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छात्रा के भविष्य को प्रशासनिक असुविधा से ऊपर रखा जाए: हाईकोर्ट
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि किसी छात्र के शैक्षणिक भविष्य को विश्वविद्यालय की प्रशासनिक गलती से प्रभावित नहीं होना चाहिए। अदालत ने पंजाब यूनिवर्सिटी को निर्देश दिया कि एलएलबी की छात्रा के लिए विशेष परीक्षा आयोजित की जाए, जिसे गलती से गलत प्रश्नपत्र दिया गया था।
जस्टिस कुलदीप तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण छात्रा को पूरा शैक्षणिक वर्ष गंवाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। छात्रा ने सभी सेमेस्टर सफलतापूर्वक पास कर लिए थे, लेकिन लॉ ऑफ क्राइम-2 विषय में पहली बार असफल रही। मई 2025 में पुनः परीक्षा में उसे भारतीय न्याय संहिता का प्रश्नपत्र दे दिया गया, जिसे छात्रा ने मजबूरी में हल किया। अक्तूबर 2025 में परिणाम घोषित होने पर उसे अनुपस्थित दिखाया गया।
हाईकोर्ट ने कहा कि पुराने और नए पाठ्यक्रम की संयुक्त परीक्षा में प्रश्नपत्र वितरण में पूरी सतर्कता जरूरी थी। परीक्षा के दौरान हुई गलती को सुधारने का कोई तंत्र लागू नहीं था। विश्वविद्यालय के नियम अपनी ही गलती सुधारने में बाधा नहीं बनने चाहिए, खासकर जब छात्रा का भविष्य दांव पर हो। पंजाब यूनिवर्सिटी ने कहा कि विशेष परीक्षा जनवरी 2026 में कराना संभव नहीं था लेकिन हाईकोर्ट ने छात्रा के भविष्य को देखते हुए स्पष्ट आदेश दिया कि उसके लिए विशेष परीक्षा आयोजित की जाए।
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जस्टिस कुलदीप तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण छात्रा को पूरा शैक्षणिक वर्ष गंवाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। छात्रा ने सभी सेमेस्टर सफलतापूर्वक पास कर लिए थे, लेकिन लॉ ऑफ क्राइम-2 विषय में पहली बार असफल रही। मई 2025 में पुनः परीक्षा में उसे भारतीय न्याय संहिता का प्रश्नपत्र दे दिया गया, जिसे छात्रा ने मजबूरी में हल किया। अक्तूबर 2025 में परिणाम घोषित होने पर उसे अनुपस्थित दिखाया गया।
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हाईकोर्ट ने कहा कि पुराने और नए पाठ्यक्रम की संयुक्त परीक्षा में प्रश्नपत्र वितरण में पूरी सतर्कता जरूरी थी। परीक्षा के दौरान हुई गलती को सुधारने का कोई तंत्र लागू नहीं था। विश्वविद्यालय के नियम अपनी ही गलती सुधारने में बाधा नहीं बनने चाहिए, खासकर जब छात्रा का भविष्य दांव पर हो। पंजाब यूनिवर्सिटी ने कहा कि विशेष परीक्षा जनवरी 2026 में कराना संभव नहीं था लेकिन हाईकोर्ट ने छात्रा के भविष्य को देखते हुए स्पष्ट आदेश दिया कि उसके लिए विशेष परीक्षा आयोजित की जाए।
