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पंजाब में अवैध खनन पर सख्ती: फ्लाइंग स्क्वॉड गठित करेगी सरकार, तकनीक आधारित निगरानी बढ़ाने के निर्देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Fri, 24 Apr 2026 01:44 PM IST
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सार
खनन मंत्री बरिंदर गोयल ने कहा कि अधिक से अधिक व्यावसायिक खनन साइटों को चालू किया जाए ताकि रेत-बजरी की आपूर्ति में सुधार हो और पारदर्शिता बनी रहे। निगरानी और नियंत्रण के लिए आधुनिक सॉफ्टवेयर के उपयोग पर भी जोर दिया गया।
अवैध खनन
- फोटो : अमर उजाला/फाइल
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विस्तार
पंजाब में अवैध खनन पर लगाम कसने के लिए सरकार फ्लाइंग स्क्वॉड गठित करेगी। खनन मंत्री बरिंदर गोयल ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को तकनीक आधारित निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मंत्री ने कहा कि अधिक से अधिक व्यावसायिक खनन साइटों को चालू किया जाए ताकि रेत-बजरी की आपूर्ति में सुधार हो और पारदर्शिता बनी रहे। निगरानी और नियंत्रण के लिए आधुनिक सॉफ्टवेयर के उपयोग पर भी जोर दिया गया।
बैठक में सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए गोयल ने बाढ़ रोकथाम से जुड़े सभी कार्य 30 जून से पहले पूरे करने के निर्देश दिए ताकि मानसून के दौरान किसी आपात स्थिति से बचा जा सके। उन्होंने नहरी पानी के तहत सिंचित क्षेत्र के मौजूदा 78 प्रतिशत दायरे को बढ़ाने के लिए भी अधिकारियों को कहा जिससे भूजल पर निर्भरता कम हो सके।
मंत्री ने नहरी पानी से जुड़ी परियोजनाओं में तेजी लाने और सेम-प्रभावित भूमि के सुधार को सभी प्रभावित जिलों तक विस्तार देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे कृषि उत्पादन और जल प्रबंधन दोनों में सुधार होगा।
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मंत्री ने कहा कि अधिक से अधिक व्यावसायिक खनन साइटों को चालू किया जाए ताकि रेत-बजरी की आपूर्ति में सुधार हो और पारदर्शिता बनी रहे। निगरानी और नियंत्रण के लिए आधुनिक सॉफ्टवेयर के उपयोग पर भी जोर दिया गया।
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बैठक में सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए गोयल ने बाढ़ रोकथाम से जुड़े सभी कार्य 30 जून से पहले पूरे करने के निर्देश दिए ताकि मानसून के दौरान किसी आपात स्थिति से बचा जा सके। उन्होंने नहरी पानी के तहत सिंचित क्षेत्र के मौजूदा 78 प्रतिशत दायरे को बढ़ाने के लिए भी अधिकारियों को कहा जिससे भूजल पर निर्भरता कम हो सके।
मंत्री ने नहरी पानी से जुड़ी परियोजनाओं में तेजी लाने और सेम-प्रभावित भूमि के सुधार को सभी प्रभावित जिलों तक विस्तार देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे कृषि उत्पादन और जल प्रबंधन दोनों में सुधार होगा।

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