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Chandigarh: सीएचबी की अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई पर पहली बार बोले प्रशासक, कहा-हम पर दबाव नहीं चलेगा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 13 Apr 2026 02:03 AM IST
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सार
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया सेक्टर-35 स्थित आईएमए भवन में चंडीगढ़ रेजिडेंट्स एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन (क्राफ्ड) की बैठक में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे।
चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) की ओर से मकानों में वायलेशन और अतिक्रमण के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है।
रविवार को सेक्टर-35 स्थित आईएमए भवन में चंडीगढ़ रेजिडेंट्स एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन (क्राफ्ड) की बैठक बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे कटारिया ने कहा कि इन दिनों यह मामला काफी गर्म है और लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से सवाल करते हुए कहा कि सबसे पहले कोर्ट कौन गया था। कोर्ट के आदेश के बाद ही प्रशासन कार्रवाई कर रहा है।
कटारिया ने स्पष्ट किया कि 1200 लोगों के घर तोड़े जाने की बात कही जा रही है लेकिन यह व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने सरकारी जमीन पर अवैध रूप से तीन-तीन मंजिला मकान बना लिए हैं, जिससे स्थिति जटिल हो गई है। प्रशासक ने संकेत दिया कि प्रशासन कानून के दायरे में रहकर इस समस्या का समाधान निकालने का प्रयास करेगा ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
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रविवार को सेक्टर-35 स्थित आईएमए भवन में चंडीगढ़ रेजिडेंट्स एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन (क्राफ्ड) की बैठक बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे कटारिया ने कहा कि इन दिनों यह मामला काफी गर्म है और लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से सवाल करते हुए कहा कि सबसे पहले कोर्ट कौन गया था। कोर्ट के आदेश के बाद ही प्रशासन कार्रवाई कर रहा है।
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कटारिया ने स्पष्ट किया कि 1200 लोगों के घर तोड़े जाने की बात कही जा रही है लेकिन यह व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने सरकारी जमीन पर अवैध रूप से तीन-तीन मंजिला मकान बना लिए हैं, जिससे स्थिति जटिल हो गई है। प्रशासक ने संकेत दिया कि प्रशासन कानून के दायरे में रहकर इस समस्या का समाधान निकालने का प्रयास करेगा ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
डराकर नहीं झुका सकते हमें
उन्होंने कहा कि हमारे खिलाफ दंगल शुरू हो गया है लेकिन हमें डराकर या धमकाकर झुकाया नहीं जा सकता। अगर कोई दबाव बनाकर काम कराना चाहता है तो यह नहीं चलेगा।’ उन्होंने कहा कि प्रशासन को कोर्ट में शपथ पत्र देना है इसलिए नियमों के अनुसार कार्रवाई जरूरी है। कटारिया ने कहा, ‘हमारे अंदर भी मानवीय दिल है। हम भी किसी के बेटे हैं और हमें भी लोगों का दर्द समझ आता है। पहले डीसी की ओर से करीब सात हजार नोटिस जारी किए गए थे जो घटकर ढाई हजार रह गए हैं। लोगों को बुलाकर और समझाकर कई मामलों को ठीक कराया गया है।’अब हर महीने होगी क्राफ्ड की बैठक
क्राफ्ड की समस्याओं के समाधान को लेकर कटारिया ने कहा कि अब हर महीने क्राफ्ड के साथ बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि बैठक में आने से पहले सभी प्रतिनिधि अपनी-अपनी आरडब्ल्यूए से फीडबैक लेकर आएं ताकि समस्याओं पर विस्तार से चर्चा कर उनका समाधान निकाला जा सके। कटारिया ने कहा कि किसी भी समस्या का हल आपसी बातचीत और साथ बैठकर निकाला जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी कागजों की प्रक्रिया लंबी होती है, इसलिए संवाद के माध्यम से काम तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने क्राफ्ड के स्मारिका का विमोचन किया। मंच संचालन डॉ. अनीष गर्ग ने किया।क्राफ्ड के चेयरमैन हितेश पुरी ने रखी ये मांग
-हाउसिंग बोर्ड के मकानों में तोड़फोड़ पर रोक लगाई जाए-शहर के बच्चों को नौकरियों में 85 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए
-मेयर और पार्षदों को अधिक अधिकार दिए जाने चाहिए
-आरडब्ल्यूए को भी अधिक शक्तियां दीं जानी चाहिए
-दक्षिणी सेक्टरों में क्लब बनाने की मांग
-मनीमाजरा में गंदे पानी की समस्या जल्द दूर हो
-नेबरहुड नर्सिंग होम को अनुमति दी जाए