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Chandigarh News: हाईवे की नस-नस टटोलेगा सर्वे, कब्जे, फिर चलेगा एक्शन
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चंडीगढ़। शहर के दो सबसे व्यस्त हाईवे अब प्रशासन की खास निगरानी में हैं। सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण, बार-बार धंसने वाले हिस्सों और खराब होती सतह की पहचान के लिए यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने रूट नंबर-1 और रूट नंबर-2 का टोपोग्राफिकल सर्वे कराने का फैसला किया है। इसके लिए कंसल्टेंट नियुक्त किया जाएगा जो 15 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर विभाग को सौंपेगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर सड़कों की मरम्मत, रिकॉर्पेटिंग और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
सर्वे में रूट नंबर-1 (जीरकपुर बॉर्डर से मोहाली बॉर्डर) और रूट नंबर-2 (हल्लोमाजरा से पंचकूला बॉर्डर, रेलवे लाइट पॉइंट से पंचकूला बॉर्डर और आईटी पार्क से पंचकूला सीमा तक) शामिल हैं। इन मार्गों पर सड़क की मौजूदा स्थिति, ऊंचाई-निचाई, धंसे हिस्से, जल निकासी और सड़क किनारे हुए अतिक्रमण का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा।
अतिक्रमण पर सख्ती की तैयारी
हाल ही में उपायुक्त (डीसी) की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख मार्गों पर बढ़ते अतिक्रमण को गंभीर चिंता का विषय माना गया था। बैठक में कहा गया कि सड़क की चौड़ाई कम होने और किनारों पर कब्जों से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। इसी के मद्देनजर इंजीनियरिंग विभाग को निर्देश दिए गए कि हाईवे पर जहां-जहां अतिक्रमण है, उसे सर्वे के दौरान चिह्नित कर रिपोर्ट तैयार की जाए ताकि समयबद्ध कार्रवाई हो सके। टोपोग्राफिकल सर्वे केवल अतिक्रमण तक सीमित नहीं रहेगा। रिपोर्ट में उन स्थानों की भी पहचान होगी जहां सड़क बार-बार धंसती है या टूटती है। इसके आधार पर रिकॉर्पेटिंग के दौरान जरूरत के अनुसार अधिक मोटाई (एमएम) की परत बिछाई जाएगी और स्थायी समाधान तैयार किया जाएगा। विभाग के मुताबिक इससे बार-बार होने वाले पैचवर्क की जरूरत कम होगी और सड़कों की उम्र बढ़ेगी।
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पूरे शहर की सड़कों का बन रहा डिजिटल रिकॉर्ड
इंजीनियरिंग विभाग चरणबद्ध तरीके से शहर की सभी प्रमुख सड़कों का टोपोग्राफिकल सर्वे करा रहा है। प्रत्येक सड़क की रिपोर्ट विभाग के स्थायी रिकॉर्ड का हिस्सा बनेगी। भविष्य में किसी भी सड़क की मरम्मत, चौड़ीकरण, रिकॉर्पेटिंग या विकास कार्य से पहले यही रिपोर्ट आधार बनेगी।
रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
प्रशासन के मुख्य अभियंता सीबी ओझा ने बताया कि रूट नंबर-1 और 2 शहर के सबसे महत्वपूर्ण हाईवे हैं। सर्वे के जरिये सड़क की तकनीकी स्थिति के साथ-साथ अतिक्रमण की भी सटीक पहचान होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित एजेंसियां अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेंगी जबकि इंजीनियरिंग विभाग उसी आधार पर पैचवर्क और रिकॉर्पेटिंग की योजना तैयार करेगा।
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सर्वे में रूट नंबर-1 (जीरकपुर बॉर्डर से मोहाली बॉर्डर) और रूट नंबर-2 (हल्लोमाजरा से पंचकूला बॉर्डर, रेलवे लाइट पॉइंट से पंचकूला बॉर्डर और आईटी पार्क से पंचकूला सीमा तक) शामिल हैं। इन मार्गों पर सड़क की मौजूदा स्थिति, ऊंचाई-निचाई, धंसे हिस्से, जल निकासी और सड़क किनारे हुए अतिक्रमण का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा।
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अतिक्रमण पर सख्ती की तैयारी
हाल ही में उपायुक्त (डीसी) की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख मार्गों पर बढ़ते अतिक्रमण को गंभीर चिंता का विषय माना गया था। बैठक में कहा गया कि सड़क की चौड़ाई कम होने और किनारों पर कब्जों से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। इसी के मद्देनजर इंजीनियरिंग विभाग को निर्देश दिए गए कि हाईवे पर जहां-जहां अतिक्रमण है, उसे सर्वे के दौरान चिह्नित कर रिपोर्ट तैयार की जाए ताकि समयबद्ध कार्रवाई हो सके। टोपोग्राफिकल सर्वे केवल अतिक्रमण तक सीमित नहीं रहेगा। रिपोर्ट में उन स्थानों की भी पहचान होगी जहां सड़क बार-बार धंसती है या टूटती है। इसके आधार पर रिकॉर्पेटिंग के दौरान जरूरत के अनुसार अधिक मोटाई (एमएम) की परत बिछाई जाएगी और स्थायी समाधान तैयार किया जाएगा। विभाग के मुताबिक इससे बार-बार होने वाले पैचवर्क की जरूरत कम होगी और सड़कों की उम्र बढ़ेगी।
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पूरे शहर की सड़कों का बन रहा डिजिटल रिकॉर्ड
इंजीनियरिंग विभाग चरणबद्ध तरीके से शहर की सभी प्रमुख सड़कों का टोपोग्राफिकल सर्वे करा रहा है। प्रत्येक सड़क की रिपोर्ट विभाग के स्थायी रिकॉर्ड का हिस्सा बनेगी। भविष्य में किसी भी सड़क की मरम्मत, चौड़ीकरण, रिकॉर्पेटिंग या विकास कार्य से पहले यही रिपोर्ट आधार बनेगी।
रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
प्रशासन के मुख्य अभियंता सीबी ओझा ने बताया कि रूट नंबर-1 और 2 शहर के सबसे महत्वपूर्ण हाईवे हैं। सर्वे के जरिये सड़क की तकनीकी स्थिति के साथ-साथ अतिक्रमण की भी सटीक पहचान होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित एजेंसियां अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेंगी जबकि इंजीनियरिंग विभाग उसी आधार पर पैचवर्क और रिकॉर्पेटिंग की योजना तैयार करेगा।