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Chandigarh News: पद्म अवॉर्ड... पंजाब की लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा बनीं हरमनप्रीत कौर
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-भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान को पद्म श्री सम्मान
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोगा। पंजाब के मोगा जिले के गांव दुननेके की बेटी और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को भारत सरकार ने पद्म श्री पुरस्कार से नवाजा है। यह सम्मान उन्हें महिला क्रिकेट में ऐतिहासिक योगदान और टीम को पहली बार वनडे विश्व कप जीतने में अहम भूमिका निभाने के लिए दिया गया है।
हरमनप्रीत कौर का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता हरमिंदर सिंह भुल्लर मोगा जिला अदालत में वकील के मुंशी के रूप में कार्यरत हैं। परिवार में माता-पिता के अलावा दो बहनें और एक भाई हैं। बचपन से ही हरमनप्रीत को क्रिकेट का शौक था। वह अपने पिता के साथ गुरु नानक कॉलेज के ग्राउंड में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलती थीं। उस समय समाज की ओर से ताने भी मिलते थे, लेकिन पिता ने समाज की परवाह किए बिना बेटी का पूरा समर्थन किया।
छोटे मैदान से अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम तक का सफर आसान नहीं था। हरमनप्रीत ने वर्ष 2009 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया, जबकि 2014 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। वर्ष 2017 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 2025 में भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और देश को पहला वनडे विश्व कप दिलाने के योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
पिता हरमिंदर सिंह भुल्लर ने कहा- यह सभी के लिए गर्व का पल
हरमनप्रीत के पिता हरमिंदर सिंह भुल्लर ने कहा कि यह हमारे परिवार और सभी के लिए गर्व का पल है। बेटी को इतना बड़ा सम्मान मिलना हमारी खुशी शब्दों से परे है। हम भारत सरकार का दिल से धन्यवाद करते हैं। हरमनप्रीत कौर की यह उपलब्धि न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश की बेटियों के लिए प्रेरणा है। उनके संघर्ष और सफलता ने साबित कर दिया कि मेहनत और संकल्प से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोगा। पंजाब के मोगा जिले के गांव दुननेके की बेटी और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को भारत सरकार ने पद्म श्री पुरस्कार से नवाजा है। यह सम्मान उन्हें महिला क्रिकेट में ऐतिहासिक योगदान और टीम को पहली बार वनडे विश्व कप जीतने में अहम भूमिका निभाने के लिए दिया गया है।
हरमनप्रीत कौर का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता हरमिंदर सिंह भुल्लर मोगा जिला अदालत में वकील के मुंशी के रूप में कार्यरत हैं। परिवार में माता-पिता के अलावा दो बहनें और एक भाई हैं। बचपन से ही हरमनप्रीत को क्रिकेट का शौक था। वह अपने पिता के साथ गुरु नानक कॉलेज के ग्राउंड में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलती थीं। उस समय समाज की ओर से ताने भी मिलते थे, लेकिन पिता ने समाज की परवाह किए बिना बेटी का पूरा समर्थन किया।
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छोटे मैदान से अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम तक का सफर आसान नहीं था। हरमनप्रीत ने वर्ष 2009 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया, जबकि 2014 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। वर्ष 2017 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 2025 में भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और देश को पहला वनडे विश्व कप दिलाने के योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
पिता हरमिंदर सिंह भुल्लर ने कहा- यह सभी के लिए गर्व का पल
हरमनप्रीत के पिता हरमिंदर सिंह भुल्लर ने कहा कि यह हमारे परिवार और सभी के लिए गर्व का पल है। बेटी को इतना बड़ा सम्मान मिलना हमारी खुशी शब्दों से परे है। हम भारत सरकार का दिल से धन्यवाद करते हैं। हरमनप्रीत कौर की यह उपलब्धि न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश की बेटियों के लिए प्रेरणा है। उनके संघर्ष और सफलता ने साबित कर दिया कि मेहनत और संकल्प से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है।