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Lok Sabha Election 2019 Result: चंडीगढ़ में नहीं चली राहुल-प्रियंका की आंधी, किरण खेर फिर बनीं सांसद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 24 May 2019 12:19 AM IST
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किरण खेर
- फोटो : फाइल फोटो
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मोदी सुनामी के बीच भाजपा की किरण खेर एक बार फिर चंडीगढ़ की उम्मीद बन गई हैं। फिल्म अभिनेत्री से राजनीति में एंट्री करने वाली किरण खेर ने वीरवार को हुई मतगणना में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार पवन कुमार बंसल को 46970 वोटों से हरा दिया। किरण खेर को कुल 231188 वोट मिले जबकि पवन बंसल को 184218 वोट मिले। यह लगातार दूसरी बार है, जब किरण ने बंसल को हराया है। इससे पहले साल 2014 में हुए आम चुनाव में किरण खेर ने बंसल को 69642 वोटों से हराया था।
बता दें कि पवन कुमार बंसल कांग्रेस के कद्दावर नेता माने जाते रहे हैं। यूपीए-2 में वह केंद्रीय मंत्री भी रहे थे। एग्जिट पोल आने के बाद चंडीगढ़ की सीट भाजपा की झोली में जाना तय माना जा रहा था। लगभग सभी एग्जिट पोल में बताया गया था कि भाजपा की किरण खेर जीत रही हैं। वीरवार को मतगणना के पहले राउंड से ही किरण ने बंसल से बढ़त बना ली थी। पहले राउंड में किरण को 14654 वोट मिले, जबकि पवन बंसल को 13140 वोट। उसके बाद हर राउंड के साथ किरण की बढ़त बढ़ती गई।
वहीं, तीसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार व पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन रहे। उन्हें कुल 13767 वोट मिले। चौथे स्थान पर बसपा उम्मीदवार प्रवीन कुमार रहे, उन्हें 7396 वोट मिले, जबकि नोटा पांचवें स्थान पर रहा है। चंडीगढ़ में कुल 4335 लोगों ने नोटा का बटन दबाया।
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बता दें कि पवन कुमार बंसल कांग्रेस के कद्दावर नेता माने जाते रहे हैं। यूपीए-2 में वह केंद्रीय मंत्री भी रहे थे। एग्जिट पोल आने के बाद चंडीगढ़ की सीट भाजपा की झोली में जाना तय माना जा रहा था। लगभग सभी एग्जिट पोल में बताया गया था कि भाजपा की किरण खेर जीत रही हैं। वीरवार को मतगणना के पहले राउंड से ही किरण ने बंसल से बढ़त बना ली थी। पहले राउंड में किरण को 14654 वोट मिले, जबकि पवन बंसल को 13140 वोट। उसके बाद हर राउंड के साथ किरण की बढ़त बढ़ती गई।
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वहीं, तीसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार व पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन रहे। उन्हें कुल 13767 वोट मिले। चौथे स्थान पर बसपा उम्मीदवार प्रवीन कुमार रहे, उन्हें 7396 वोट मिले, जबकि नोटा पांचवें स्थान पर रहा है। चंडीगढ़ में कुल 4335 लोगों ने नोटा का बटन दबाया।
वोट शेयर बढ़ा, जीत का मार्जिन घटा
लगातार दूसरी बार जीत हासिल करने के साथ भाजपा ने अपना वोट शेयर बढ़ाया है, लेकिन जीत के मार्जिन में कमी आई है। पिछली बार किरण खेर को कुल 191362 वोट मिले थे। तब बंसल को उन्होंने 69642 वोटों से हराया था। उस दौरान पार्टी का वोट शेयर 42.2 फीसदी था। इस बार किरण खेर को कुल 231188 वोट मिले और उन्होंने पवन बंसल को उन्होंने करीब 46970 वोटों से हराया। जीत के साथ पार्टी को वोट शेयर 50.64 फीसदी तक पहुंच गया। यह बीजेपी के लिए अच्छा संकेत है।
हालांकि कांग्रेस का भी वोट शेयर बढ़ा है। पिछली दफा कांग्रेस का वोट शेयर 26.84 फीसदी था, जबकि इस बार बढ़कर 40.35 फीसदी पहुंच गया है। कांग्रेस के बढ़े वोट शेयर के पीछे माना जा रहा है कि उसने आप के वोट बैंक में सेंध लगा दी है। पिछली बार आप की वजह से ही कांग्रेस का खेल बिगड़ा था। पिछली बार आप को जो वोट मिला था, वह कांग्रेस का था। कुल मिलाकर कांग्रेस अपने पुराने वोट बैंक को वापस लाने में काफी हद तक कामयाब रहा है।
हालांकि कांग्रेस का भी वोट शेयर बढ़ा है। पिछली दफा कांग्रेस का वोट शेयर 26.84 फीसदी था, जबकि इस बार बढ़कर 40.35 फीसदी पहुंच गया है। कांग्रेस के बढ़े वोट शेयर के पीछे माना जा रहा है कि उसने आप के वोट बैंक में सेंध लगा दी है। पिछली बार आप की वजह से ही कांग्रेस का खेल बिगड़ा था। पिछली बार आप को जो वोट मिला था, वह कांग्रेस का था। कुल मिलाकर कांग्रेस अपने पुराने वोट बैंक को वापस लाने में काफी हद तक कामयाब रहा है।
पीएम मोदी की रैली रही टर्निंग प्वाइंट
