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Chandigarh News: नवजोत कौर के इस्तीफे से राजनीतिक गलियारों में चर्चा, भाजपा में शामिल होने के कयास
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अमृतसर। कांग्रेस पार्टी के भीतर अपनी विवादित बयानबाजी के लिए सुर्खियों में रहने वाली नवजोत कौर सिद्धू ने एक बार फिर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। शनिवार रात 53 दिन बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कांग्रेस से इस्तीफे का एलान कर दिया। यह कदम तब उठाया गया है जब कुछ महीने पहले ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ विवादित बयान दिए थे, जिसके बाद पार्टी हाईकमान ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था।
6 दिसंबर को एक मीडिया बयान में नवजोत कौर सिद्धू ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री पद और विधानसभा टिकट के बदले करोड़ों रुपये की मांग करती है। इस बयान ने राज्य में राजनीतिक तूफान मचा दिया था। इसके बाद, 8 दिसंबर को कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया। अब 53 दिन बाद, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब दौरे पर आ रहे हैं, मैडम सिद्धू ने कांग्रेस से अपनी राह अलग करते हुए इस्तीफा दे दिया है।
राजनीतिक गलियारों में अब कयास लगाए जा रहे हैं कि नवजोत कौर सिद्धू भाजपा में शामिल हो सकती हैं। उनकी गतिविधियों और बयानबाजी को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि वह अपनी नई राजनीतिक दिशा तय कर चुकी हैं। वहीं उनकी कोठी जो पहले सिद्धू परिवार का ठिकाना हुआ करती थी, अब सुनसान पड़ी हुई है।
सिद्धू दंपती का सोचा-समझा कदम
सिद्धू परिवार के करीबी साथी प्रदीप कुमार ने कहा कि सिद्धू दंपती पंजाब की सेवा के लिए राजनीति में आए थे। उनका एकमात्र उद्देश्य राज्य को तरक्की की दिशा में ले जाना था। अगर मैडम सिद्धू ने कांग्रेस को अलविदा कहा है तो यह उनका सोचा-समझा कदम है। प्रदीप कुमार ने यह भी बताया कि मैडम सिद्धू फिलहाल धार्मिक स्थल पर माथा टेकने के लिए गई हुई हैं और अमृतसर में अभी तक वापस नहीं आई हैं। वहीं, जिला शहरी कांग्रेस के प्रधान सौरव मदान मिट्ठू ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू पहले से ही पार्टी से बाहर थे और वे अपने कार्यों में लगे हुए थे। मैडम सिद्धू को 8 दिसंबर को सस्पेंड कर दिया गया था। उनका इस्तीफा निजी निर्णय है और पार्टी हाईकमान इस पर विचार कर रही है।
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6 दिसंबर को एक मीडिया बयान में नवजोत कौर सिद्धू ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री पद और विधानसभा टिकट के बदले करोड़ों रुपये की मांग करती है। इस बयान ने राज्य में राजनीतिक तूफान मचा दिया था। इसके बाद, 8 दिसंबर को कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया। अब 53 दिन बाद, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब दौरे पर आ रहे हैं, मैडम सिद्धू ने कांग्रेस से अपनी राह अलग करते हुए इस्तीफा दे दिया है।
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राजनीतिक गलियारों में अब कयास लगाए जा रहे हैं कि नवजोत कौर सिद्धू भाजपा में शामिल हो सकती हैं। उनकी गतिविधियों और बयानबाजी को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि वह अपनी नई राजनीतिक दिशा तय कर चुकी हैं। वहीं उनकी कोठी जो पहले सिद्धू परिवार का ठिकाना हुआ करती थी, अब सुनसान पड़ी हुई है।
सिद्धू दंपती का सोचा-समझा कदम
सिद्धू परिवार के करीबी साथी प्रदीप कुमार ने कहा कि सिद्धू दंपती पंजाब की सेवा के लिए राजनीति में आए थे। उनका एकमात्र उद्देश्य राज्य को तरक्की की दिशा में ले जाना था। अगर मैडम सिद्धू ने कांग्रेस को अलविदा कहा है तो यह उनका सोचा-समझा कदम है। प्रदीप कुमार ने यह भी बताया कि मैडम सिद्धू फिलहाल धार्मिक स्थल पर माथा टेकने के लिए गई हुई हैं और अमृतसर में अभी तक वापस नहीं आई हैं। वहीं, जिला शहरी कांग्रेस के प्रधान सौरव मदान मिट्ठू ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू पहले से ही पार्टी से बाहर थे और वे अपने कार्यों में लगे हुए थे। मैडम सिद्धू को 8 दिसंबर को सस्पेंड कर दिया गया था। उनका इस्तीफा निजी निर्णय है और पार्टी हाईकमान इस पर विचार कर रही है।
