एसआईटी के सामने पेश हुए बिक्रम मजीठिया: मान पर साधा निशाना, कहा-खुद बन जाएं SIT प्रमुख, फिर करूंगा दो-दो हाथ
बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि साफ है कि जो भगवंत मान के खिलाफ मुद्दों की लड़ाई लड़ता है, उसके पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जाता है। यह बेहद गलत है। लेकिन वह कानून में विश्वास रखते हैं और अन्याय के आवाज बुलंद करते रहेंगे व हक, सच की लड़ाई लड़ेंगे।
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छह हजार करोड़ की ड्रग्स तस्करी से जुड़े मामले में पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया से सोमवार को करीब सात घंटे पूछताछ हुई। उन्हें 11 दिसंबर को नोटिस जारी कर 18 दिसंबर को पटियाला रेंज के आईजी दफ्तर में बुलाया था। सोमवार को एसआईटी के सामने मजीठिया दोपहर करीब 12 बजे पेश हुए और शाम सात बजे बाहर निकले। इस दौरान एसआईटी ने उनसे कई सवाल पूछे। एसआईटी के नोटिस पर मजीठिया अपने वकीलों के साथ पहुंचे थे लेकिन वे वकीलों को अंदर नहीं ले जा सके।
मीडिया से बातचीत में मजीठिया ने कहा कि उन्होंने एक लड़की के समर्थन में खड़े होने का एलान किया था, जो सीएम भगवंत मान को अच्छा नहीं लगा। उन्होंने कहा कि एसआईटी प्रमुख मुखविंदर सिंह छीना 31 दिसंबर को सेवानिवृत रहे हैं। ऐसे में खुद मान एसआईटी प्रमुख बन जाएं और केजरीवाल या अपने ओएसडी को मेंबर के तौर पर इसमें शामिल कर लें। फिर वह मान के साथ दो-दो हाथ करेंगे। मजीठिया ने कहा कि वह गिरफ्तारी से डरते नहीं हैं। उनकी पेशी के लिए पटियाला में लगाए गए पुलिस कर्फ्यू से साबित होता है कि सरकार उनसे डरती है।
सबूत हैं तो कोर्ट में करें पेश
मजीठिया ने कहा कि जो भगवंत मान के खिलाफ मुद्दों की लड़ाई लड़ता है, उसके खिलाफ सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जाता है। मजीठिया ने तंज कसते हुए कहा कि वह आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की तरह नहीं है, जो ईडी के सामने पेश होने की बजाय भगवंत मान के जहाज में भाग गए। शहीदी महीना खत्म होने के बाद वह मान की हर बात का जवाब देंगे। अगर सरकार के पास उनके खिलाफ कोई सबूत हैं तो इन्हें अदालत में पेश किया जाए।
2021 में दर्ज हुआ था केस
मजीठिया पर चरणजीत सिंह चन्नी सरकार के दौरान 20 दिसंबर, 2021 को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह कार्रवाई एंटी ड्रग स्पेशल टास्क फोर्स की 2018 की रिपोर्ट के आधार पर की गई। एफआईआर राज्य अपराध शाखा ने अपने मोहाली पुलिस स्टेशन में दर्ज की थी। पिछले साल अगस्त में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा ड्रग्स मामले में जमानत दिए जाने के बाद मजीठिया पटियाला जेल से बाहर आए थे। पांच महीने से अधिक समय जेल में बिताने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।