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जगरांव कांड का खुलासा: नाबालिग बहनों को बेचा नहीं, जबरन शादी कराई गई
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-पैसों के लालच में रची गई साजिश, पत्नी समेत रिश्तेदार और पड़ोसन आरोपी
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जगरांव। माता-पिता की मौत के बाद बेसहारा हुई तीन बहनों में से दो नाबालिग बच्चियों की कथित बिक्री के मामले में पुलिस जांच ने चौंकाने वाला सच उजागर किया है। जांच में सामने आया कि बच्चियों को बेचा नहीं गया बल्कि उनकी उम्र छिपाकर, बिना सहमति के पैसों के बदले जबरन शादी कराई गई। इस साजिश में पीड़ित की पत्नी, उसका चचेरा भाई और पड़ोसन सहित चार लोग शामिल पाए गए हैं। थाना सदर जगरांव पुलिस ने तीन महिलाओं समेत चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
थाना सदर के इंचार्ज सुरजीत सिंह के अनुसार गुरप्रीत सिंह ने शिकायत दी थी कि उसकी पत्नी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उसकी नाबालिग भतीजियों को बेच दिया है। जांच के दौरान सामने आया कि गुरप्रीत के ताया का बेटा लक्खा सिंह बिचौलिया बना जबकि रेशम कौर और हरजिंदर कौर उर्फ मिंटू ने साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई।
अनाथ बच्चियों की आपबीती
पुलिस के मुताबिक, लखबीर सिंह और सुनीता रानी की मौत के बाद तीनों बच्चियां पहले दादा-दादी और फिर उनके निधन के बाद चाचा गुरप्रीत सिंह के संरक्षण में थीं। छह जुलाई को गुरप्रीत काम से लौटा तो बच्चियां घर से गायब थीं। कुछ दिनों बाद एक बच्ची वापस लौटी, जिसने खुलासा किया कि चाची ने उसकी और उसकी बहन की बिना सहमति शादी करवा दी।
दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने हरजिंदर कौर और रेशम कौर को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। नाबालिग विवाह और मानव तस्करी से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
ये हैं नामजद आरोपी
सुखविंदर कौर, निवासी अहमदगढ़ छन्ना, लक्खा सिंह, निवासी गांव रूमी (बिचौलिया), रेशम कौर, निवासी अयाली कलां, दाखा और हरजिंदर कौर उर्फ मिंटू, निवासी गांव रूमी।
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जगरांव। माता-पिता की मौत के बाद बेसहारा हुई तीन बहनों में से दो नाबालिग बच्चियों की कथित बिक्री के मामले में पुलिस जांच ने चौंकाने वाला सच उजागर किया है। जांच में सामने आया कि बच्चियों को बेचा नहीं गया बल्कि उनकी उम्र छिपाकर, बिना सहमति के पैसों के बदले जबरन शादी कराई गई। इस साजिश में पीड़ित की पत्नी, उसका चचेरा भाई और पड़ोसन सहित चार लोग शामिल पाए गए हैं। थाना सदर जगरांव पुलिस ने तीन महिलाओं समेत चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
थाना सदर के इंचार्ज सुरजीत सिंह के अनुसार गुरप्रीत सिंह ने शिकायत दी थी कि उसकी पत्नी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उसकी नाबालिग भतीजियों को बेच दिया है। जांच के दौरान सामने आया कि गुरप्रीत के ताया का बेटा लक्खा सिंह बिचौलिया बना जबकि रेशम कौर और हरजिंदर कौर उर्फ मिंटू ने साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई।
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अनाथ बच्चियों की आपबीती
पुलिस के मुताबिक, लखबीर सिंह और सुनीता रानी की मौत के बाद तीनों बच्चियां पहले दादा-दादी और फिर उनके निधन के बाद चाचा गुरप्रीत सिंह के संरक्षण में थीं। छह जुलाई को गुरप्रीत काम से लौटा तो बच्चियां घर से गायब थीं। कुछ दिनों बाद एक बच्ची वापस लौटी, जिसने खुलासा किया कि चाची ने उसकी और उसकी बहन की बिना सहमति शादी करवा दी।
दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने हरजिंदर कौर और रेशम कौर को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। नाबालिग विवाह और मानव तस्करी से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
ये हैं नामजद आरोपी
सुखविंदर कौर, निवासी अहमदगढ़ छन्ना, लक्खा सिंह, निवासी गांव रूमी (बिचौलिया), रेशम कौर, निवासी अयाली कलां, दाखा और हरजिंदर कौर उर्फ मिंटू, निवासी गांव रूमी।