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Chandigarh News: एमसीएम में श्री गुरु तेग बहादुर जी के योगदान पर संगोष्ठी
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चंडीगढ़। सेक्टर-36 के एमसीएम डीएवी कॉलेज फॉर वूमेन ने भारतीय संस्कृति, साहित्य और मानवता में श्री गुरु तेग बहादुर जी का योगदान विषय पर एक दिवसीय अंतर्विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। इस संगोष्ठी में प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, विद्वानों और विद्यार्थियों ने भाग लेकर सिखों के नौवें गुरु की महान विरासत तथा भारतीय संस्कृति, साहित्य और मानवीय मूल्यों में उनके अमूल्य योगदान पर चर्चा की।
उद्घाटन सत्र में शिक्षा एवं साहित्य जगत की अनेक विशिष्ट हस्तियां उपस्थित रहीं। पंजाबी साहित्य अकादमी लुधियाना के अध्यक्ष डॉ. सरबजीत सिंह विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गुरु तेग बहादुर जी की वाणी से प्रेरित भावपूर्ण शबद-गायन से हुआ।
मुख्य वक्ता के रूप में भाषा विभाग पंजाब के निदेशक एस जसवंत सिंह जफर ने गुरु तेग बहादुर जी की महानता और उनके अहंकार-रहित व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। डॉ. सरबजीत सिंह ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी के व्यक्तित्व को समझने के लिए पहले गुरमत परंपरा को समझना आवश्यक है, जिसके वे अभिन्न अंग हैं। शैक्षणिक सत्र में अनेक विद्वानों ने अपने विचार प्रस्तुत किए।
उद्घाटन सत्र में शिक्षा एवं साहित्य जगत की अनेक विशिष्ट हस्तियां उपस्थित रहीं। पंजाबी साहित्य अकादमी लुधियाना के अध्यक्ष डॉ. सरबजीत सिंह विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गुरु तेग बहादुर जी की वाणी से प्रेरित भावपूर्ण शबद-गायन से हुआ।
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मुख्य वक्ता के रूप में भाषा विभाग पंजाब के निदेशक एस जसवंत सिंह जफर ने गुरु तेग बहादुर जी की महानता और उनके अहंकार-रहित व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। डॉ. सरबजीत सिंह ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी के व्यक्तित्व को समझने के लिए पहले गुरमत परंपरा को समझना आवश्यक है, जिसके वे अभिन्न अंग हैं। शैक्षणिक सत्र में अनेक विद्वानों ने अपने विचार प्रस्तुत किए।