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Chandigarh News: शहर के बड़े कारोबारियों को फिर आई धमकी, पांच-पांच करोड़ की मांगी रंगदारी
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चंडीगढ़। सेक्टर-11 के श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास हत्याकांड में छह शूटरों की गिरफ्तारी के बाद भी शहर के कारोबारियों पर गैंगस्टरों का दबाव कम नहीं हुआ है। वीरवार को सेक्टर-11, सेक्टर-16 और सेक्टर-19 के कई बड़े कारोबारियों को विदेशी नंबरों से व्हाट्सएप कॉल और संदेश भेजकर पांच-पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। रकम न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी भी दी गई। लगातार मिल रही इन धमकियों ने शहर के व्यापारिक वर्ग में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार कई कारोबारियों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी है। इसके बाद कुछ को सुरक्षा भी उपलब्ध करवाई गई है। हालांकि अधिकांश व्यापारी औपचारिक शिकायत दर्ज कराने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बाद उनकी पहचान उजागर होने का खतरा रहता है जिससे वे गैंगस्टरों के सीधे निशाने पर आ सकते हैं।
व्यापारियों का कहना है कि पुलिस ने भले ही श्री कुमार केमिस्ट हत्याकांड में छह शूटरों को गिरफ्तार कर लिया हो लेकिन रंगदारी मांगने वाले नेटवर्क तक अब भी नहीं पहुंच सकी है। यही कारण है कि विदेशी नंबरों से धमकी भरे कॉल और संदेशों का सिलसिला लगातार जारी है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि अपराधियों में कानून का डर दिखाई नहीं दे रहा जबकि कारोबारियों का भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है।
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शहर के प्रमुख बाजारों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल, हथियारबंद जवानों और विशेष नाकों की तैनाती की गई है। इसके बावजूद व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। उनका कहना है कि केवल सुरक्षा बढ़ाने से समस्या का समाधान नहीं होगा बल्कि रंगदारी नेटवर्क को जड़ से खत्म करना होगा।
फोन बंद करने को मजबूर कारोबारी
धमकियों से परेशान कई बड़े कारोबारियों ने अपने निजी मोबाइल फोन तक बंद कर दिए हैं। उनका कहना है कि फोन ऑन करते ही विदेशी नंबरों से व्हाट्सएप कॉल, मिस्ड कॉल और धमकी भरे संदेश मिलने लगते हैं। इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है और मानसिक तनाव बढ़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस एफआईआर दर्ज कराने के दौरान पूरा विवरण मांगती है। इससे उन्हें अपनी पहचान सार्वजनिक होने का डर सताता है। इसी वजह से कई व्यापारी केवल पुलिस को सूचना देकर ही रुक जाते हैं।
गवर्नर से करेंगे मुलाकात
लगातार मिल रही धमकियों और बिगड़ती कानून-व्यवस्था से नाराज व्यापारी संगठन जल्द पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात करेंगे। प्रतिनिधिमंडल शहर में बढ़ती रंगदारी, टारगेट किलिंग और व्यापारियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाएगा।
हत्याकांड के बाद भी जारी गैंग का नेटवर्क
13 जून : सेक्टर-11 के श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास की गोली मारकर हत्या।
पुलिस ने गोल्डी ढिल्लों गैंग से जुड़े सनी मेहरा, आर्यन शर्मा और अमित कुमार को गिरफ्तार किया।
20 जून : नई टारगेट किलिंग की साजिश रचने पहुंचे हैप्पी चिब, राहुल और वंश शर्मा गिरफ्तार।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार सभी छह आरोपी गोल्डी ढिल्लों गैंग से जुड़े हुए हैं।
इसके बावजूद कारोबारियों को लगातार रंगदारी और जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
सूत्रों के अनुसार कई कारोबारियों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी है। इसके बाद कुछ को सुरक्षा भी उपलब्ध करवाई गई है। हालांकि अधिकांश व्यापारी औपचारिक शिकायत दर्ज कराने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बाद उनकी पहचान उजागर होने का खतरा रहता है जिससे वे गैंगस्टरों के सीधे निशाने पर आ सकते हैं।
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व्यापारियों का कहना है कि पुलिस ने भले ही श्री कुमार केमिस्ट हत्याकांड में छह शूटरों को गिरफ्तार कर लिया हो लेकिन रंगदारी मांगने वाले नेटवर्क तक अब भी नहीं पहुंच सकी है। यही कारण है कि विदेशी नंबरों से धमकी भरे कॉल और संदेशों का सिलसिला लगातार जारी है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि अपराधियों में कानून का डर दिखाई नहीं दे रहा जबकि कारोबारियों का भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है।
शहर के प्रमुख बाजारों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल, हथियारबंद जवानों और विशेष नाकों की तैनाती की गई है। इसके बावजूद व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। उनका कहना है कि केवल सुरक्षा बढ़ाने से समस्या का समाधान नहीं होगा बल्कि रंगदारी नेटवर्क को जड़ से खत्म करना होगा।
फोन बंद करने को मजबूर कारोबारी
धमकियों से परेशान कई बड़े कारोबारियों ने अपने निजी मोबाइल फोन तक बंद कर दिए हैं। उनका कहना है कि फोन ऑन करते ही विदेशी नंबरों से व्हाट्सएप कॉल, मिस्ड कॉल और धमकी भरे संदेश मिलने लगते हैं। इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है और मानसिक तनाव बढ़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस एफआईआर दर्ज कराने के दौरान पूरा विवरण मांगती है। इससे उन्हें अपनी पहचान सार्वजनिक होने का डर सताता है। इसी वजह से कई व्यापारी केवल पुलिस को सूचना देकर ही रुक जाते हैं।
गवर्नर से करेंगे मुलाकात
लगातार मिल रही धमकियों और बिगड़ती कानून-व्यवस्था से नाराज व्यापारी संगठन जल्द पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात करेंगे। प्रतिनिधिमंडल शहर में बढ़ती रंगदारी, टारगेट किलिंग और व्यापारियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाएगा।
हत्याकांड के बाद भी जारी गैंग का नेटवर्क
13 जून : सेक्टर-11 के श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास की गोली मारकर हत्या।
पुलिस ने गोल्डी ढिल्लों गैंग से जुड़े सनी मेहरा, आर्यन शर्मा और अमित कुमार को गिरफ्तार किया।
20 जून : नई टारगेट किलिंग की साजिश रचने पहुंचे हैप्पी चिब, राहुल और वंश शर्मा गिरफ्तार।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार सभी छह आरोपी गोल्डी ढिल्लों गैंग से जुड़े हुए हैं।
इसके बावजूद कारोबारियों को लगातार रंगदारी और जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।