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Chandigarh: जहर से नहीं ठंड और पाॅलिथीन खाने से हुई थी 60 से ज्यादा गोवंश की मौत, CFSL रिपोर्ट में खुलासा

संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 30 Jan 2026 11:12 AM IST
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सार

मजिस्ट्रियल जांच में एडीसी ने नगर निगम के संबंधित अधिकारियों, गोशाला के कर्मचारियों और पशु शव दाह प्लांट की देखरेख करने वाले स्टाफ को गंभीर लापरवाही का दोषी ठहराया है।

More than 60 cattle died from cold ingesting plastic reveals CFSL report chandigarh
गोशाला के हाल - फोटो : अमर उजाला/फाइल
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विस्तार
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चंडीगढ़ रायपुरकलां गोशाला एवं पशु शव दाह प्लांट में 60 से अधिक गोवंश की मौत के मामले में सीएफएसएल और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट आ गई है। 
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इसमें मृत गायों और बछड़ों के शरीर में किसी भी प्रकार के जहर या जहरीले पदार्थ की पुष्टि नहीं हुई है। इससे यह साफ हो गया है कि गोवंश की मौत न तो जहर देने से हुई और न ही किसी जहरीले जानवर के काटने से।

अत्याधिक ठंड और पाॅलिथीन खाने से माैत

जांच कमेटी की प्रारंभिक और अंतिम निष्कर्षों के अनुसार जिन बछड़ों का पोस्टमार्टम कराया गया, उनकी मौत का मुख्य कारण अत्यधिक ठंड लगना बताया गया है। वहीं, जिन गायों की मौत हुई, उनके पेट से बड़ी मात्रा में पॉलिथीन, प्लास्टिक और ठोस कचरा बरामद हुआ है। जांच में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि लंबे समय तक कूड़े के ढेर से प्लास्टिक और पॉलिथीन खाने के कारण गायों की पाचन प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित हो गई, जिससे अंततः उनकी मौत हो गई। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि 17 करोड़ का बजट होने के बावजूद ठंड से बचाव के इंतजाम न किए जाने से कई बछड़ों की मौत हो गई।
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इस मामले में डीसी-कम-डीएम निशांत कुमार यादव के आदेश पर एडीएम अमनदीप सिंह भट्टी की अध्यक्षता में मजिस्ट्रियल जांच कराई गई थी। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक ऑब्जर्वेशन रिपोर्ट के बाद अब टॉक्सिकोलॉजी और सीएफएसएल रिपोर्ट की फाइंडिंग भी प्रशासन को सौंप दी गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में यह पूरी जांच रिपोर्ट डीसी के साथ-साथ पीएमओ को भी भेजी जाएगी।

निगम अधिकारियों और स्टाफ पर गिरी गाज

मजिस्ट्रियल जांच में एडीसी ने नगर निगम के संबंधित अधिकारियों, गोशाला के कर्मचारियों और पशु शव दाह प्लांट की देखरेख करने वाले स्टाफ को गंभीर लापरवाही का दोषी ठहराया है। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से नियमों के तहत विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है। जांच में सामने आया है कि गोवंश के रखरखाव, साफ-सफाई और चारे की उचित व्यवस्था में भारी चूक हुई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या निकला निष्कर्ष

एडीएम अमनदीप सिंह भट्टी के नेतृत्व में एसडीएम ईस्ट खुशप्रीत कौर, पशुपालन विभाग के निदेशक नवीन और एरिया डीएसपी की टीम ने मृत गायों और बछड़ों का पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम ऑब्जर्वेशन में बताया गया है कि गायों के पेट में बड़ी मात्रा में पॉलिथीन, प्लास्टिक और ठोस कचरा जमा था। इसके चलते पाचन तंत्र पूरी तरह फेल हो गया और सांस लेने में दिक्कत के कारण दम घुटने से मौत हुई।
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