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Chandigarh News: गवर्नर हाउस घेराव पर रोक से हाईकोर्ट का इन्कार
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चंडीगढ़। कौमी इंसाफ मोर्चे के शनिवार को पंजाब के गवर्नर हाउस के घेराव के एलान पर रोक लगाने से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इन्कार कर दिया। अदालत ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार को सुरक्षा व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी। अदालत ने दोनों पक्षों से प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति रिपोर्ट मांगी है।
याचिकाकर्ता विवेक सिंगला ने कहा कि बड़ी संख्या में समर्थकों के चंडीगढ़ पहुंचने से कानून-व्यवस्था और यातायात प्रभावित हो सकता है। उन्होंने अप्रिय घटना की आशंका जताते हुए आपातकालीन सेवाओं पर असर की बात भी कही। स्वतंत्रता दिवस के कारण पहले से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का भी हवाला दिया गया। प्रशासन और पंजाब सरकार ने अदालत को बताया कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।
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गवर्नर हाउस घेराव के एलान, रोक लगाने से हाईकोर्ट का इन्कार
-हाईकोर्ट ने कहा कि शांति से प्रदर्शन का अधिकार लेकिन कानून-व्यवस्था बिगड़ने न दें-कौमी इंसाफ मोर्चे के प्रदर्शन को लेकर जनहित याचिका
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कौमी इंसाफ मोर्चे की ओर से शनिवार को पंजाब के गवर्नर हाउस के घेराव पर रोक लगाने से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इन्कार कर दिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन इसके साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो और सार्वजनिक संपत्ति को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी। इसी दिन दोनों पक्षों को प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। याचिकाकर्ता विवेक सिंगला ने हाईकोर्ट को बताया कि कौमी इंसाफ मोर्चे ने शनिवार को गवर्नर हाउस के घेराव का ऐलान किया है। ऐसे में बड़ी संख्या में मोर्चे के समर्थकों के चंडीगढ़ में प्रवेश करने की आशंका है। इससे शहर की कानून-व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। याचिकाकर्ता ने आशंका जताई कि इतने बड़े प्रदर्शन के दौरान किसी अप्रिय या हिंसक घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रदर्शन के कारण आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। याचिका में यह भी कहा गया कि शनिवार को स्वतंत्रता दिवस होने के कारण चंडीगढ़ में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में शहर में शांति और सामान्य स्थिति बनाए रखना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने हाल ही में अंबाला में हुई घटना का भी हवाला दिया और कहा कि बड़े जमावड़े के दौरान स्थिति अचानक बिगड़ सकती है। ऐसे में प्रशासन को पहले से पर्याप्त सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था करनी चाहिए। चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा के पहले से ही कड़े प्रबंध किए गए हैं। अधिकारियों ने अदालत को आश्वस्त किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।
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हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार को सुरक्षा व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी। अदालत ने दोनों पक्षों से प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति रिपोर्ट मांगी है।
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याचिकाकर्ता विवेक सिंगला ने कहा कि बड़ी संख्या में समर्थकों के चंडीगढ़ पहुंचने से कानून-व्यवस्था और यातायात प्रभावित हो सकता है। उन्होंने अप्रिय घटना की आशंका जताते हुए आपातकालीन सेवाओं पर असर की बात भी कही। स्वतंत्रता दिवस के कारण पहले से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का भी हवाला दिया गया। प्रशासन और पंजाब सरकार ने अदालत को बताया कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।
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गवर्नर हाउस घेराव के एलान, रोक लगाने से हाईकोर्ट का इन्कार
-हाईकोर्ट ने कहा कि शांति से प्रदर्शन का अधिकार लेकिन कानून-व्यवस्था बिगड़ने न दें-कौमी इंसाफ मोर्चे के प्रदर्शन को लेकर जनहित याचिका
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कौमी इंसाफ मोर्चे की ओर से शनिवार को पंजाब के गवर्नर हाउस के घेराव पर रोक लगाने से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इन्कार कर दिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन इसके साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो और सार्वजनिक संपत्ति को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी। इसी दिन दोनों पक्षों को प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। याचिकाकर्ता विवेक सिंगला ने हाईकोर्ट को बताया कि कौमी इंसाफ मोर्चे ने शनिवार को गवर्नर हाउस के घेराव का ऐलान किया है। ऐसे में बड़ी संख्या में मोर्चे के समर्थकों के चंडीगढ़ में प्रवेश करने की आशंका है। इससे शहर की कानून-व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। याचिकाकर्ता ने आशंका जताई कि इतने बड़े प्रदर्शन के दौरान किसी अप्रिय या हिंसक घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रदर्शन के कारण आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। याचिका में यह भी कहा गया कि शनिवार को स्वतंत्रता दिवस होने के कारण चंडीगढ़ में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में शहर में शांति और सामान्य स्थिति बनाए रखना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने हाल ही में अंबाला में हुई घटना का भी हवाला दिया और कहा कि बड़े जमावड़े के दौरान स्थिति अचानक बिगड़ सकती है। ऐसे में प्रशासन को पहले से पर्याप्त सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था करनी चाहिए। चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा के पहले से ही कड़े प्रबंध किए गए हैं। अधिकारियों ने अदालत को आश्वस्त किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।