चुनाव प्रचार खत्म होने से ठीक पहले शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली किरण की जीत में टर्निंग प्वाइंट साबित हुई है। मोदी से पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह आए थे, लेकिन उनकी रैली के दौरान जब लोग उठकर जाने लगे तो पार्टी को झटका लगा था। उसके बाद जब मोदी आए तो शहर की हवा ही बदल गई। शहर में मोदी फैक्टर हावी होने लगा। रैली के दौरान उन्होंने कहा भी था कि कमल के बटन पर दबाया गया हर वोट मोदी को जाएगा। उसके बाद लोगों का मन किरण की ओर झुक गया।
पवन बंसल के बूथ पर 19 वोट से जीतीं किरण
सेक्टर 28 के बूथ संख्या 228 से किरण खेर ने 19 वोट से जीत हासिल की है। दरअसल, यह बूथ कांग्रेस प्रत्याशी पवन बंसल का है, जहां पर उन्होंने वोट दिया था। पवन बंसल सेक्टर-28 में रहते हैं। यहां बंसल को 1376 वोट मिले, जबकि खेर को इस बूथ से 1395 वोट हासिल हुए।
मेरी जीत का श्रेय चंडीगढ़ में पांच सालों में मेरे किए गए कार्य और पार्टी की लीडरशिप को जाता है। मेरी जीत में विकास कार्यों के अलावा मोदी की लहर की भूमिका भी अहम रही है। दोबारा चुने जाने के बाद अब मैं पहले से चल रहे विकास कार्योँं को पूरा कराने के अलावा चंडीगढ़वासियों से किए गए वादों का जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास करूंगी।
- किरण खेर, सांसद चंडीगढ़
पवन बंसल के बूथ पर 19 वोट से जीतीं किरण
सेक्टर 28 के बूथ संख्या 228 से किरण खेर ने 19 वोट से जीत हासिल की है। दरअसल, यह बूथ कांग्रेस प्रत्याशी पवन बंसल का है, जहां पर उन्होंने वोट दिया था। पवन बंसल सेक्टर-28 में रहते हैं। यहां बंसल को 1376 वोट मिले, जबकि खेर को इस बूथ से 1395 वोट हासिल हुए।
मेरी जीत का श्रेय चंडीगढ़ में पांच सालों में मेरे किए गए कार्य और पार्टी की लीडरशिप को जाता है। मेरी जीत में विकास कार्यों के अलावा मोदी की लहर की भूमिका भी अहम रही है। दोबारा चुने जाने के बाद अब मैं पहले से चल रहे विकास कार्योँं को पूरा कराने के अलावा चंडीगढ़वासियों से किए गए वादों का जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास करूंगी।
- किरण खेर, सांसद चंडीगढ़
चंडीगढ़ में नोटा को पांचवां स्थान, 4335 लोगों ने दिया वोट
लोकसभा चुनाव में चंडीगढ़ सीट पर 36 प्रत्याशी मैदान में थे, लेकिन चंडीगढ़ के 4335 लोगों को इनमें से एक भी प्रत्याशी काबिल नजर नहीं आया। इन सभी लोगों ने नोटा का बटन दबाया है। वीरवार देर शाम जब मतगणना पूरी हुई तो नोटा को कुल 4335 वोट मिले। लोगों की नाराजगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नोटा पांचवें नंबर पर रहा है। शहर में एक ओर लोग मोदी लहर और विकास कार्यों की चर्चा कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर एक तबका बढ़ती समस्याओं से नाराज था।
डंपिंग ग्राउंड के लिए जनप्रतिनिधि लगातार वादे पर वादे करते रहे, लेकिन समस्या से कोई हल नहीं निकल पाया। वहीं, डड्डूमाजरा के लोगों ने चुनाव से पहले ही नोटा का बटन दबाने का एलान कर दिया था। जनप्रतिनिधियों ने लोगों को रिझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने। वहीं ट्रैफिक अव्यवस्थाओं से भी लोग काफी परेशान थे। लोगों का कहना था कि लगातार जाम की समस्या बढ़ रही है, लेकिन उसका कोई समाधान नहीं किया जा रहा है। पार्किंग का मुद्दा भी काफी गरमाया रहा।
प्रशासन और जनप्रतिनिधि दोनों योजना बनाते रहे, लेकिन निजात नहीं दिला सके। लगभग 10 साल से पेयजल समस्या से जूझ रहे लोगों में काफी नाराजगी थी। मतदान से एक दिन पूर्व ही लोगों ने पेयजल के लिए चक्काजाम भी किया था। लोगों का कहना था कि चंडीगढ़ में कभी सड़कें नहीं खुदी हैं, लेकिन अब तो हर जगह सड़क खुदी है।
डंपिंग ग्राउंड के लिए जनप्रतिनिधि लगातार वादे पर वादे करते रहे, लेकिन समस्या से कोई हल नहीं निकल पाया। वहीं, डड्डूमाजरा के लोगों ने चुनाव से पहले ही नोटा का बटन दबाने का एलान कर दिया था। जनप्रतिनिधियों ने लोगों को रिझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने। वहीं ट्रैफिक अव्यवस्थाओं से भी लोग काफी परेशान थे। लोगों का कहना था कि लगातार जाम की समस्या बढ़ रही है, लेकिन उसका कोई समाधान नहीं किया जा रहा है। पार्किंग का मुद्दा भी काफी गरमाया रहा।
प्रशासन और जनप्रतिनिधि दोनों योजना बनाते रहे, लेकिन निजात नहीं दिला सके। लगभग 10 साल से पेयजल समस्या से जूझ रहे लोगों में काफी नाराजगी थी। मतदान से एक दिन पूर्व ही लोगों ने पेयजल के लिए चक्काजाम भी किया था। लोगों का कहना था कि चंडीगढ़ में कभी सड़कें नहीं खुदी हैं, लेकिन अब तो हर जगह सड़क खुदी है।