
मंत्री रणबीर गंगवा और कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा में नोकझोंक हुई। गंगवा ने कहा कि पार्टी अंदरूनी गुटबाजी से जूझ रही है और एकजुट नहीं है। अरोड़ा ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव में धनबल का इस्तेमाल कर रही है। भाजपा एससी वर्ग के उम्मीदवार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
प्रदेशाध्यक्ष ने भाजपा पर लगाया हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र ने आरोप लगाया कि उनके विधायकों से संपर्क करने की कोशिश की गई और कुछ भाजपा नेता शिमला में देखे गए। उन्होंने प्रशासन पर भाजपा के एजेंट की तरह काम करने का भी आरोप लगाया।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र ने आरोप लगाया कि उनके विधायकों से संपर्क करने की कोशिश की गई और कुछ भाजपा नेता शिमला में देखे गए। उन्होंने प्रशासन पर भाजपा के एजेंट की तरह काम करने का भी आरोप लगाया।