{"_id":"69b905521c16f0feb10eff64","slug":"haryana-rajya-sabha-election-cross-voting-in-congress-bjp-strategy-sanjay-bhatia-karamveer-bodh-2026-03-17","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Haryana Rajyasabha Election: किलेबंदी के बावजूद कांग्रेस में क्राॅस वोटिंग, भाजपा की रणनीति भी नाकाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana Rajyasabha Election: किलेबंदी के बावजूद कांग्रेस में क्राॅस वोटिंग, भाजपा की रणनीति भी नाकाम
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Tue, 17 Mar 2026 01:19 PM IST
विज्ञापन
सार
हरियाणा में सोमवार को राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव हुए थे। मतदान खत्म होने के करीब सवा नौ घंटे बाद परिणाम घोषित किए गए। भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध विजयी रहे।
हरियाणा राज्यसभा चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में नतीजे भले ही साफ दिखे, लेकिन अंदर की कहानी बेहद रोमांचक रही। चुनाव के दौरान खेल कुछ ऐसा रचा गया कि आखिरी पलों तक सस्पेंस बना रहा। अंत में कांग्रेस के करमवीर बौद्ध और बीजेपी के संजय भाटिया जीत गए, मगर भाजपा दूसरी सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को जीत के मुहाने पर लाकर चूक गई।
Trending Videos
कांग्रेस को क्यों लगा झटका
राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस को भी काफी बड़ा झटका लगा है। चुनाव से पहले एकजुटता का दावा करने वाली कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है, जबकि चार वोट अमान्य पाए गए। कांग्रेस ने फिलहाल क्रॉस वोटिंग करने वाले नामों का खुलासा नहीं किया है। इतना जरूर कहा है कि उन्हें पता है कि किन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है उनके खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।जीत के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी पर चुनाव परिणाम को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, बीजेपी ने वोट चोरी के हर हथकंडे अपनाए, लेकिन हमारे विधायक उनके झांसे में नहीं आए। यह वोट चोरी की हार है। हुड्डा ने यह भी आरोप लगाया कि रिटर्निंग अधिकारी ने पक्षपातपूर्ण तरीके से काम किया।
अब भाजपा के चार और कांग्रेस के पास एक सांसद
इस चुनाव के बाद हरियाणा से राज्यसभा की पांच सीटों में से अब चार पर भाजपा और एक सीट पर कांग्रेस है। भाजपा के तीन सांसद संजय भाटिया, रेखा शर्मा और सुभाष बराला है, जबकि कार्तिकेय शर्मा समर्थित हैं। वहीं, अब कांग्रेस के भी हरियाणा से एक सांसद कर्मवीर बौद्ध हो गए है।
विज्ञापन
विज्ञापन
भजपा कैसे चूकी दूसरी सीट पर
1 इनेलो से तालमेल नहीं बना पाईभाजपा इनेलो के विधायकों को अपने पक्ष में लाने में असफल रही। अगर ये 2 वोट मिल जाते तो नतीजा अलग होता।
2. अपना एक वोट बचा नहीं सकी
भाजपा का एक वोट रद्द होना सीधे तौर पर नुकसानदायक साबित हुआ। इतने करीबी मुकाबले में एक वोट भी भारी पड़ता है।
3. निर्दलीय उम्मीदवार के लिए पर्याप्त मैनेजमेंट नहीं
सतीश नांदल को जिताने के लिए जरूरी अतिरिक्त वोटों की व्यवस्था नहीं हो सकी।
4. कांग्रेस के वोट तोड़े, लेकिन पूरी तरह नहीं
हालांकि कांग्रेस के कुछ वोट टूटे, लेकिन बीजेपी उन्हें निर्णायक बढ़त में नहीं बदल पाई।
5. कानूनी रणनीति सफल नहीं हुई
भरत सिंह बेनीवाल का वोट रद्द कराने की कोशिश की गई, लेकिन यह दांव नहीं चला। अगर यह वोट रद्द हो जाता तो परिणाम बदल सकता था।
ऐसी जीती भाजपा-कांग्रेस
हरियाणा में कुल विधायक: 90इनेलो के वोट (जो नहीं डाले गए) : 2
कुल वोट डाले गए : 88
सही (वैध) वोट: 83
गलत (रद्द) वोट: 5
4 कांग्रेस के, एक भाजपा का (मतलब 5 वोट खराब हो गए, जिनका कोई फायदा नहीं मिला।)
जीत के लिए कितना चाहिए था?
राज्यसभा चुनाव में हर वोट की कीमत 100 मानी जाती है।83 वोट × 100 = 8300
अब इसे 3 से बांटते हैं (क्योंकि 2 सीटें हैं, तो +1 करके 3)
8300 ÷ 3 + 1 = 2767
यानी जीतने के लिए किसी को 2767 “वोट वैल्यू” चाहिए थी।
पहला उम्मीदवार: संजय भाटिया (बीजेपी)
उन्हें 39 वोट मिले
39 × 100 = 3900
ये 2767 से काफी ज्यादा है, इसलिए वो आराम से जीत गए।
उनके पास 1133 वोट ज्यादा बच गए (इसे सरप्लस कहते हैं)
अब असली मुकाबला (दूसरी सीट का खेल)
कांग्रेस उम्मीदवार: करमवीर बौद्ध
वोट मिले: 28
28 × 100 = 2800
बीजेपी समर्थित निर्दलीय: सतीश नांदल
पहले वोट: 16
16 × 100 = 1600
फिर भाटिया के बचे हुए (सरप्लस) वोट मिले: 1133
कुल: 1600 + 1133 = 2733
आखिर में कौन जीता
करमवीर बौद्ध: 2800
सतीश नांदल: 2733