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Chandigarh News: चंडीगढ़ के कोचिंग संस्थानों में अचानक अग्नि सुरक्षा जांच, कई जगह मिलीं कमियां
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चंडीगढ़। नगर निगम की अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं ने मंगलवार को सेक्टर-34 स्थित प्रमुख कोचिंग संस्थानों में अचानक अग्नि सुरक्षा निरीक्षण किया। छात्रों की सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों का आकलन करने के लिए किए गए इस निरीक्षण में कई परिसरों में कमियां पाई गईं, जिनके लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। अमर उजाला में मंगलवार के अंक में एक दरवाजे के भरोसे हजारों छात्र, कोचिंग हब में सुरक्षा पर बड़ा सवाल शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद निगम ने इस पर संज्ञान लिया।
चंडीगढ़ के संयुक्त आयुक्त-सह-मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. इंदर जीत की देखरेख में सेक्टर-17, सेक्टर-32, रामदरबार और मनीमाजरा अग्निशमन स्टेशनों के अधिकारियों की टीम ने जांच की। टीम ने हेलिक्स इंस्टीट्यूट, एलन कॅरिअर इंस्टीट्यूट, श्री चैतन्य एकेडमी, एलेक्स इंस्टीट्यूट, हेड मास्टर्स एकेडमी, नारायणा कोचिंग सेंटर और पीडब्ल्यू विद्यापीठ समेत कई संस्थानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आपातकालीन निकासी के लिए स्पष्ट साइनेज लगाने, तीसरी और चौथी मंजिल पर खिड़कियों की व्यवस्था करने तथा उनमें ग्रिल का उपयोग न करने के निर्देश दिए गए। कुछ संस्थानों में आग बुझाने के लिए पानी की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं पाई गई।
टीम ने अग्निशमन प्रणालियों की कार्यक्षमता, आपातकालीन निकास द्वारों, निकासी योजना और बचाव कार्यों के लिए पहुंच मार्गों की भी जांच की। साथ ही अग्नि एवं जीवन सुरक्षा मानकों के अनुपालन का मूल्यांकन किया गया। डॉ. इंदरजीत ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्रों वाले संस्थानों में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर निरीक्षण अभियान और तेज करने तथा अग्नि सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम की अग्निशमन एवं बचाव सेवाएं नियमित निरीक्षण और जागरूकता अभियान जारी रखेंगी।
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चंडीगढ़ के संयुक्त आयुक्त-सह-मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. इंदर जीत की देखरेख में सेक्टर-17, सेक्टर-32, रामदरबार और मनीमाजरा अग्निशमन स्टेशनों के अधिकारियों की टीम ने जांच की। टीम ने हेलिक्स इंस्टीट्यूट, एलन कॅरिअर इंस्टीट्यूट, श्री चैतन्य एकेडमी, एलेक्स इंस्टीट्यूट, हेड मास्टर्स एकेडमी, नारायणा कोचिंग सेंटर और पीडब्ल्यू विद्यापीठ समेत कई संस्थानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आपातकालीन निकासी के लिए स्पष्ट साइनेज लगाने, तीसरी और चौथी मंजिल पर खिड़कियों की व्यवस्था करने तथा उनमें ग्रिल का उपयोग न करने के निर्देश दिए गए। कुछ संस्थानों में आग बुझाने के लिए पानी की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं पाई गई।
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टीम ने अग्निशमन प्रणालियों की कार्यक्षमता, आपातकालीन निकास द्वारों, निकासी योजना और बचाव कार्यों के लिए पहुंच मार्गों की भी जांच की। साथ ही अग्नि एवं जीवन सुरक्षा मानकों के अनुपालन का मूल्यांकन किया गया। डॉ. इंदरजीत ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्रों वाले संस्थानों में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर निरीक्षण अभियान और तेज करने तथा अग्नि सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम की अग्निशमन एवं बचाव सेवाएं नियमित निरीक्षण और जागरूकता अभियान जारी रखेंगी।