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खुफिया इनपुट से खुलासा: बिजली मीटर बने तस्करों का नया जरिया, स्मार्ट मीटर से पाकिस्तान तक लोकेशन लीक
अनिल कुमार/गुरदेव सिंह, संवाद, हुसैनीवाला बार्डर
Published by: Nivedita
Updated Fri, 24 Apr 2026 08:50 AM IST
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सार
पंजाब के तस्कर स्मार्ट मीटर के सिम का दुरुपयोग कर सीमा पार तक लोकेशन पहुंचा रहे हैं। इसके बाद पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन उसी स्थान पर नशीले पदार्थ और हथियार गिरा रहे हैं।
स्मार्ट मीटर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीमा पार तस्करी के तरीकों में बड़ा बदलाव सामने आया है। अब बिजली के स्मार्ट मीटरों में लगे सिम का इस्तेमाल पाकिस्तान तक सटीक लोकेशन भेजने के लिए किया जा रहा है। खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के बाद तस्करी नए मॉड्यूल पर एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार स्थानीय तस्कर स्मार्ट मीटर के सिम का दुरुपयोग कर सीमा पार बैठे नेटवर्क तक लोकेशन पहुंचा रहे हैं। इसके बाद पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन उसी स्थान पर नशीले पदार्थ और हथियार गिरा रहे हैं। इससे तस्करों को फेंसिंग से काफी भीतर तक खेप पहुंचाने में आसानी हो रही है।
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जानकारी के अनुसार स्थानीय तस्कर स्मार्ट मीटर के सिम का दुरुपयोग कर सीमा पार बैठे नेटवर्क तक लोकेशन पहुंचा रहे हैं। इसके बाद पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन उसी स्थान पर नशीले पदार्थ और हथियार गिरा रहे हैं। इससे तस्करों को फेंसिंग से काफी भीतर तक खेप पहुंचाने में आसानी हो रही है।
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बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के एक अधिकारी ने बताया कि इस इनपुट को अन्य एजेंसियों के साथ साझा किया गया है और कुछ मामलों को ट्रैक किया गया है। इन पर जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार यह तरीका बेहद चौंकाने वाला है और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
खुफिया सूत्रों के अनुसार तस्करों ने इसी सिम का दुरुपयोग शुरू कर दिया है। तकनीकी रूप से इस सिम को निकालकर मोबाइल में इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे लोकेशन साझा करना संभव हो जाता है।
सीमावर्ती इलाकों में हाल के दिनों में पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन की गतिविधियां भी बढ़ी हैं। अधिकारियों के मुताबिक सटीक लोकेशन मिलने के कारण ड्रोन अब फेंसिंग के काफी भीतर तक पहुंच रहे हैं और खेप गिरा रहे हैं। इससे तस्करों को इलाके की भौगोलिक जानकारी भी मिल रही है जिसका दुरुपयोग हो सकता है।
मीटर से सिम निकाल डालते हैं मोबाइल फोन में
दरअसल पंजाब में पुराने बिजली मीटरों की जगह प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। कई जिलों में ये मीटर लग चुके हैं लेकिन इन्हें अभी पूरी तरह प्री-पेड या पोस्ट-पेड सिस्टम से नहीं जोड़ा गया है। इन मीटरों में चिपनुमा सिम और जीएसएम मॉड्यूल लगा होता है जो सामान्यतः बिजली खपत की जानकारी कंट्रोल रूम तक भेजता है।खुफिया सूत्रों के अनुसार तस्करों ने इसी सिम का दुरुपयोग शुरू कर दिया है। तकनीकी रूप से इस सिम को निकालकर मोबाइल में इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे लोकेशन साझा करना संभव हो जाता है।
सीमावर्ती इलाकों में हाल के दिनों में पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन की गतिविधियां भी बढ़ी हैं। अधिकारियों के मुताबिक सटीक लोकेशन मिलने के कारण ड्रोन अब फेंसिंग के काफी भीतर तक पहुंच रहे हैं और खेप गिरा रहे हैं। इससे तस्करों को इलाके की भौगोलिक जानकारी भी मिल रही है जिसका दुरुपयोग हो सकता है।

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