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चंडीगढ़ मेयर चुनाव से पहले सियासत गरम: आप-कांग्रेस गठबंधन में दिखी दरार, भाजपा पार्षदों की पहरेदारी में जुटी
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 07 Jan 2026 03:56 PM IST
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सार
चंडीगढ़ में 29 जनवरी को मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव है। आप के दो पार्षदों के भाजपा में शामिल होने के बाद समीकरण बदल गए हैं।
चंडीगढ़ नगर निगम
- फोटो : फाइल
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विस्तार
चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर सियासत गरमा गई है। आप और कांग्रेस गठबंधन में दरार दिखने लगी है, वहीं भारतीय जनता पार्टी सतर्क हो गई है। पार्टी न सिर्फ विपक्षी दलों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है, बल्कि अपने पार्षदों की भी लगातार निगरानी कर रही है, ताकि कोई भी पार्षद विपक्षी खेमे के संपर्क में आकर चुनावी गणित न बिगाड़ सके।
भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को हर पार्षद की स्थिति और मनोदशा की रिपोर्ट भेजी जा रही है। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता व्यक्तिगत तौर पर पार्षदों से संवाद कर उनकी नब्ज टटोल रहे हैं। हालांकि फिलहाल भाजपा का कोई भी पार्षद पार्टी छोड़ता नजर नहीं आ रहा है, लेकिन विपक्षी दल लगातार सेंधमारी की कोशिशों में जुटे हैं। बीते दिनों आप की पार्षद सुमन और पूनम के भाजपा में शामिल होने के बाद सियासी हलचल और तेज हो गई है। इसी वजह से भाजपा किसी भी तरह की चूक से बचना चाहती है।
इस मुलाकात को केवल औपचारिक नहीं, बल्कि मेयर चुनाव के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार बैठक में चंडीगढ़ के मौजूदा राजनीतिक हालात, संगठन की मजबूती और नगर निगम में पार्टी की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व मेयर चुनाव को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है।
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भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को हर पार्षद की स्थिति और मनोदशा की रिपोर्ट भेजी जा रही है। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता व्यक्तिगत तौर पर पार्षदों से संवाद कर उनकी नब्ज टटोल रहे हैं। हालांकि फिलहाल भाजपा का कोई भी पार्षद पार्टी छोड़ता नजर नहीं आ रहा है, लेकिन विपक्षी दल लगातार सेंधमारी की कोशिशों में जुटे हैं। बीते दिनों आप की पार्षद सुमन और पूनम के भाजपा में शामिल होने के बाद सियासी हलचल और तेज हो गई है। इसी वजह से भाजपा किसी भी तरह की चूक से बचना चाहती है।
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कांटे का है चुनाव
29 जनवरी को होने वाले मेयर चुनाव से पहले नगर निगम में राजनीतिक गतिविधियां चरम पर हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों खेमों में रणनीतिक बैठकों, जोड़-तोड़ और संभावित समीकरणों को लेकर लगातार मंथन हो रहा है। मौजूदा हालात को देखते हुए यह चुनाव पूरी तरह कांटे का माना जा रहा है, जहां एक-एक वोट निर्णायक हो सकता है। इसी राजनीतिक हलचल के बीच भाजपा चंडीगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने हाल ही में भाजपा के नव-नियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से भाजपा के मुख्य कार्यालय, नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट की।इस मुलाकात को केवल औपचारिक नहीं, बल्कि मेयर चुनाव के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार बैठक में चंडीगढ़ के मौजूदा राजनीतिक हालात, संगठन की मजबूती और नगर निगम में पार्टी की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व मेयर चुनाव को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है।
आप–कांग्रेस में तकरार, दोनों दलों के नेताओं में एक्स पर जुबानी जंग
चंडीगढ़ में 29 जनवरी को होने वाले मेयर चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के बीच सियासी तनाव खुलकर सामने आ गया है। दोनों दलों के नेता सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर आमने-सामने आ गए हैं। इस आपसी तकरार ने न सिर्फ विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि भाजपा के हौसले भी बुलंद कर दिए हैं।आप चंडीगढ़ प्रभारी जरनैल सिंह ने एक्स पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए एक पोस्ट किया। पोस्ट में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाथ मिलाते हुए तस्वीर साझा की गई। पोस्ट में लिखा गया कि चंडीगढ़ में भाजपा का मेयर और कांग्रेस के पास सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के पद होना भाजपा–कांग्रेस की कथित अंदरूनी मिलीभगत का प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश अब इस ‘फर्जी लड़ाई’ को समझ चुका है।
इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष लक्की ने एक्स पर पलटवार करते हुए लिखा कि वर्ष 2024 में जब मेयर आप का था और सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर भाजपा के बने थे, तब आप किस तरह की राजनीति कर रहे थे। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार गठबंधन में दरार की स्थिति में न सिर्फ साझा प्रत्याशी तय करना मुश्किल होगा, बल्कि आप के पार्षदों में भी असमंजस और बेचैनी बढ़ती नजर आ रही है।