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Chandigarh News: जन्म के तुरंत बाद हियरिंग स्क्रीनिंग से सुनने की समस्या का जल्द पता संभव
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चंडीगढ़। पीजीआई के सैटेलाइट सेंटर संगरूर में नेशनल हियरिंग वीक और वर्ल्ड हियरिंग डे के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इस वर्ष विश्व श्रवण दिवस की थीम ‘समुदायों से लेकर कक्षाओं तक: सभी बच्चों के लिए श्रवण देखभाल’ रखी गई है, जिसका उद्देश्य हर बच्चे तक सुनने से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
कार्यक्रम का आयोजन पीजीआई के ईएनटी एवं हेड-नेक सर्जरी विभाग ने कम्युनिटी मेडिसिन और पीडियाट्रिक्स विभाग के सहयोग से किया। ईएनटी विभाग की सहायक प्रोफेसर गुरकिरन कौर ने नवजात शिशुओं की हियरिंग स्क्रीनिंग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जन्म के तुरंत बाद जांच होने से सुनने की समस्या का जल्दी पता चल सकता है और समय पर इलाज से बच्चों के बोलने और भाषा सीखने में होने वाली देरी को रोका जा सकता है।
सहायक प्रोफेसर डॉ. हर आशीष जिंदल ने कहा कि समाज में सुनने से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूकता अभी भी कम है, इसलिए लोगों को समय पर जांच और इलाज के लिए प्रेरित करना जरूरी है। डॉ. नवदीप और डॉ. शित्रष्ण ने नवजातों की सही देखभाल, समय पर टीकाकरण और संक्रमण के उपचार पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम का आयोजन पीजीआई के ईएनटी एवं हेड-नेक सर्जरी विभाग ने कम्युनिटी मेडिसिन और पीडियाट्रिक्स विभाग के सहयोग से किया। ईएनटी विभाग की सहायक प्रोफेसर गुरकिरन कौर ने नवजात शिशुओं की हियरिंग स्क्रीनिंग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जन्म के तुरंत बाद जांच होने से सुनने की समस्या का जल्दी पता चल सकता है और समय पर इलाज से बच्चों के बोलने और भाषा सीखने में होने वाली देरी को रोका जा सकता है।
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सहायक प्रोफेसर डॉ. हर आशीष जिंदल ने कहा कि समाज में सुनने से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूकता अभी भी कम है, इसलिए लोगों को समय पर जांच और इलाज के लिए प्रेरित करना जरूरी है। डॉ. नवदीप और डॉ. शित्रष्ण ने नवजातों की सही देखभाल, समय पर टीकाकरण और संक्रमण के उपचार पर भी जोर दिया।