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Chandigarh News: पार्किंग की किल्लत से बेहाल इंडस्ट्रियल एरिया, जाम बना रोजमर्रा की परेशानी
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ का इंडस्ट्रियल एरिया लंबे समय से गंभीर पार्किंग संकट से जूझ रहा है। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और फेज-2 में एलांते मॉल के सामने की पार्किंग को छोड़ दिया जाए तो पूरे क्षेत्र में कहीं भी व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा नहीं है।
मजबूरी में उद्यमी अपनी फैक्ट्रियों और प्लॉटों के सामने ही वाहन खड़े करते हैं, जिससे आए दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 में करीब 1900 औद्योगिक प्लॉट हैं। यहां फर्नीचर, स्क्रू, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिकल समेत कई तरह की इंडस्ट्री संचालित होती हैं। इन इकाइयों में आने वाले अधिकांश ग्राहक बाहरी क्षेत्रों से होते हैं। अनुमान के अनुसार उद्यमियों की करीब 5 हजार कारें रोजाना यहां खड़ी होती हैं, जबकि आने-जाने वालों की 10 हजार से अधिक गाड़ियां क्षेत्र से गुजरती और पार्क होती हैं। इसके चलते कई स्थानों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
ग्राहक आने से कतराते हैं
उद्यमियों का कहना है कि पार्किंग न होने का सीधा नुकसान कारोबार पर पड़ रहा है। सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों से यातायात बाधित होता है और ग्राहक भी आने से कतराते हैं। उद्यमियों ने प्रशासन से मांग की है कि इंडस्ट्रियल एरिया में पार्किंग के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाए। उनका यह भी कहना है कि यदि नगर निगम जमीन उपलब्ध करा दे तो उसकी देखरेख और रखरखाव की जिम्मेदारी उद्योग स्वयं उठा लेंगे।
कमेटी का किया है गठन
पार्किंग समस्या के समाधान के लिए नगर निगम ने पहले पार्षद सौरभ जोशी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था। इसमें चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल कनवर्टेड प्लॉट ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चंदर वर्मा और लघु उद्योग भारती के प्रधान अवि भसीन भी शामिल हैं। कमेटी ने सर्वे कर पार्किंग के लिए उपयुक्त स्थान भी चिह्नित किए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।
वर्जन
इंडस्ट्रियल एरिया में पार्किंग की सुविधा न होने का सीधा खामियाजा उद्यमियों को भुगतना पड़ रहा है। मजबूरी में वाहन सड़कों पर खड़े करने पड़ते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और ग्राहक भी आने से बचते हैं।
— अवि भसीन, प्रधान, लघु उद्योग भारती
पार्किंग की समस्या बेहद गंभीर है। इससे न केवल उद्योगों को नुकसान हो रहा है, बल्कि आम लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासन को इस दिशा में त्वरित कदम उठाने चाहिए।
— चंदर वर्मा, अध्यक्ष, चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल कनवर्टेड प्लॉट ओनर्स एसोसिएशन
इंडस्ट्रियल एरिया में रोज लगने वाले जाम की बड़ी वजह पार्किंग का अभाव है। यहां ट्रकों और कारों की आवाजाही लगातार रहती है। उद्यमी मजबूरी में अपने प्लॉटों के सामने वाहन खड़े करते हैं। पार्किंग समस्या का समाधान बेहद जरूरी है।
— योगेश कपूर, व्यापारी एकता मंच
प्रशासन को चाहिए कि इंडस्ट्रियल एरिया में मौजूद खाली प्लॉटों को पार्किंग के लिए चिन्हित किया जाए। इससे ट्रैफिक समस्या भी कम होगी और उद्यमियों को राहत मिलेगी।
— नरेश कुमार, प्रेसीडेंट, चंडीगढ़ फर्नीचर एसोसिएशन
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मजबूरी में उद्यमी अपनी फैक्ट्रियों और प्लॉटों के सामने ही वाहन खड़े करते हैं, जिससे आए दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 में करीब 1900 औद्योगिक प्लॉट हैं। यहां फर्नीचर, स्क्रू, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिकल समेत कई तरह की इंडस्ट्री संचालित होती हैं। इन इकाइयों में आने वाले अधिकांश ग्राहक बाहरी क्षेत्रों से होते हैं। अनुमान के अनुसार उद्यमियों की करीब 5 हजार कारें रोजाना यहां खड़ी होती हैं, जबकि आने-जाने वालों की 10 हजार से अधिक गाड़ियां क्षेत्र से गुजरती और पार्क होती हैं। इसके चलते कई स्थानों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
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ग्राहक आने से कतराते हैं
उद्यमियों का कहना है कि पार्किंग न होने का सीधा नुकसान कारोबार पर पड़ रहा है। सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों से यातायात बाधित होता है और ग्राहक भी आने से कतराते हैं। उद्यमियों ने प्रशासन से मांग की है कि इंडस्ट्रियल एरिया में पार्किंग के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाए। उनका यह भी कहना है कि यदि नगर निगम जमीन उपलब्ध करा दे तो उसकी देखरेख और रखरखाव की जिम्मेदारी उद्योग स्वयं उठा लेंगे।
कमेटी का किया है गठन
पार्किंग समस्या के समाधान के लिए नगर निगम ने पहले पार्षद सौरभ जोशी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था। इसमें चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल कनवर्टेड प्लॉट ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चंदर वर्मा और लघु उद्योग भारती के प्रधान अवि भसीन भी शामिल हैं। कमेटी ने सर्वे कर पार्किंग के लिए उपयुक्त स्थान भी चिह्नित किए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।
वर्जन
इंडस्ट्रियल एरिया में पार्किंग की सुविधा न होने का सीधा खामियाजा उद्यमियों को भुगतना पड़ रहा है। मजबूरी में वाहन सड़कों पर खड़े करने पड़ते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और ग्राहक भी आने से बचते हैं।
— अवि भसीन, प्रधान, लघु उद्योग भारती
पार्किंग की समस्या बेहद गंभीर है। इससे न केवल उद्योगों को नुकसान हो रहा है, बल्कि आम लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासन को इस दिशा में त्वरित कदम उठाने चाहिए।
— चंदर वर्मा, अध्यक्ष, चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल कनवर्टेड प्लॉट ओनर्स एसोसिएशन
इंडस्ट्रियल एरिया में रोज लगने वाले जाम की बड़ी वजह पार्किंग का अभाव है। यहां ट्रकों और कारों की आवाजाही लगातार रहती है। उद्यमी मजबूरी में अपने प्लॉटों के सामने वाहन खड़े करते हैं। पार्किंग समस्या का समाधान बेहद जरूरी है।
— योगेश कपूर, व्यापारी एकता मंच
प्रशासन को चाहिए कि इंडस्ट्रियल एरिया में मौजूद खाली प्लॉटों को पार्किंग के लिए चिन्हित किया जाए। इससे ट्रैफिक समस्या भी कम होगी और उद्यमियों को राहत मिलेगी।
— नरेश कुमार, प्रेसीडेंट, चंडीगढ़ फर्नीचर एसोसिएशन