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सेवक फार्मेसी फायरिंग केस: मास्टरमाइंड डॉक्टर को जेल से लेकर आई क्राइम ब्रांच, रडार पर आया एक एएसआई

संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 24 Jan 2026 09:55 AM IST
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सार

पुलिस ने सेवक फार्मेसी पर फायरिंग के मामले में 18 जनवरी को 32 वर्षीय मास्टरमाइंड राहुल बिष्ट को गिरफ्तार किया था। आरोपी के कब्जे से नशा और हथियार बरामद हुए थे।  

Sevakh Pharmacy firing case Crime Branch brings mastermind doctor from jail
आरोपी राहुल बिष्ट - फोटो : फाइल
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विस्तार
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सेक्टर-32 में सेवक फार्मेसी में फायरिंग के मास्टरमाइंड राहुल बिष्ट उर्फ डॉक्टर को क्राइम ब्रांच शुक्रवार को बुडै़ल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाई। पुलिस ने एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के तहत तीन दिन का रिमांड हासिल किया है।

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पुलिस पूछताछ में पता लगाएगी कि राहुल ड्रग्स और हथियार कहां से लाता था और किसे सप्लाई करता था। सूत्रों के मुताबिक, वह कई पुलिसकर्मियों के संपर्क में था लेकिन अब तक किसी सिपाही की भूमिका सामने नहीं आई। क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारी खुद आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं।
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जांच में खुलासा हुआ कि राहुल लॉरेंस के करीबी साबा गोबिंदगढ़ के संपर्क में था। उसके कब्जे से 46.26 ग्राम हेरोइन, 392 ग्राम अफीम, पिस्टल मैगजीन, कारतूस, 11 मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन और अन्य सामान बरामद हुआ था। पुलिस अब राहुल के ड्रग्स नेटवर्क में जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाएगी। सूत्रों ने बताया कि जल्द बड़े खुलासे होने की संभावना है। रिमांड के दौरान आरोपी से न केवल ड्रग्स सप्लाई चैन के बारे में जानकारी ली जाएगी बल्कि हथियारों की सप्लाई और संभावित अपराधियों के लिंक की भी जांच की जाएगी। इस मामले में क्राइम ब्रांच का कहना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी होगी, और अगर किसी पुलिसकर्मी की संलिप्तता सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य यूनिट में तैनात सिपाही की भूमिका से किया इनकार

सूत्रों के अनुसार, शहर की एक मुख्य यूनिट में तैनात एक सिपाही की राहुल बिष्ट से दोस्ती थी। उस समय सिपाही सेक्टर-34 थाने में तैनात था। सेक्टर-32 में राहुल की लैब होने के कारण दोनों की अच्छी जान-पहचान हो गई थी। जब यह जानकारी क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची तो राहुल से इस संबंध में पूछताछ की गई।


पूछताछ में यह सामने आया कि वह चंडीगढ़ पुलिस के कई मुलाजिमों के संपर्क में था। हालांकि, चंडीगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में उस सिपाही की कोई भूमिका सामने नहीं आई है। वहीं तीन दिन के रिमांड के दौरान अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। चंडीगढ़ पुलिस के एक एएसआई की भूमिका संदेह के घेरे में है और जल्द उसके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सूत्रों ने बताया कि एएसआई को गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

आरोपियों से भारी मात्रा में ड्रग्स और हथियार बरामद

पुलिस ने सेवक फार्मेसी पर फायरिंग के मामले में 18 जनवरी को 32 वर्षीय मास्टरमाइंड राहुल बिष्ट को गिरफ्तार किया था। आरोपी के कब्जे से 46.26 ग्राम हेरोइन, 392 ग्राम अफीम, एक पिस्टल मैगजीन सहित दो जिंदा कारतूस, चार खाली कारतूस, 11 मोबाइल फोन, दो इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद हुआ था। इसके बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच में सामने आया है कि राहुल अफीम और हेरोइन की तस्करी के कारोबार में सक्रिय था।

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