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Chandigarh News: मेन इमरजेंसी से कहकर भेजे दिल के मरीज, वहां जांच में 80% निकले नॉन-कार्डियक

Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 10 Mar 2026 03:00 AM IST
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Heart patients were sent to the main emergency room, where 80% of them were found to be non-cardiac
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चंडीगढ़। पीजीआई के एडवांस्ड कार्डियक सेंटर में सोमवार से कार्डियक इमरजेंसी शुरू तो कर दी गई लेकिन पहले ही दिन व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए। मुख्य इमरजेंसी से दिल की बीमारी बताकर जिन मरीजों को हार्ट कमांड सेंटर भेजा गया, वहां जांच के बाद उनमें से करीब 80 प्रतिशत मरीज नॉन-कार्डियक निकले। ऐसे मरीजों को फिर से मुख्य इमरजेंसी में रेफर करना पड़ा।
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मौके पर मौजूद डॉक्टरों के अनुसार अभी यहां केवल बेड लगाकर मरीजों को भर्ती करना शुरू किया गया है जबकि कई जरूरी सुविधाएं और संसाधन पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। रेडियोडायग्नोसिस और लैब की पूर्ण व्यवस्था न होने के कारण कई जांचों के लिए मरीजों को अन्य विभागों या मुख्य इमरजेंसी में भेजने की योजना बनाई गई है। स्थिति यह है कि जिस हार्ट कमांड सेंटर में इमरजेंसी शुरू की गई है, वहां का शौचालय पिछले करीब चार महीनों से बंद पड़ा है। मरीजों और उनके तीमारदारों को शौचालय के लिए ओपीडी ब्लॉक या परिसर में लगाए गए मोबाइल टॉयलेट का सहारा लेना पड़ रहा है।
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जानकारी के अनुसार सीटी स्कैन के लिए मरीजों को मुख्य इमरजेंसी और कुछ मामलों में एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर तक भेजने की तैयारी की गई है। वहीं एडवांस्ड कार्डियक सेंटर में एमआरआई मशीन होने के बावजूद स्टाफ की कमी के कारण उसका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। फिलहाल एक्सरे, ईसीजी, इको और सीमित संसाधनों के सहारे ही कार्डियक इमरजेंसी के मरीजों का इलाज करने की व्यवस्था की गई है।
विरोध के बाद जारी हुआ दूसरा आदेश
एडवांस्ड कार्डियक सेंटर के कुछ डॉक्टरों का कहना है कि पीजीआई प्रशासन पहले चरण में यहां ट्रायज एरिया बनाने की योजना बना रहा था। इसका विरोध होने के बाद फिलहाल केवल कार्डियक मरीजों की इमरजेंसी शुरू करने का आदेश जारी किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि मूलभूत सुविधाएं और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराए बिना केवल बेड लगा देने से गंभीर मरीजों का प्रभावी इलाज संभव नहीं होगा।
वहीं पीजीआई प्रशासन का कहना है कि कार्डियक इमरजेंसी को फिलहाल ट्रायल बेस पर शुरू किया गया है। संचालन के दौरान कमियों को चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से आवश्यक सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
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